अभय चौटाला के सारे गेम प्लान को चौपट करने के कारण खटक रहा था मीनू आंखों में

अभय चौटाला ने मीनू बेनीवाल से सारी खुंदकों का हिसाब चुकता किया
अभय चौटाला के सारे गेम प्लान को चौपट करने के कारण खटक रहा था मीनू आंखों में
अजय चौटाला के हनुमान को बदनाम करने के पीछे गहरे राज
–अटल हिन्द ब्यूरो —

Abhay Chautala paid all the dues to Meenu Beniwal
Meenu was getting shocked due to Abhay Chautala’s collapse of all game plans
Ajay Chautala’s deep secrets behind defaming Hanuman

चंडीगढ़। इनेलो नेता अभय चौटाला ने आज चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके रजिस्ट्री घोटाले और शराब घोटाले को लेकर बड़े खुलासे करने का दावा किया। इन सारे खुलासों के केंद्र बिंदु में उन्होंने आधा दर्जन बार मीनू बेनीवाल का नाम लिया।अभय चौटाला ने रेवेन्यू विभाग और आबकारी विभाग में सारे गलत कामों के लिए मीनू बेनीवाल को जिम्मेदार ठहराने का काम किया।

मीनु बेनीवाल को टारगेट पर लेने के आखिर क्या कारण रहे??
मीनू बेनीवाल को चौटाला परिवार की पार्टी से जुड़े सभी लोग और चंडीगढ़ में बैठे सारे संतरी- मंत्री बखूबी जानते हैं। सवाल यही उठता है कि आखिर अभय चौटाला ने मीनू बेनीवाल को अपने राडार पर क्यों लिया और और उनकी शख्सियत पर कालिख पोतने का काम क्यों किया ??
आज चारों तरफ चर्चा का केंद्र बने मीनू बेनीवाल के बारे में जानना बेहद जरूरी है।
मीनू बेनीवाल पिछले 25 साल से चौटाला परिवार से बेहद करीब नाता बनाए हुए हैं। वह आरंभ के बरसों में अभय चौटाला के करीबी रहे। 2000 में वे अजय चौटाला के विश्वासपात्र बन गए।
पिछले 20 सालों में मीनू बेनीवाल ने अजय चौटाला के हनुमान के तौर पर काम किया। संकट के दिनों में जब सत्ता के अधिकांश साथी पाला बदल गए तो मीनू बेनीवाल चट्टान की तरह अजय चौटाला के साथ खड़े रहे।
अभय चौटाला क्यों है मीनू बेनीवाल से खफा ??
ओम प्रकाश चौटाला और अजय चौटाला के जेबीटी भर्ती मामले में जेल चले जाने के बाद अभय चौटाला इनेलो के सर्वे सर्वा बन गए। इनेलो को कब्जे में लेने के लिए अजय चौटाला के समर्थकों को पार्टी संगठन में खूड्डे लाइन लगा दिया गया। सांसद बनने के बावजूद परिवार की सियासत में दुष्यंत चौटाला की कोई हैसियत नहीं थी और यह लग रहा था कि अजय चौटाला के परिवार को इनेलो में साइडलाइन कर दिया जाएगा।
दुष्यंत चौटाला दादा ओम प्रकाश चौटाला और चाचा अजय चौटाला के सामने कोई वजूद नहीं रखते थे।
ऐसे में संकटमोचक के रूप में मीनू बेनीवाल ने सबसे अहम भूमिका निभाने का काम किया ।
अभय चौटाला से करीबी रिश्ता रहने के चलते मीनू बेनीवाल बखूबी जानते थे कि अजय चौटाला के परिवार को सियासी तौर पर खत्म करने के लिए अभय चौटाला क्या क्या खेल खेल सकते हैं। मीनू बेनीवाल ने सियासी बिसात पर अभय चौटाला की हर चाल का मुंह तोड़ जवाब देते हुए दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला को संकट के चक्रव्यूह से सुरक्षित बाहर निकालने काम किया।
अजय चौटाला, दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला को इनेलो से बाहर निकाले जाने के बाद मीनू बेनीवाल ने ही जननायक जनता पार्टी के गठन की सबसे निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया।
उसके बाद दुष्यंत चौटाला के सारथी की भूमिका को निभाते हुए उन्होंने जहां एक तरफ हजारों जज्बाती युवाओं को जेजेपी के साथ जोड़ने के लिए कारगर मुहिम चलाई, वहीं विधानसभा चुनाव से पहले दूसरी पार्टियों के असरदार चेहरों को जेजेपी के साथ जोड़ने का काम किया जिसके चलते 11 महीनों में ही दुष्यंत चौटाला न केवल हरियाणा के सबसे लोकप्रिय युवा नेता बन गए बल्कि सत्ता में हिस्सेदारी भी कर गए ।
अभय चौटाला को हर मामले में मात देने का काम मीनू बेनीवाल ने किया। नाम दुष्यंत चौटाला का होता रहा लेकिन काम पर्दे के पीछे मीनू बेनीवाल करते रहे।
