Monday, March 18, 2019
BREAKING NEWS
कर्मगढ़ गांव में शहीद रमेश कुमार लाइब्रेरी का उद्घाटन शिक्षा ही सबसे बड़ा धन-रामनिवास सुरजाखेड़ा हरियाणा में 10 लोकसभा सीटों पर खिलेगा कमल-कृष्ण बेदीकाग्रेस नेत्री विद्या रानी दनोदा ने किए गांवों के दौरे ेदेश व प्रदेश में काग्रेस लहराएगी परचम-विद्या रानी दनोदा क्षमता से अधिक भंडारण पाए जाने पर राजस्व बिभाग की टीम ने की कार्यवाहीदेश में 53 जवान शहीद हो गए और बीजेपी सरकार उनकी शहादत पर गौरव यात्रा निकल रही है, जोकि बड़ी ही निंदनीय बात है-दुष्यंत चौटालालोकसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी पूरी तरह तैयार: गौरव गोयलगेस्ट टीचरों के 58 साल तक स्थायीत्व व छह माह में महंगाई भत्ता देने की मांग को सरकार ने गंभीरता से लिया है।पिता अपने दोनों बच्चों समेत ट्रेन के आगे कूदा, पिता-पुत्र की मौतलुहारी गांव में 109 परिवारों ने जताई भाजपा में आस्था, मोदी को बताया सशक्त प्रधानमंत्रीचप्पे-चप्पे पर चप्पल की चर्चा: दुष्यंत चौटाला

Literature

सत्संग से हमारा मन भगवान की याद में रम जाता है- ब्रहमचारिणी साध्वी ऋषि महाराज

May 02, 2018 02:48 PM
नरेन्द्र जेठी

सत्संग से हमारा मन भगवान की याद में रम जाता है- ब्रहमचारिणी साध्वी ऋषि महाराज
नरवाना 2 मई, (नरेन्द्र जेठी): ब्रहमचारिणी साध्वी ऋषि महाराज ने कहा कि सदा भगवान की कृपा के पात्र बने रहने के लिए सभी को सत्संग कीर्तन करते रहना चाहिए। सत्संग से हमारा मन भगवान की याद में रम जाता है और हमें दुखों को सहन करने की शक्ति मिल जाती है। खुशी जैसी कोई खुराक नहीं होती। इसलिए भगवान को सच्चे दिल से याद करने से मन शांत व दिल खुशियों से भर जाता है। ये बातें उन्होंने अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित तीन दिवसीय ब्रहमज्ञान यज्ञ के समापन अवसर पर बोलते हुए कही। यह कार्यक्रम कलाधारी सत्संग मंडल बीरबल नगर द्वारा आयोजित किया गया। महिलाओं ने भजन गाकर प्रभु की महिमा की जिससे माहौल भक्तिरस में डूब गया। इस अवसर पर भण्डारे का भी आयोजन किया गया। जिसमें काफी संख्या में लोगों ने भोजन प्रसाद को ग्रहण किया। कार्यक्रम में बहन सुदेश, बहन इंदू, कृष्णा, बीना, आरती, निर्मला, संतोष, सरोज, रोशनी सहित कई महिलाओं ने भजन कीर्तन में बढचढ कर भाग लिया। प्रवचन में साध्वी ऋषि महाराज ने बताया कि पचास साल पहले ब्रहमज्ञानी महान जी महाराज ने भगवान के आदेश पर इस संस्था की नींव रखी। तब से ही यह संस्था आध्यात्मिक व सामाजिक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आंखो से दिखने वाले इस मायावी संसार में उलझ कर इंसान भगवान को भूल जाता है। एक भगवान ही हमारी जीवन नैयया को सुख शांति पूर्वक पार लगा सकता है इसलिए हमें भजन कीर्तन पूजा अर्चना द्वारा भगवान का साथ बनाए रखना चाहिए।

Have something to say? Post your comment

More in Literature

होली आई रे .... होलिका दहन, 20 मार्च की रात्रि 9 बजे के बाद, रंग वाली होली 21 को।

गुरू मां सम्मेलन में मिलती है अनोखी अलौकिक शक्तियां : सुरेंद्र पंवार

खाटू श्याम में बाबा का मेला शुरू, श्याममय हुआ समूचा क्षेत्र, प्रतिदिन गुजरने लगे है श्याम प्रेमियों के जत्थे

शीश के दानी का सारे जग में डंका बाजे ने देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी एक अलग पहचान बनाई - लखबीर सिंह लख्खा

श्रीमद् भागवत कथा का प्रारंभ आज

मदहोश होकर लोग हुए आउट आफ कंट्रोल हरिनाम संकीर्तन में

अबकि बार मकर संक्रांति पर्व 14 जनवरी नहीं बल्कि 15 जनवरी को ही मान्य - पं. रामकिशन

सांई के जीवन से साधारण इंसान को अच्छा मनुष्य बनने में प्रेरणा मिलती है : सुमित पोंदा

कैथल में पूजा अर्चना के साथ हुआ श्री साई अमृत कथा का शुभारंभ

बोले सो निहाल-सत श्री अकाल धर्म हेत साका जिन किया, शीश दीया पर सिर न दिया