आईटीआई छात्रों ने किया प्रदर्शन, बस पास होने के बावजूद नहीं हैसुविधा शिक्षण संस्थान इंचार्ज पर लगाया आरोप, समस्या सुनने की बजाए किया जा रहा है प्रताडि़त

 

 

पिहोवा 10  फरवरी (अटल हिन्द/पृथ्वी सिंह ):-

आईटीआई धनीरामपुरा के छात्रों ने शिक्षण संस्थान इंचार्ज पर मानसिक तौर पर प्रताडि़त करने का आरोप लगाया है। जानकारी देते हुए व शिक्षण संस्थान इंचार्ज के प्रति रोष जताते हुए छात्रों राहूल, अंकुश, अभिनव, रोमनी, विशू, नीरज, रजत, निखिल, राकेश व रूपिन्द्र ने  बताया कि उन्हे संस्थान की ओर से बस पास सुविधा मिली हुई है लेकिन बस सुविधा आज तक भी उपलब्ध नहीं है और इसी  कारण से वह संस्थान में कई बार 9 बजे के बाद देरी से पहुंचते हैं और संस्थान इंचार्ज उनकी समस्या का  समाधान करने के बजाए पुलिस सहायता लेना ज्यादा उचित समझता है जिससे उनको दोषी ठहराया जा सके ।

उन्होने बताया कि आईटीआई पिहोवा शहर से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर है। वाहन सुविधा ना होने के कारण वह बस स्टैण्ड से आईटीआई तक पैदल ही जाते हैं । उन्होने बताया कि आज भी जब वह संस्थान में देरी से पहुंचे तो  शिक्षण संस्थान के इंचार्ज ने छात्रों के लिए एंटरी गेट बंद कर दिया। रोषस्वरूप छात्रों ने आईटीआई के सामने ही धरना देना शुरू कर दिया। छात्रों ने आरोप लगाया कि  संस्थान इंचार्ज ने फिर भी उनकी समस्या सुनने की बजाए उन्हे खदेडऩे के लिए पुलिस को फोन कर दिया । उन्होने कहा कि  राज्य सरकार शिक्षा व चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है, लेकिन उन्हे भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है,जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। छात्रों ने बताया कि शिक्षण संस्थान में पढऩे वाले स्थानीय बच्चे अपने  अपने वाहनों को लेकर या परिवारिक लोगों की सहायता से समय पर पहुंच जाते हैं, लेकिन इसी संस्थान में पढऩे वाले बच्चे जो लाडवा, इन्द्री, कैथल, चीका व खरकां आदि लंबे रूटों से आते हैं वह बच्चे पिहोवा पहुंचकर वाहन सुविधा ना मिलने के कारण पैदल चलकर कई बार देरी सेआईटीआई पहुंचते हैं। जिससे वह भी मानसिक परेशानी से गुजर रहे हैं। उन्होने आरोप लगाया कि उनको उस समय भारी ठेस पहुंचती है जब संस्थान इंचार्ज उनकी समस्या का समाधान करने के लिए उनके मानसिक तनाव को ओर बढ़ाते हुए उनके लिए एंटरी गेट बंद कर देते हैं। उन्होने कहा कि उनके भविष्य के लिए परिजन कई कई  तरह की आर्थिक तंगी सहन करते हैं ,लेकिन आईटीआई मैनेजमैंट उनकी समस्या का समाधान करने की बजाए उन्हे ही प्रताडि़त कर रही है। मैनेजमैंट ने बाहर आकर छात्रों की समस्या का समाधान करने का प्रयास करने की बजाए पुलिस को फोन करके संस्थान में बुला लिया जिसकी वह घोर निंदा करते हैं क्योंकि वह संस्थान में भविष्य बनाने के लिए आते हैं जो कि अपराध नहीं है। छात्रों ने मांग की है कि उन्हे बस सुविधा उपलब्ध करवाई जाए या फिर उनके संस्थान का समय बदला जाए।

क्या कहते हैं इंचार्ज

जब इस बारे आईटीआई में कार्यरत जीआई धर्मपाल से बात की गई तो उन्होने भी मान लिया कि बस सुविधा ना मिलने की बच्चों को भारी समस्या है। उन्होने बताया कि जब पास बनवाने के लिए वह जाते हैं तो रोडवेज को इस असुविधा बारे अवगत करवाया जाता है। इसके अलावा उन्होने एसडीएम पिहोवा को भी इस समस्या बारे   अवगत करवाया था, लेकिन  अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होने मान लिया कि छात्रों को 9 बजे के बाद एंटरी नहीं दी जाती। उन्होने बताया कि कुछ छात्र गेट से बाहर हंगामा कर रहे थे, इसलिए उन्हे पुलिस का सहारा लेना पड़ा।

क्या कहते हैं संस्थान प्रबन्धक

जब इस बारे हरियाणा रोडवेज डिपू पिहोवा में कार्यरत संस्थान प्रबन्धक चमेल सिंह से बात की गई तो उन्होने बताया कि अभी तक उनके पास कोई अधिकारिक आदेश आईटीआई के लिए बस भेजने के लिए नहीं आये हैं। जैसे ही आदेश  मिलेगा लागू कर दिया जाएगा।

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