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अनाज मण्डी में किसान, मजदूर व व्यापारी सम्मेलन का आयोजन, हिमाचल के राज्यपाल ने बतौर मुख्यातिथी की शिरकत किसान रसायनिक खेती की बजाये प्राकृतिक खेती के तरीके अपनाएं:- आचार्य देवव्रत

पृृथ्वी सिंह पेहवा | PRITHVI SINGH | December 04, 2018 12:25 PM
पृृथ्वी सिंह पेहवा

अनाज मण्डी में किसान, मजदूर व व्यापारी सम्मेलन का आयोजन,
हिमाचल के राज्यपाल ने बतौर मुख्यातिथी की शिरकत
किसान रसायनिक खेती की बजाये प्राकृतिक खेती के तरीके अपनाएं:- आचार्य देवव्रत
पिहोवा 02 दिसंबर (पृथ्वी सिंह):-
अनाज मण्डी पिहोवा में प्रदेश उपाध्यक्ष सहकार भारती राजेन्द्र बाखली की अध्यक्षता में किसान ,मजदूर तथा व्यापारी सम्मेलन हुआ , जिसमें मुख्यातिथि के तौर पर हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने शिरकत की। इसके अलावा इस कार्यक्रम के दौरान विधायक प्रेमलता उचाना कलां, विधायक कुलवंत बाजीगर एवं प्रेम गोयल वरिष्ठ प्रचारक आर.एस.एस. ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सम्मेलन में अपने संबोधन के शुरू में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि वह भाषण देने नहीं आये, बल्कि आप सब से बातचीत करने आया हूं। उन्होने कहा कि यदि स्वस्थ जीवन, स्वस्थ पर्यावरण चाहते हो तो रसायनिक खेती को त्यागकर प्राकृतिक खेती अपनाएं। उन्होने कहा कि इस समय कई प्रकार की बीमारियों जैसे कैंसर , शुगर इत्यादि से आम आदमी जुझ रहा है और बीमार लोगों से हस्पताल भरे हुए हैं । यदि हम बीमारियों से छूटकारा पाना चाहते हैं तो हमें प्राकृतिक खेती को अपनाना होगा। उन्होने बताया कि इससे किसान की पैदावार भी ज्यादा होगी और पैदावार बढ़ेगी तो आर्थिक आमदन अधिक होगी। उन्होने बताया कि प्राकृतिक खेती के लिए गुरूकुल कुरूक्षेत्र में नि:शुल्क ट्रेनिंग दी जाती है जो किसान चाहे तो वह जाकर प्राकृतिक खेती बारे ट्रेनिंग ले सकता है। उन्होने विस्तार से बताते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती के लिए हमें देसी नसल की गाय को रखना होगा और हम एक गाय के गोबर व गौमुत्र से 30 एकड़ फसल उगा सकते हैं। उन्होने बताया कि रसायनिक खेती का मात्र 50-60 साल पुराना इतिहास है और इस समय के दौरान आर्थिक बोझ से दबते कई किसान आत्महत्या तक कर चुके हैं। क्योंकि रसायनिक खेती में खाद, दवाई का अत्याधिक प्रयोग के कारण किसानों की फसल घटती जा रही है, जिससे किसान आर्थिक तौर पर पिछड़ रहा है। उन्होने एक देसी गाय के गोबर व गौमुत्र तथा बेसन व गुड़ तथा मुठी भर मिट्टी के मिश्रण का प्रयोग करके खेती करने का तरीका भी बताया। उन्होने आम जनता से आह्वान किया कि रसायनिक खेती को त्याग करके प्राकृतिक खेती अपनाएं। इस मौके पर विधायक प्रेमलता, विधायक कुलवंत बाजीगर, प्रेम गोयल प्रचारक आर.एस.एस., दिनेश जिन्दल प्रदेश अध्यक्ष सहकार भारती, अरूण सर्राफ चेयरमैन, जिप सदस्य रिंकू थाना, ईश्वर बाखली, नरेन्द्र तनेजा, संजीव शास्त्री, सरपंच दविन्द्र राणा, नेत्रपाल राणा, सुरेन्द्र ढूल तथा सुखविन्द्र सिंह ग्रेवाल सहित काफी संख्या में किसान मजदूर तथा व्यापारी शामिल थे।
फोटो कैप्शन 02 पिहोवा 01:- हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत संबोधित करते हुए

 

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