Monday, January 21, 2019
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Haryana

डॉक्टर बनना चाहता था उदित, लेकिन ओवरलोड़ ने सांसो और सपनो की डोर को तोड़ दिया

अटल हिन्द ब्यूरो | January 11, 2019 09:50 PM
अटल हिन्द ब्यूरो
डॉक्टर बनना चाहता था उदित, लेकिन ओवरलोड़ ने सांसो और सपनो की डोर को तोड़ दिया 
ओवरलोड़ ट्रक के नीचे दबने से गंभीर हुआ किशोर हार गया जिंदगी की जंग 
गमगीन माहौल में सरकार व प्रशासन को कोसते देखे गए लोग, हर किसी की जुबां पर था केवल एक ही सवाल-आखिर कितनी और जिदंगियों की डोर टूटने की बाट देख रही है सरकार 
 
रादौर, 11 जनवरी (रविन्द्र सैनी):
 
17 साल का उदित शर्मा मेडिकल के क्षेत्र में रूचि रखता था और भविष्य में एम.बी.बी.एस की शिक्षा लेकर डॉक्टर बनने का सपना संजो रहा था। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। गुरूवार शाम गांव राझेड़ी के समीप रेत से लदे ओवरलोड ट्रक के नीचे दबने से गंभीर हुआ उदित शर्मा देर रात जिदंगी की जंग हार गया। उदित का उसके गांव खुखनी में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। परिजनो का रो रो कर बुरा हाल था। गमगीन माहौल में ओवरलोड़ को लेकर चर्चाएं जोरो पर थी। हर कोई सरकार व प्रशासन की इस नाकामी को लेकर उन्हें कोस रहा था और केवल एक ही सवाल लोगो की जुबान पर था कि आखिर कब मौत बनकर सड़को पर दौड़ रहा ओवरलोड़ आखिरकार कब रूकेगा या अभी और कई अन्य घरो के दीपक बुझने का इंतजार सरकार व प्रशासन कर रहा है। ओवरलोड़ का सड़को पर सरेआम काल का रूप धारण करने का यह कोई नया मामला नहीं है। इस प्रकार की कई घटनाएं क्षेत्र की सड़को पर हो चुकी है। कुछ ही दिनो पहले संधाली निवासी उधमसिंह भी गांव नाहरपुर के समीप ओवरलोड़ डंपर द्वारा कूचले जाने से जिदंगी गवां चुका है। लेकिन प्रशासन की आंख अब तक नहीं खुल पाई है। 
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गुमथला मार्ग पर थमे रहे ओवरलोड़ के पहिये 
देर शाम रादौर गुमथला मार्ग पर यह बड़ा हादसा हो जाने के बाद शुक्रवार को ओवरलोड़ वाहनो के पहिये थमे रहे। हालांकि जठलाना रादौर मार्ग पर इस घटना को कोई असर देखने को नहीं मिला। जठलाना मार्ग पर प्रतिदिन की तरह आज भी ओवरलोड़ वाहन गुजरते देखे गए। केवल गुमथला मार्ग पर ओवरलोड़ वाहनो का पहियां थमा रहा। 
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इकलौता बेटा था उदित 
गुरूवार की देर शाम हुए हादसे में काल का ग्रास बना उदित पिता बलवान शर्मा की इकलौती संतान था। रादौर के डीएवी स्कूल में 12वीं कक्षा की शिक्षा ले रहा उदित पढऩे लिखने में गंभीर था। हमेशा अपने अध्यापको का कहना मानना और स्कूल की शिक्षा को पूरा ध्यान देने में ही उदित व्यस्त रहता था। उदित के माता पिता भी उसका पूरा ध्यान रखते थे और हर दिन उसके पिता ही उसे टयूशन पर छोडऩे के लिए आते थे और अपने साथ ही लेकर जाते थे। लेकिन गुरूवार को पिता कुछ बीमार थे जिस कारण वह अकेला ही टयूशन पढऩे के लिए आ गया। 
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कई बार हो चुका है ओवरलोड़ का विरोध लेकिन हर बार आवाज को दबा दिया जाता है 
क्षेत्र में सड़को पर मौत बनकर दौड़ रहे ओवरलोड़ का क्षेत्रवासी कई बार विरोध कर चुके है। पोटली, गुमथला, संधाला, अलाहर, भगवानगढ़, राझेड़ी व जठलाना इत्यादि सभी जगहो पर ओवरलोड़ वाहनो पर अकुंश लगाने की मांग को लेकर विरोध हो चुका है। गुमथला व संधाला में विवाद बढ़ा भी लेकिन हर बार विवाद को दबा दिया गया और ओवरलोड़ वाहन धड़ल्ले से सड़को से गुजरते रहे। 
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विधायक बोले मामले की जानकारी नहीं
मामले को लेकर जब सरकार का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो विधायक श्यामसिंह राणा ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अगर इस प्रकार का कोई बड़ा हादसा हुआ है तो इस बारे अधिकारियों से रिर्पोट लेगें और भविष्य में इस प्रकार का अन्य कोई हादसा न हो इसके लिए नियम बनाए जाएगें। 
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