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मदहोश होकर लोग हुए आउट आफ कंट्रोल हरिनाम संकीर्तन में

January 19, 2019 06:28 PM

 मदहोश होकर लोग हुए आउट आफ कंट्रोल हरिनाम संकीर्तन में
परिवार और समाज को बचाने के लिए श्री मद्भगवत गीता की शरण में जाएं: विष्णु कृष्ण दास
करनाल ,प्रशांत प्रवीण
देश प्रांत और रंग की सीमाएं तोड़ कर भगवान कृष्ण के हरिनाम संकीर्तन में संभी लोग नाचने गाने लगा। यहां नर नारी और बच्चे भक्ति में इस कदर डूब गए कि उन्हें अपना होश ही नहीं रहा। बिना घुंघरू के सभी नाचने लगे। इन लोगों में सात समंदर दूर अमरीेका,रूस और यूक्रेन के साथ अन्य देश की बिदेशी महिलाएं भी शामिल थी। जो भगवान कृष्णकी इस कदर दीवानी हो गई कि उन्होंने अपना घरवार छोड़ कर अपने आपको भगवान कृष्ण के हवाले कर दिया। दृष्य था प्राकृतिक चिकित्सकडा. हरिओम गोयल के निवास पर संकीर्तन का । यहां पर समाजसेवी जय नारायण गोयल के साथ इस्कान के श्री मदभगवत के कथावाचक विष्णु कृष्ण दास तथा उनकी टीम मौजूद थी। उन्होंने जिस तरह से संकीर्तन में समा बांधा उससे लोग झूम उठे। कथावाचक विष्णु कृष्ण दास ने कहा कि आज हरिनाम संकीर्तन में सभी समस्याओं का हल छिपा हुआ है। तनाव और डिप्रेशन भी इससे दूर होता हैं। भगवान श्री कृष्ण की भक्ति को समर्पित इस संकीर्तन की डोर में बंध कर सात समंदर पार से युवक युवतियां अपनों को छोड़ कर कृष्ण के धाम में आ रही हैं। उन्होंने कहा कि आज बच्चों को धार्मिक संस्कारों की जरूरत हैं। बच्चों में इसका अभाव उन्हें अपनों से दूर कर रहा है। आज माता पिता को ओल्ड एज हाम में भेज रहे हैं। परिवार टूट रहे हैं। नफरत और दुश्मनी समाज को तोड़ रही हैं परिवार टूट रहे हैं। इस स्थिति में बच्चों को परिवार की तरफ लौटना होगा। उन्होंने साफ किया कि देश को आज भगवान कृष्ण के बताए मार्ग पर चलने की जरूरत ळैं। उन्होंने कहा कि आज से 550 साल पहले भगवान चेतन्य प्रभु महाराज ने संकीर्तन को जन्म दिया। 79 साल पहले प्रभुपाद जी महाराज ने इसकान की स्थापना की। आज इस्कान के माध्यम से देश ही नहीं समूचे संसार में भगवान कृष्ण को समर्पित हरिनाम संकीर्तन की गूंज उठ रहीं है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण राजनीति और कूटनीति के सबसे पहले खिलाड़ी थे। उनसे बड़ा राजनेता और कूटनीति का रचियता कोई दूसरा पैदा नहीं हुआ। यहां पर यूक्रेन रूस और नेपाल से पहुंचीं विदेशी भक्त महिलाओं ने कहा कि वह तो श्यम के रंग में रंग गई है। उन्होंने अपने आपको श्री मदभागवत गीता को समर्पित कर दिया है। इस अवसर पर जय नारायण गोयल ने बताया कि राम मंदिर में श्री मदभगवत कथा चल रही है। यहां पर भी लोग भक्ति की तरफ अग्रसर हो रहे हैं।

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