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अविश्वास प्रस्ताव के दौरान भूपेंद्र हुड्डा ने किया किसानों से सबसे बड़ा धोखा

भूपेंद्र हुड्डा ने किया किसानों से सबसे बड़ा धोखा
अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कृषि कानूनों पर बोलने से किया इनकार
-राजकुमार अग्रवाल –
चंडीगढ़। कृषि कानूनों के लेकर हरियाणा की गठबंधन सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के घोषणा करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा एन वक्त पर विधानसभा में किसानों को धोखा देने का काम कर गए।

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अविश्वास प्रस्ताव के दौरान चर्चा में भूपेंद्र हुड्डा ने कृषि कानूनों पर बोलने से साफ-साफ इंकार कर दिया। हुड्डा ने कहा कि यह केंद्र का विषय है इसलिए इस पर कुछ नहीं बोलेंगे।
अगर कृषि कानून केंद्र का विषय था तो वह विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव क्यों लेकर क्यों आए थे।
अगर उन्होंने कृषि कानूनों पर बोलना ही नहीं था फिर वे अविश्वास प्रस्ताव किस लिए लेकर आए थे।


देश के किसान 3 महीने से ज्यादा समय से कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और इसी आंदोलन का फायदा उठाकर भूपेंद्र हुड्डा अपनी सियासत को बड़ा करने की कोशिश में लगे हुए हैं।
कृषि कानूनों के खिलाफ लगातार बोलने वाले भूपेंद्र हुड्डा से उम्मीद किए जाती थी कि विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कृषि कानूनों की बखिया उधेड़ने काम करेंगे लेकिन भूपेंद्र हुड्डा ने ऐसा करने के बजाए कृषि पर बोलने से साफ-साफ इंकार कर दिया।
इसका कारण यह है कि अगर वे कृषि कानूनों पर बोलते तो उनकी पोल खुल जाती क्योंकि असलीयत यह है कि काले कृषि कानूनों को बनाने का सबसे बड़ा जिम्मेदार खुद भूपेंद्र हुड्डा हैं।
क्योंकि कृषि कानून को लेकर बनाई गई कमेटी में के मुखिया भूपेंद्र हुड्डा ही थे और इन कृषि कानूनों को बनाने का काला कारनामा उन्होंने ही अंजाम दिया था।
अपनी पोल खुलने के भय से ही उन्होंने आज कृषि कानूनों पर एक भी शब्द बोलने से इनकार कर दिया क्योंकि कृषि कानूनों पर हुड्डा बोलते तो मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला उनकी पोल खोल कर उन्हें बेनकाब कर देते।

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