गरीब का बच्चा ही तो मरा है ,किसी मुख्यमंत्री ,मंत्री ,सांसद , विधायक का तो नहीं था ना ,

गरीब का बच्चा ही तो मरा है ,किसी मुख्यमंत्री ,मंत्री ,सांसद , विधायक का तो नहीं था ना ,

धिक्कार –

 

1 साल के बीमार बेटे को सीने से लगाकर इलाज के लिए चीखता रहा पिता, डॉक्टरों ने छुआ तक नहीं, बच्चे की मौत

कानपुर (अटल  हिन्द  ब्यूरो ): यहां कन्नौज (kannauj) में दिल को दहला देने वाला मामला सामने आया है। इस घटना की जो वीडियो सामने

आई है उसे देखकर लोगों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। कन्नौज के जिला अस्पताल के बाहर रविवार शाम एक पिता द्वारा

अपने एक साल के बेटे के शव से लिपटकर अस्पताल में रोने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक शख्स अपने मृत बच्चे को सीने से

चिपकाये फूट-फूटकर रोता हुआ नजर आ रहा है। पास ही बैठी उसकी पत्नी भी बुरी तरह रो रही है। सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप ने बताया

उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। अगर शिकायत आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक बच्चे की मौैत

दिमागी बुखार से हुई और डॉक्टरों ने कोरोना के डर से उसे छुआ तक नहीं।मां-बाप का कहना है कि जब वे अस्पताल पहुंचे तो बच्चा बुखार

से तप रहा था, गले में सूजन थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दंपती का आरोप है कि वे डॉक्टरों के सामने बच्चे के इलाज को गिड़गिड़ाते

रहे। माता-पिता का आरोप है कि, डॉक्टरों ने बच्चे को छूने से मना कर दिया, वे कहने लगे कि इसे कानपुर ले जाओ, जो कि तकरीबन 90

किलोमीटर दूर था। इसी बीच बच्चे की मौत हो गई। हालांकि, कन्नौज जिला प्रशासन और अस्पताल की ओर से इन आरोपों का खंडन किया

गया है।मृतक बच्चे के पिता प्रेमचंद का कहना है, जब मीडिया वाले आए तो बच्चे को भर्ती किया गया तभी उसकी मौत हो गई।  उधर,

अस्पताल के साथ-साथ जिला प्रशासन का कहना है, ‘बच्चे को तुरंत भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। उसे गंभीर हालत में यहां लाया गया

। प्रयास के बावजूद उसकी मौत हो गई। इसमें किसी की भी कोई लापरवाही नहीं है।मामला कुछ भी रहा हो आखिर मौत तो मौत है इसकी

जबाबदेही तय करनी होगी और यूपी सरकार को सार्वजनिक रूप से इस बच्चे की मौत की जिम्मेवारी लेकर माफ़ी मांगनी चाहिए। यही नहीं

में नेताओ और उनके रिश्तेदारों पर बने प्रोटोकॉल की तरह आम जनता को भी वे सभी सुविधाएँ तुरंत मिलनी चाहिए जो आम जनता द्वारा

चुने  नेताओ को मिल रही है। कोई भी नेता बीमार होता है या हल्का खांसी जुकाम भी होता है तो उसे वीवीआईपी चिकित्सा सुविधा दी जाती

है आखिर क्यों क्या खास होता है उस नेता में कल तक यूँ ही सड़क पर फिरता था और कुर्सी से उतरने  भी उसे वही वीवीआईपी सुविधाएँ

क्यों मिलती है। इस देश में अमीर और गरीब के लिए अलग कानून क्यों ?

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