Monday, January 21, 2019
Follow us on
Haryana

जान हुई सस्ती... हथेली पर जान रखकर करनी पड़ रही रेलवे टै्रक पार

रोहित लामसर | January 09, 2019 05:59 PM
बेबे....मैं क्यूकर चढूँगी ....मेरे तै कोन्या चडय़ा जावै, मैं तो बस मैं ई बगजूंगी.....यह बात एक बुर्जूग महिला ने उस समय कही, जब उसे ट्रेन में करनाल जाना था, लेकिन दूसरी तरफ ट्रैक पार जाने के लिए उसे मजबूरन रेलवे ट्रैक पर चढक़र दूसरी तरफ ट्रैक पार करनी थी।
रोहित लामसर

जान हुई सस्ती...
हथेली पर जान रखकर करनी पड़ रही रेलवे टै्रक पार
फुट ओवरब्रिज न होने से ट्रेन के डिब्बों के बीच में से होकर ट्रैक पार करते हैं यात्री
तरावड़ी, 9 जनवरी (रोहित लामसर)। ऐतिहासिक नगरी तरावड़ी के रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज न होने के कारण यात्रियों को अपनी जान हथेली पर रखकर रेलवे ट्रैक पार करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। यहां तक कि यात्री दूसरी तरफ जाने के लिए रेलवे ट्रैक पर खड़ी टे्रन के डिब्बों के बीच में से होकर दूसरी तरफ गुजरने पर मजबूर हैं। कई सालों से लंबित पड़ी इस मांग की तरफ आज तक भी रेलवे प्रशासन के साथ-साथ प्रदेश सरकार ने ध्यान नही दिया। रेलवे स्टेशन से रोजाना हजारों दैनिक यात्री ट्रेन में सफर करते हैं, लेकिन तरावड़ी रेलवे स्टेशन पर उन्हें कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। सबसे बड़ी समस्या यहां पर फुट ओवरब्रिज की है, जिससे यात्रियों को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए जान जोखिम में डालने पर मजबूर होना पड़ता है। आपको बता दें कि रेलवे ट्रैक पार एक डोडवा बस्ती भी बनी हुई हैं। डोडवा बस्ती के लोग भी रेलवे टे्रक पार करके ही तरावड़ी शहर की तरफ आते हैं, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि ट्रेन रेलवे ट्रैक के बीच में खड़ी हो जाती है, जिससे एक साईड से दूसरी साईड जाने के लिए रेल के डिब्बों के बीच में से या फिर ट्रेन के नीचे से गुजरना पड़ता हैै। दैनिक यात्री सुरेंद्र रोहिल्ला, सतीश पंवार, सुनील, संदीप, नेहा, चक्षु, स्मृति, पावनी, भावना, ईशा, कोमल, अमन, तानिया, ईशू समेत अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज होना चाहिए, ताकि यात्रियों को जान जोखिम में न डालनी पड़े। उन्होंने बताया कि फुट ओवरब्रिज न होने के कारण उन्हें जान हथेली पर रखकर रेलवे ट्रैक पार करनी पड़ती है।

??? ????? ?? ???? ????? ????? ??? ???? ?? ??? ????? ?? ??????? ?? ???? ????? ????? ??? ???? ?? ????? ??? ?????, ??? ????? ????? ?? ???? ?? ???? ?? ?????? ?? ????? ?? ??? ???? ????? ???? ????, ???? ???? ?? ?? ??? ???? ????? (????? ?????)

बाक्स
ऐसे तो कई बार छूट जाती है ट्रेन :- दैनिक यात्री
जानकारी देते हुए यात्रियों ने बताया कि सुबह के समय अंबाला से करनाल की तरफ जाने के लिए कई पैसेंजर ट्रेने जाती हैं, जो प्लेटफार्म नंबर चार पर रूकती हैं। लेकिन रेलवे प्रशासन का टिकट घर प्लेटफार्म नंबर-1 के पास हैं। कई बार ऐसा होता है कि जब वह टिकट ले रहे होते हैं तो प्लेटफार्म नंबर-एक या दो पर कोई भी मालगाड़ी आकर खड़ी हो जाती है। जिससे दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए जान मुसीबत में आ जाती है। स्टापिज एक मिनट का होता है, लेकिन कई यात्री ऐसे हैं तो ट्रेन के नीचे से या फिर डिब्बों के बीच में से होकर दूसरे प्लेटफार्म पर नही जा सकते। ऐसे में कई बार एक प्लेटफार्म और दूसरे प्लेटफार्म के बीच कोई भी ट्रेन खड़ी होने के कारण रेलवे ट्रैक न पार होने से यात्रियों की ट्रेन भी छूट जाती है। जिससे बड़ी परेशानी होती है।

बाक्स
कई बार लिखा पत्र, लेकिन नही हुई सुनवाई :- रेल यात्री वैलफेयर एसोसिएशन तरावड़ी के अध्यक्ष रमेश गुप्ता ने बताया कि एसोसिएशन की तरफ से कई बार डी.आर.एम. को रेलवे स्टेशन की समस्याओं को लेकर पत्र लिखा गया है, लेकिन आज तक भी किसी ने संज्ञान नही लिया। उन्होनें बताया कि कई-कई बार तरावड़ी दौरे के दौरान अधिकारियों के समक्ष रेलवे फुट ओवरब्रिज की भी समस्या उठाई गई, लेकिन सुनवाई नही हुई। इसके अलावा उन्होंने टवीटर के साथ-साथ ई-मेल के माध्यम से भी पत्र भिजवाया। लेकिन उनके पास कोई जानकारी नही पहुंची।

Have something to say? Post your comment
More Haryana News
कमीशन खाने वालों को दिखाएंगे बाहर का रास्ता : सुरेंद्र कमांडो
विकिरण से आम जन को बहुत कम खतरा : संदीप पाल
कार ने महिला को कूचला, महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत
विधायक जसविंदर सिंह का पार्थिव शरीर पंचतत्व में हुआ विलिन
घरौंडा नगरपालिका के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुये निजी स्कूल में 65 फुट ऊँची बिल्डिंग का अवैध निर्माण जारी
डी ग्रुप भर्ती के परिणाम में कैथल जिले के 1037 लोगों का हुआ चयन
पंचायत में युवक हुए उग्र, सरपंच पर ही बोल दिया हमला गांव गुमथला में
किसानों के धैर्य को कमजोरी समझने की भूल ना करे सरकार: भाकियू
देश व समाज के उत्थान के लिए सभी लोगों को साथ मिलकर आगे बढऩा होगा - राज्यपाल
सोनीपत जेल में विचाराधीन कैदी ने बाथरूम में फंदा लगाकर की आत्महत्या