इनेलो को कब्जाकर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के अभय चौटाला की हसरत को तोड़ने का काम मीनू बेनीवाल ने ही किया।
मीनू बेनीवाल के कारण जहां इनेलो सिर्फ एक सीट पर सिमट कर रह गई वही दुष्यंत चौटाला सबसे कम उम्र में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बन गए।
आज अभय चौटाला मीनू बेनीवाल को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते हैं लेकिन कभी भी वे मीनू बेनीवाल को घेरने में सफल नहीं हुए।
रजिस्ट्री घोटाले और शराब घोटाले में मीनू बेनीवाल को लपेटने का काम एक साजिश के तहत किया गया। चंडीगढ़ में सभी लोग यह जानते हैं कि दुष्यंत चौटाला के कामकाज को पटरी पर लाने के लिए मीनू बेनीवाल ने सबसे ज्यादा दौड़-धूप की ओर सभी विभागों को परफॉर्मेंस के ट्रैक पर लाने का काम किया।
मीनु बेनीवाल के कारण दुष्यंत चौटाला बहुत कम समय में सत्ता के गलियारों के दांव-पेंच समझ गए और अपने विभागों में बढ़िया परफॉर्मेंस देने में सफल रहे।
मीनू बेनीवाल के संकटमोचक के रूप में खड़े होने के कारण अभय चौटाला दुष्यंत चौटाला का कुछ भी नहीं बिगाड़ पाए और भविष्य में भी मीनु बेनीवाल ही अभय चौटाला को सबसे बड़ी रुकावट नजर आते हैं।
इस रुकावट को दूर करने के लिए ही अभय चौटाला ने रजिस्ट्री घोटाले और शराब घोटाले के जरिए में मीनु बेनीवाल को बदनाम करने का काम किया।
मीनू बेनीवाल की सत्ता में किसी तरह की सीधी कोई हिस्सेदारी या जिम्मेदारी नहीं है लेकिन इसके बावजूद अभय चौटाला ने 6 बार उनका नाम लेकर यह दिखाने का प्रयास किया कि दुष्यंत चौटाला के सारे कामकाज को मीनू बेनीवाल ही देख रहे हैं।
असल में अभय चौटाला को सबसे गहरी टीस भी इस बात की है कि उनके सारे गेम प्लान को मीनू ने चौपट कर दिया जिसके चलते वे प्रदेश की सियासत में हासिए पर आ गए और जिस दुष्यंत चौटाला को अभय चौटाला हासिए पर लाना चाहते थे वह प्रदेश का उफमुख्यमंत्री बन गया।
मीनू बेनीवाल को दुष्यंत के रास्ते से हटाकर अभय चौटाला दुष्यंत चौटाला का शिकार करना चाहते हैं। उन्हें यह बखूबी पता है कि जब तक मीनू बेनीवाल दुष्यंत चौटाला के साथ खड़े रहेंगे तब तक उनकी कोई भी साजिश या तिगड़म सफल नहीं हो पाएगी। इसलिए उन्होंने मौका मिलते ही मीनू बेनीवाल को बदनाम करने और घोटाले में लपेटने का काम किया।
बात यह है कि अभय चौटाला से यह बात कभी सहन नहीं हुई कि मीनू बेनीवाल ने अजय चौटाला के परिवार के हर संकट से न केवल रक्षा की बल्कि अजय चौटाला की गैर मौजूदगी में दुष्यंत चौटाला को प्रदेश की सियासत में बहुत कम समय में बड़े पद पर स्थापित करने का काम कर दिया।
अभय चौटाला इनेलो को तो कब्जाने में सफल रहे लेकिन दुष्यंत चौटाला के सियासी करियर को खत्म करने में नाकाम रहे।
मीनू बेनीवाल के कारण ही दुष्यंत चौटाला सियासत में अपने दादा के वर्चस्व और अपने चाचा के चक्रव्यू को तोड़ते हुए मीनू बेनीवाल की अगुवाई में सियासत के शिखर पर पहुंच गए।
अपनी नाकामी की सारी खुंदकों का बदला लेने के लिए अभय चौटाला को एक अदद मौके की तलाश थी और रजिस्ट्री घोटाले और शराब घोटाले के जरिए उन्हें वह अवसर मिल गया।
अभय चौटाला ने मीनू बेनीवाल को निशाने पर लेकर अपनी नाकामियों का हिसाब बराबर करने का काम किया है।अभय चौटाला भी खुद मानते हैं कि मीनू बेनीवाल के कारण ही उनको शिकस्त पर शिकस्त मिलती चली गई।
यह बात अबे चौटाला कभी हजम नहीं हुई कि वह मुख्यमंत्री बनने के सपना लेते रह गए और दुष्यंत चौटाला सत्ता के सरताज बन गए।
मीनू बेनीवाल के दामन को दागदार करके दुष्यंत चौटाला के सियासी भविष्य को खत्म करने के लिए ही अभय चौटाला ने आज सारे घोटालों के केंद्र में मीनू बेनीवाल को खड़ा करने का काम किया।

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