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कालेज छात्राओं व शिक्षकों ने अशक्त बच्चों द्वारा बनाई गई नायाब वस्तुओं की जमकर की खरीदारी

रणबीर रोहिल्ला | October 25, 2018 04:40 PM
रणबीर रोहिल्ला

कालेज छात्राओं व शिक्षकों ने अशक्त बच्चों द्वारा बनाई गई नायाब वस्तुओं की जमकर की खरीदारी
मानसिक रूप से अशक्त बच्चों की दिवाली को सजाने के लिए जीवीएम ने की विशेष पहल


रणबीर रोहिल्ला, सोनीपत।

प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। भले ही शारीरिक विकलांगता हो अथवा मानसिक। इसका ज्वलंत उदाहरण गुरुवार को जीवीएम गल्र्ज कालेज में देखने को मिला, जहां मानसिक रूप से अशक्त बच्चों द्वारा बनाई गई मोमबत्तियां तथा अन्य सजावटी सामान की स्टॉल सजाई गई। सभी स्टॉलों पर कालेज की छात्राओं की खासी भीड़ लगी रही। इस सफल आयोजन के लिए संस्था के प्रधान डा. ओपी परूथी व प्राचार्या डा. ज्योति जुनेजा ने बधाई देते हुए मानसिक अशक्त बच्चों की प्रतिभा की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
जीवीएम गल्र्ज कालेज की यूथ रेडक्रॉस तथा रेंजर्स इकाई के संयुक्त संयोजन में रेणु विद्या मंदिर स्कूल के मानसिक रूप से अशक्त बच्चों की दिवाली को सजाने-मनाने व अविस्मरणीय बनाने का विशेष प्रयास किया गया। इसके अंतर्गत कालेज में स्टॉल लगाकर विभिन्न प्रकार की कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया, जिनका निर्माण इसी स्कूल के बच्चों ने किया है। स्टॉल प्रदर्शनी का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में प्राचार्या डा. ज्योति जुनेजा ने किया। उन्होंने सभी स्टॉलों का अवलोकन करते हुए किया। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता ही नहीं है कि इन कलाकृतियों का निर्माण मानसिक रूप से अशक्त बच्चों द्वारा किया गया है। इनकी प्रतिभा प्रशंसनीय है।
प्राचार्या ने स्वयं भी विभिन्न प्रकार की कलाकृतियों एवं उत्पादों की खरीदारी की। उन्होंने कहा कि दिवाली के लिए स्कूली बच्चों ने बेहतरीन तोहफे दिये हैं। स्टॉलों पर एक से बढकऱ एक फैंसी दीये, मोमबत्तियां, डिजायनर मोमबत्तियां, झूमर तथा शो-पीस देखने को मिले। सभी का निर्माण बच्चों ने अपने हाथों से किया है। इस प्रकार मानसिक रूप से अशक्त विद्यार्थी शिल्पकला को भी बढ़ावा दे रहे हैं। प्रदर्शनी की संयोजक रेणू पोपली ने इस मौके पर कहा कि यह एक पुनीत कार्य है। उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से अशक्त बच्चों की कलाकृतियों को प्रदर्शित करने व बेचने के लिए यहां प्लेटफार्म उपलब्ध कराया गया है। इसे लेकर छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि अशक्त बच्चों की दिवाली को कालेज की छात्राओं ने रंगीन बना दिया है। इस मौके पर छात्राओं ने भी कलाकृतियों की जमकर तारीफ की।

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