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अंतर्राष्ट्रीय यूजी कोर्स भारतीय छात्रों के बीच अधिक लोकप्रि

अंतर्राष्ट्रीय यूजी कोर्स भारतीय छात्रों के बीच अधिक लोकप्रिय

delhi(atal hind): पहले माता-पिता अपने बच्चों को विदेश भेजने में हिचकिचाते थे, जिसके कई कारण हुआ करते थे जैसे कि भावनात्मक नियंत्रण, वित्तीय बजट, बच्चे में निर्भर होने वाली प्रकृति, विभिन्न देशों की जीवनशैली व संस्कृति और जागरुकता की कमी। लेकिन बेहतर शिक्षा को लेकर बढ़ती मांग और देश की स्थिर आर्थिक स्थिति ने इस विचार को कई लोगों के लिए वास्तविकता में बदल दिया है।

अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के लिए अनुमानित छात्रों की बात की जाए, तो सीनियर सेकेंडरी लेवल में लगभग 9 करोड़ हैं और उच्च शिक्षा में लगभग 3.5 करोड़ हैं। लेकिन भारत में अच्छी गुणवत्ता के उच्च शिक्षा संस्थान उपलब्ध न होने के कारण बेहतर शिक्षा प्राप्त करने वालों की संख्या बहुत कम होती है। यही वजह है कि, आज अधिक से अधिक छात्र अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यूनेस्को के अनुसार, भारत से उच्च शिक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय आवेदन पत्रों में 163% की वृद्धि हुई है। यही नहीं, 2014 से भारत ने इस मामले में चीन को भी पीछे छोड़ दिया है। इसके कुल आंकड़े और भी आश्चर्य करने वाले हैं।

प्रथम इंटरनेशनल एजुकेशन डेस्क के मैनेजिंग डायरेक्टर, श्री अंकित कपूर ने जानकारी देते हुए बताया कि, “आजकल के छात्र उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने लगे हैं। आज, अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय द्वारा जिस प्रकार के कोर्स काम्बिनेशन उपलब्ध किए जा रहे हैं, उनसे कौन सा छात्र आकर्षित नहीं होगा? वाटरलू विश्वविद्यालय के अंतर्गत ‘ऑनर्स आर्ट और बिजनस’ नाम का पाठ्यक्रम हो या यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में भाषा विज्ञान के साथ मनोविज्ञान की पढ़ाई हो, इस प्रकार के पाठ्यक्रम किसी भी छात्र को आकर्षित कर सकते हैं।”

जहां तक शिक्षा के खर्च की बात है, तो आज ज्यादातर छात्र सस्ते विश्वविद्यालय खोजते हैं और रोज़मर्रा का खर्च उठाने के लिए पार्ट-टाइम जॉब करते हैं। लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि छात्रों की बेहतर शिक्षा के लिए शीर्ष विश्वविद्यालय कौन से हैं? इसके लिए छात्रों को विशेषज्ञ के मार्गदर्शन और सहायता की जरूरत है।

श्री अंकित कपूर ने अधिक जानकारी देते हुए कहा कि, “जो छात्र विदेश जाकर पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें कुछ बातों का खास ख्याल रखने की जरूरत है जैसे कि भाषा, बजट, योग्यता, उपयुक्त देश, भविष्य की योजनाएं आदि। अधूरी रिसर्च के कारण कई छात्र कम विश्वसनीयता वाले विश्वविद्यालयों में प्रवेश ले लेते हैं। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के लिए विश्वविद्यालय, प्रोफाइल निर्माण, समय सीमा, विश्वविद्यालय आवेदन, विज़ा प्रॉसेसिंग और वित्तीय योजना के विकल्पों पर मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए विशेष टीम की आवश्यकता होती है। छात्रों और अभिभावकों के लिए एक सहज अनुभव प्रदान करते हुए प्रथम टेस्ट प्रेप के पास 11 वर्षो का अनुभव है, जो 100% आवेदन पत्र और विज़ा की सफलता को दर्शाता है। प्रथम छात्रों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों जैसे कि टोरंटो विश्वविद्यालय, मेलबर्न विश्वविद्यालय, हांगकांग विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय विश्वविद्यालय सिंगापुर और जर्मनी आदि में प्रवेश दिला चुका है। इन छात्रों को स्कॉलरशिप से भी नवाज़ा जा चुका है।”

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