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Haryana

सतनाली महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने एक बार फिर लगाई स्नातकोत्तर कक्षाएं आरंभ करवाने की गुहार

सतनाली से प्रिंस लांबा की रिपोर्ट | July 08, 2018 07:12 PM
सतनाली से प्रिंस लांबा की रिपोर्ट

सतनाली महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने एक बार फिर लगाई स्नातकोत्तर कक्षाएं आरंभ करवाने की गुहार
2 वर्ष से चली आ रही है मांग, विभाग व शिक्षा मंत्री को बार-बार अवगत करवाने की बाद भी नहीं हुआ समाधान


सतनाली मंडी (प्रिंस लांबा)।

 

शिक्षा मंत्री का गृहक्षेत्र होने के बावजूद स्नातकोत्तर कक्षाओं के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं सतनाली महाविद्यालय के विद्यार्थी। कई बार इस समस्या से अवगत करवाए जाने के बाद भी शिक्षा विभाग नहीं उठा रहा कोई कदम, जिसको लेकर कस्बा स्थित राजकीय महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने एम.ए. की कक्षाएं आरंभ करने के लिए एक बार फिर मांग उठाई है। सतनाली स्थित महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने एम.ए. की कक्षाएं आरंभ करवाने के एक बार फिर लिखित में शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।

इस बारे में जानकारी देते हुए विद्यार्थियों ने बताया कि वे एम.ए. स्नातकोत्तर की कक्षाएं शुरू करने के लिए पिछले लगभग 2 वर्ष से मांग करते आ रहे हैं परंतु शिक्षा विभाग द्वारा उनकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पहले विभाग इस बात को यह कहकर टाल-मटोल करता आ रहा था कि हमारे पास जगह का अभाव है, न ही सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा कॉलेज भी उधार ली गई जगह पर चल रहा है परंतु आज देखा जाए तो करोड़ों की लागत से बने नवनिर्मित कॉलेज भवन में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं फिर भी ये कक्षाएं आरंभ नहीं की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रही मांग को लेकर सभी विद्यार्थियों को उम्मीद थी कि नवनिर्मित कॉलेज भवन में नए शिक्षा सत्र से उन्हें स्नातकोत्तर के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा परंतु अब सभी विद्यार्थियों को अपनी आशाओं पर पानी फिरता नजर आ रहा है। नतीजतन विद्यार्थियों को एमए व एमएससी के लिए 80 से 100 किलोमीटर दूर भिवानी, रोहतक आदि बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ा। ज्ञात रहे कि राजकीय महाविद्यालय में स्नातकोत्तर कक्षाओं की शुरुआत की मांग लंबे समय से छात्र संगठनों द्वारा की जा रही है। यहां तक अनेकों बार शिक्षा विभाग व शिक्षा मंत्री को भी लिखित व मौखिक रूप में स्नातकोत्तर कक्षाओं को लेकर अवगत करवाया जा चुका है परंतु अभी तक स्नातकोत्तर की कॉलेज में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।

विद्यार्थियों ने कहा कि कॉलेज में बीए फाइनल, बीएसी व बीकॉम फाइनल के 400 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। लेकिन एमए नहीं होने से इन विद्यार्थियों को बड़े शहरों की ओर रुख करना होता है। इन कक्षाओं की सुविधा न होने से छात्राओं को पढ़ाई छोडऩी पड़ रही है तथा स्नातकोत्तर के लिए सबसे अधिक परेशान भी छात्राओं को होना पड़ता है। कस्बे में स्नातक की सुविधा होने से अभिभावक उन्हें कॉलेज भेज देते हैं, लेकिन कस्बे से बाहर जाने की इजाजत नहीं देते। इस वजह से छात्राओं को स्नातकोत्तर की पढ़ाई अधूरी ही छोडऩी पड़ती है। अगर इन कक्षाओं का संचालन शुरू होता है तो सबसे अधिक लाभ सतनाली क्षेत्र की विद्यार्थियों को ही मिलता है।

लंबे समय से चल रही इस मांग को लेकर ही आज राजकीय महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने एक बार फिर शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है ताकि क्षेत्र में ही स्नातकोत्तर की सुविधा उपलब्ध हो सके और विद्यार्थियों को पढ़ाई अधूरी न छोडऩी पड़े। इस मौके पर मोनू शेखावत, भवानी, विरेंद्र, अजय, निशु, मनोज, अक्षय, अमित, श्याम, मुकेश, कुलदीप, अरविंद, अशोक, हरिराम, सचिन, रवि, राकेश, देशराज, दीपक, अंकित, कपिल, अनिल, विपुल, पूजा, निशा, भारती, रजनी, मोनिका, रितु, सरिता, पुनम, मीना, सलमा, रीना, मनीषा, कविता आदि विद्यार्थी उपस्थित रहे।

 


फोटो कैप्शन: स्नाकोत्तर कक्षाएं आरंभ करवाने की मांग करते विद्यार्थी।

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