Sunday, March 24, 2019
BREAKING NEWS
10 के सिक्के नहीं लेने पर एफआईआर—-आरबीआई के टोल फ्री नंबर 144040फरीदाबाद पहुंचे प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त -लोकसभा चुनाव को लेकर अधिकारियों के साथ की समीक्षा दो दिवसीय वॉलीवाल प्रतियोगिता के पहले दिन लडकियों की प्रतियोगिता करवाईजिला अस्पताल में पड़पते आदमी की आवाज बनी कमला यादव, लेकिन उसके बाद क्या ?कुताना--शवों को रखकर धरना-प्रदर्शन करते हुए रिफाइनरी अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी कीविकास उर्फ पिंटू हत्याकांड :- आज तक भी नही थमे परिजनों के आंसू, रो-रोकर पत्नी का भी हाल बेहालहर व्यक्ति में देश के प्रति सच्चा जनून होना चाहिए :-राजेश वशिष्ठ कुलदीप बिश्रोई की गैर-मौजूदगी सेचली भाजपा में जाने की चर्चाएंलिंग जांच की सूचना दे, दो लाख का ईनाम लेबिना दहेज केवल 1 रुपया लेकर भाजपा नेत्री के बेटे ने कर ली शादी

Uttar Pradesh

शुकुल बाजार बड़ौदा बैंक की साख गिराने में लगे खुद शाखा प्रबन्धक

January 08, 2019 07:00 PM
सुरजीत यादव अमेठी

शुकुल बाजार बड़ौदा बैंक की साख गिराने में लगे खुद शाखा प्रबन्धक

बड़ौदा बैंक में अव्यवस्थाओं का बोलबाला, बैंक से स्टेटमेंट के लिए लगाने पड़ते हैं चक्कर

ग्राहको से गर्म मिजाज में पेस आते हैं बैंक कर्मचारी

अमेठी। बड़ौदा बैंक प्रशासन की मनमानी के चलते उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है पेंशन से लेकर छोटे-मोटे लेन देन के लिए कई-कई दिनों तक बैंक के चक्कर काटने पड़ते हैं, कई बार तो प्रशासन की मनमानी के कारण बिना काम हुए भी खाली हाथ बैरंग लौटना पड़ता है। एक ग्राहक ने लिखित शिकायत पत्र देकर आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने बाहर दलाल रखे हुए हैं जो अतिरिक्त शुल्क लेकर कुछ ही मिनटों में काम करा देते हैं। बैंक के कर्मचारियों का व्यवहार बुजुर्गो के लिए अपमान जनक है। बैंक में कर्मचारी अपनी जान-पहचान वालों को काम तो कर देते हैं।

बड़ौदा बैंक के शुकुल बाजार ब्रांच के शाखा प्रबन्धक व कुछ कर्मचारियों द्वारा ग्राहकों से अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता है, जिससे बैंक ऑफ बड़ौदा के नए व पुराने ग्राहक परेशान हैं। जानकारी के अनुसार ग्राम प्रधान मकदूमपुर कला शाखा में विगत दिवस ग्राम सभा की बैंक पास बुक का स्टेट्स जानने पहुंचे । यहां पासबुक में एंट्री करने के लिए अधिकृत कर्मचारी अपने काउंटर में नहीं था । शाखा प्रबन्धक से इस समबन्ध में बात किया तो कुछ देर बाद बात करने की बात कहकर शिकायत सुनी नहीं गयी। न ही ग्राम सभा की पासबुक में एंट्री की गयी । वहीं शाखा प्रबन्धक एचएल सिंह उस ग्राहक से झल्लाते हुये बातचीत की और कहा कि अगले दिन आकर पासबुक पर एंट्री करवा लेना या जाओं बाहर मशीन से प्रिंट कर लो।

बैंक बड़ौदा के शाखा प्रबन्धक एचएल सिंह के इस रवैया से बैंक के अन्य कर्मचारी भी ग्राहको से जो बैंक में प़ढ़े लिखे, कम पढ़े लिखे और अशिक्षित ग्राहक भी आते हैं उन्हे दुत्कारते हुये बात करते हैं। इसी बैंक के प्रथम कांउटर पर बैठने वाला स्टाफ कभी भी मनमर्जी से कहीं भी कुर्सी छोड़कर चला जाता है जो ग्राहक से तमीज से बात भी नहीं करता और इस बैंक स्टाफ को ग्राहकों से गर्म मिजाज में बातचीत करते हुये कभी भी देखा जा सकता है। वहीं इसके अलावा कुछ स्टाफ का बर्ताव ग्राहकों से आमतौर पर रूखा रहता है।

