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Haryana

गांव कोथ खुर्द व नाड़ा में ग्रामीणों द्वारा किया गया कोथ पीठाधीश्वर का भव्य स्वागत

सतनाली से प्रिंस लांबा की रिपोर्ट | January 09, 2019 08:31 PM
सतनाली से प्रिंस लांबा की रिपोर्ट

गांव कोथ खुर्द व नाड़ा में ग्रामीणों द्वारा किया गया कोथ पीठाधीश्वर का भव्य स्वागत


देशभक्ती की अलख जगाने के लिए सिद्धपीठ दादा कालापीर मठ द्वारा विभिन्न गांवों से निकाली गई विशाल झांकी


असामाजिक तत्त्वों द्वारा हमले की सूचना पर पुलिस दल-बल की कड़ी सुरक्षा के बीच निकाली गई झांकी

 


हिसार (प्रिंस लाम्बा)।

सिद्धपीठ दादा कालापीर मठ कोथ में आयोजित त्रिदिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के समापन पर कोथ पीठाधीश्वर महन्त शुक्राईनाथ योगी द्वारा बहुदेशीय विशाल झांकी निकाली गई जिसमें कई हजार श्रद्धालुओं ने गर्मजोशी के साथ भाग लिया। लगभग चार से पांच किलोमीटर लम्बी कतारों में ट्रैक्टर-ट्राली और गाडिय़ों में धार्मिक व देशभक्ती उद्घोष करते हुए यह विशालकाय झांकी गांव कोथ कलां से कापड़ो पहुंची। जहां से बुडायन, भोंगरा होती हुई जिला जीन्द के गांव खापड़ तक जोरदार हर्षोल्लास के साथ हाथों में तिरंगे ओर भगवां ध्वज लहराते हुए सामाजिक सदाचार की अलख जगाती हुई चली।

 


जबरदस्त पुलिस सुरक्षा के बीच महन्त शुक्राईनाथ जन-जन से राष्ट्रीयता के लिए अपील कर रहे थे। चलती यात्रा के साथ ट्रालियों में अखंड हवन यज्ञ हो रहा था। देशभक्त व्यक्तित्व के धनी नाथ सम्प्रदाय के महापुरुष  साधु-महात्मा भारी संख्या में समाज को नशामुक्त रहने का संदेश दे रहे थे। हरियाणवी संस्कृति में भारी-भरकम मात्रा में महिलाएं लोकगीत गायन कर रही थी। योग के माध्यम से योगाचार्य राजनाथ महाराज 20 प्रशिक्षित बालकों के साथ एक ड्रैस कोड में स्वस्थ स्वास्थ्य का प्रदर्शन कर रहे थे। महायोगी योगेश्वर कालापीर महाराज के विराट चित्र से सुशोभित घोड़ा रथ यात्रा ने सबका मन मोह लिया। महायोगी शिव, योगाचार्य गुरू गोरक्षनाथ से लेकर श्रीराम व धर्म संस्थापक कृष्णचंद्र योगी तक की उच्चस्तरीय साधना सहित बैनर-पोस्टर लगाकर चार वेदादि शास्त्र छ: दर्शन शास्त्रों की ओर आने वाली पीढ़ी का आह्वान किया जा रहा था कि इस सुंदर महासंगम की अनगिनत जनता में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा खून-खराबा करने का अंदेशा पाकर पुलिस ने झांकी यात्रा को कड़ी सुरक्षा के बीच रोककर महन्त शुक्राईनाथ योगी से बारम्बार निवेदन पूर्वक अपील की।

 


इस झांकी के दौरान अचानक जनता तथा पुलिस के बीच रोष प्रकट भी हुआ, जिसके चलते पुलिस ने रास्ता बदलने की जिद की और श्रद्धालु मानने को तैयार नहीं हुए। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं को किसी बड़ी अनहोनी से बचाने के लिए कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे महन्त शुक्राईनाथ ने अपनी सूझबूझ से खापड़ गांव में ही यह व्याख्यान देते हुए स्थगित किया कि सुरक्षा के लिहाज से आज हमारी यह संस्कृति रक्षक यात्रा हम यहीं स्थगित कर रहे हैं। भविष्य में यह यात्रा इसी गांव से प्रारम्भ की जाएगी। पुलिस वाहनों में कड़ी सुरक्षा के बीच महन्त को कालापीर मठ में दूसरे रास्तों से लाया गया लेकिन काफी गांवों में यात्रा न पहुंच पाने से हजारों समर्थक इससे आहत हुए। इससे अगले दिन अचानक जब महन्त शुक्राईनाथ योगी कोथ खुर्द और नाड़ा गांव में पहुंचें तो वहां सब ग्रामीणों उनका नाच-गान कर क्रान्तिकारी उद्घोषों के साथ जबरदस्त स्वागत किया तथा खुशियां मनाई।

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