अनिल विज (Anil Vij)ने आँखे क्या दिखाई एसइटी को मिली एसआइटी की पावर

अनिल विज ने आँखे क्या दिखाई एसइटी को मिली एसआइटी की पावर
atal hind
Anil Vij showed his eyes to SIT

जींद। हरियाणा सरकार ने शराब घोटाले की तह में जाने तथा तस्करों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई के लिए स्पेशल इंक्वायरी टीम (एसइटी) को पावरफुल बना दिया है। सीनियर आइएएस अधिकारी टीसी गुप्ता के नेतृत्व वाली इस एसइटी को सीआरपीसी की धारा 32 के चैप्टर-10 की शक्तियां दे दी गई र्हं। यह शक्तियां मिलने के बाद टीसी गुप्ता की एसइटी एक तरह से एसआइटी बन गई है। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने शराब घोटाले की जांच के लिए एसआइटी (स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम) बनाने का ऐलान किया था, लेकिन अधिकारियों ने राजनीतिक इशारे पर गेम करते हुए इसे एसइटी (स्पेशल इंक्वायरी टीम) बनाने के आदेश जारी कर दिए। ऐसा करने के बाद अनिल विज की प्रतिष्ठा भी दांव पर लग गई। हालांकि उन्होंने खुले तौर पर एसआइटी को एसइटी में बदलने का विरोध नहीं किया,लेकिन बताते हैं कि उन्होंने सरकार के समक्ष कड़ी नाराजगी जाहिर की,जिसके बाद एसइटी को अब पावर दे दी गई है। गृह मंत्री अनिल विज ने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयवर्धन को पत्र लिखकर कहा कि एसइटी को सीआरपीसी के सेक्शन-32 के चेप्टर-10 की शक्ति दी जाएं। इसके बाद एसइटी आरोपित भूपेंद्र सिंह से भी पूछताछ कर सकेगी। सोनीपत पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए भूपेंद्र सिंह से एसइटी पूछताछ करना चाहती थी, लेकिन उसके पास कानूनी अधिकार नहीं थे। विज के नोटिस में यह मामला आते ही उन्होंने इसे आधार बनाते हुए एसइटी को पावरफुल बनवा दिया। भूपेंद्र सिंह से पूछताछ में एसइटी शराब घोटाले में शामिल कई नेताओं व अफसरों के नामों का भी पता लगा सकती है। शक्तियां नहीं होने की वजह से फिलहाल तक एसइटी स्टॉक की ही जांच कर ही थी। पुलिस की कार्यशैली से नाखुश दिखी एसइटी ने रोहतक रेंज के एडीजीपी संदीप खिरवार द्वारा रोहतक एसपी राहुल शर्मा की अध्यक्षता में बनाई गई एसआइटी को फिर से शराब की बोतलों की गिनती करने के आदेश दिए हैं। दूसरी ओर सोनीपत,पानीपत, यमुनानगर,फतेहाबाद,रेवाड़ी व नारनौल के बाद अब कुरुक्षेत्र में भी शराब घोटाला खुल गया है। यहां भी पुलिस मालखाने ने भारी मात्रा में शराब गायब मिली है। इन घोटालों की जांच के लिए ही सरकार ने वरिष्ठ आइएएस टीसी गुप्ता की अध्यक्षता वाली एसइटी को निर्देशित किया है। एसइटी में एडीजीपी सुभाष यादव व एक्साइज डिपार्टमेंट के एडिशनल कमिश्नर विजय सिंह शामिल हैं। एसइटी को कानूनी अधिकार देने से जुड़े मामले में गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि जांच टीम को किसी भी आरोपी व अन्य लोगों से पूछताछ व बयान दर्ज करने की पावर होनी चाहिए। ऐसा मैंने किया है। अब अधिक बारीकी और गहराई से शराब घोटाले की जांच हो सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »
error: Content is protected !!
%d bloggers like this:
Breaking News