बैंक बड़ौदा के शाखा प्रबन्धक एचएल सिंह व कर्मचारियों, अधिकारियों के व्यवहार से आमजन परेशान हैं। बैंक कर्मचारियों द्वारा झल्लाकर जवाब देना, यह बैंककर्मियों के स्वभाव में शामिल हो गया है। सबसे ज्यादा शिकायतें बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा शुकुल बाजार को लेकर है। इस बैंक शाखा में ज्यादातर कर्मचारियों के व्यवहार से लोग संतुष्ट नहीं हैं।

पासबुक में एंट्री के लिए लगाने पड़ते हैं कई दिनों तक चक्कर

एक ग्राहक ने बताया 15 दिन से बैंक पासबुक में इंट्री करवाने के लिए भटक रहा हूं। बैंक कर्मचारी इस काउंटर से उस काउंटर भेज देते हैं। कोई सही जवाब नहीं देता। कभी बोलते हैं भीड़ है। कभी बताते हैं दोपहर 1.00 बजे पहले आओ। कभी कहते हैं कि ऑटोमेटिक एंट्री मशीन लगी है उससे कर लो। अब हमें मशीन चलाना नहीं आता और इस पर बार कोड भी नहीं लगाए। ऐसे में एंट्री कैसे करें।

(MOREPIC1)

बैंकों की कार्यशैली को लेकर उपभोक्ताओं में इस समय काफी नाराजगी देखने को मिल रही है । इस बैंक में आप जाएं वहां पर ग्राहकों तथा कर्मचारियों के बीच आमतौर पर नोकझोंक होते हुए देखा जा सकता है । बैंक कर्मचारी ग्राहकों के साथ सौतेला व्यवहार करते हुए नजर आते हैं । छोटी-छोटी बातों को लेकर ग्राहकों से उलझ जाते हैं तथा उनके साथ अभद्रता भी करते हैं । इससे परेशान होकर ग्राहक बैंकों में जाने से कतराते हुए नजर आते हैं । लेकिन क्या करें उनकी भी मजबूरी है । बैंककर्मचारी इस बैंक जैसे अपनी जगीर समझते हैं यदि बैंक कर्मचारी अपने इस रवैये में बदलाव नहीं लाये तो आमजन व किसान यूनियन बैंक के बाहर कभी भी आंदोलन करने को मजबूर हो सकते हैं। फिरहाल देखना है कि बैंक कर्मचारी ग्राहको के साथ कब तक बेरूखी रवैया से पेस आते रहेंगें।

Have something to say? Post your comment

More in Uttar Pradesh

जिला अस्पताल में पड़पते आदमी की आवाज बनी कमला यादव, लेकिन उसके बाद क्या ?

एक बार फिर मान्धाता में पीने के पानी के लिए मचा हाहाकार

राशन कार्ड पंजीकरण में धांधली, गरीबों तक नहीं पहुंच रहा राशन

सेण्टर आफ एक्सिलेंस’ —प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत का सपना साकार हुआ है —मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

यूपी के 80 लोकसभा सीट पर 7 चरणों मे होंगे चुनाव ,चुनाव आयोग ने की तारीखों का एलान अचार सहिता लागू

एमिटी यूनिवर्सिटी में चित्रकारों का अपमान चित्रकारों ने उतरवाई अपनी पेंटिंग

भयहरणनाथ धाम के 19वें महाकाल महोत्सव का हुआ भव्य समापन

अमेठी पहुॅचे प्रधानमंत्री मोदी, विकास के लिए दिये करोड़ो का सौगात, जनसभा को भी किया सम्बोधित, विरोध में लगे पोस्टर्स

स्वच्छता को मुंह चिढाता शाहजहांपुर का जिला अस्पताल

ऐसा गांव जहां आज तक नहीं बनी सड़क जिस कारण टूट जातीं हैं शादियां