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Haryana

किसान के खाते में सीधी पेमेंट कर किसान, आढ़ती के रिश्ते को तोडऩा चाहती है सरकार: बलराज श्योकंद

January 11, 2019 09:38 PM
नरेन्द्र जेठी

किसान के खाते में सीधी पेमेंट कर किसान, आढ़ती के रिश्ते को तोडऩा चाहती है सरकार: बलराज श्योकंद
कहा: 15 जनवरी को प्रदेश भर में सरकार के इस फैसले के खिलाफ बंद रहेंगी मंडी
नरवाना, 11 जनवरी (नरेन्द्र जेठी) आने वाले गेहूं के सीजन में गेहूं की खरीद के बाद किसानों के खाते में सीधे पेमेंट किए जाने के सरकार के फैसले पर आढ़तियों ने पुरानी मंडी में एकत्रित होकर रोष प्रकट करते हुए सरकार से इस फैसले को वापिस लेने की मांग की। प्रदेश आढ़ती एसोसिएशन के सदस्य बलराज श्योकंद ने कहा कि सरकार के इस फैसले के खिलाफ 15 जनवरी को प्रदेश की सभी मंडियों में आढ़ती हड़ताल करेंगे। जिला स्तर पर एकत्रित होकर आढ़ती प्रदर्शन करने के साथ-साथी डीसी के माध्यम से इस फैसले को वापिस लेने की मांग सीएम के नाम ज्ञापन भेजकर करेंगे। सरकार ने अगर यह फैसला वापिस नहीं लिया तो 23 जनवरी को जींद में आढ़तियों की नई अनाज मंडी में प्रदेशस्तरीय विरोध रैली होगी। श्योकंद ने कहा कि किसान, आढ़ती का जो रिश्ता है वह आज नहीं है बल्कि सदियों से चला आ रहा है। किसान, आढ़ती एक परिवार की तरह होते है। भाजपा ने सत्ता में आते ही किसान, आढ़ती को अलग-अलग करने की मंशा से किसान के खाते में सीधी पेमेंट करने का प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इस प्रक्रिया किसान भी नाराज है। आढ़ती किसान के एमटीएम है जो उनके हर समय काम आते है। किस ी तरह की जरूरत हो तो किसान आढ़ती के पास आता है। ऐसे में इस रिश्ते को तोडऩे की मंशा सरकार की है जिसे किसी सूरत में पूरा नहीं होने दिया जाएगा। एक सिक्के के दो पहलू किसान, आढ़ती है। उन्होंने कहा कि 12 जनवरी को जींद नई अनाज मंडी में आढ़ती एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय बैठक होगी। इसमें भविष्य की रणनीति तय की जाएगी। सरकार जब तक इस फैसले को वापिस नहीं लेती तब तक आढ़ती आंदोलन जारी रखेंगे। इस मौके पर वीरेंद्र संदलाना, सत्यनारायण मखंड, भूप खटकड़, भूरिया, लीला घोघडिय़ा, ओमदत्त शर्मा, रामकुमार करसिंधु, सतपाल करसिंधु, सूरजमल कापड़ो, जगदीप मखंड, वजीर बधाना, भरथा कापड़ो मौजूद रहे।

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