आखिर ऐसी कैसी राजनीति हो रही है कांग्रेस में।   

आखिर ऐसी कैसी राजनीति हो रही है कांग्रेस में।

===अटल हिन्द ब्यूरो ==========

After all, what kind of politics is happening in Congress?

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने एक बार फिर कहा कि सचिन पायलट के साथ जाने वाले कांग्रेस के विधायकों को मुंह मांगी कीमत

मिल रही है। कुछ विधायकों ने तो पहली किश्त भी ले ली है। 14 अगस्त को विधानसभा सत्र के आहूत होने की स्थिति को देखते हुए दिल्ली में

विधायकों की सभी मांग पूरी की जा रही है। गहलोत को लगता है कि सचिन पायलट से लेकर मसूदा के विधायक राकेश पारीक तक भाजपा

से करोड़ों रुपए ले रहे हैं और उनकी सरकार गिरा रहे हैं। पायलट और उनके समर्थक 18 विधायकों पर आरोप लगाने में कोई कसर नहीं

छोड़ी जा रही है। ऐसे आरोप तब लगाए जारहे हैं जब पायलट गुट में हेमाराम चौधरी जैसे वरिष्ठ विधायक हैं। हेमाराम चौधरी की उम्र भी

गहलोत की उम्र के बराबर होगी। सवाल उठता है कि क्या हेमाराम चौधरी भी भाजपा से करोड़ों रुपए ले रहे हैं? पायलट गुट के विधायकों ने

भाजपा से किस प्रकार पैसा लिया, इसके सबूत तो गहलोत ही देंगे, लेकिन विधायकों को भुगतान करने की बात तो सीएम गहलोत स्वयं कर

रहे है। गहलोत खुद 100 विधायकों को लेकर बैठे हुए हैं। 29 जुलाई को ही गहलोत ने कहा कि जो विधायक उनके साथ हैं, उनके घाटे की

पूर्ति ब्याज सहित की जाएगी। अब गहलोत बताएं कि समर्थक विधायकों को घाटा कैसे हो रहा है तथा घाटे की पूर्ति ब्याज सहित कैसे होगी?

ब्याज सहित राशि का भुगतान कैसे होगा? पायलट और उनके समर्थक विधायकों के बारे में गहलोत कुछ भी कहे, लेकिन सब जानते हैं कि

जयुपर की जिस फेयरमोंट होटल में गहलोत समर्थक विधायक 10 जुलाई से 31 जुलाई तक रहे, उस होटल के मालिक रतनकांत शर्मा सीएम

गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत के बिजनेस पाटर्नर हैं। यह वहीं रतनकांत शर्मा है, जिन्होंने यश बैंक से 168 करोड़ रुपए का लोन लिया और

समय पर नहीं लौटाया। शर्मा को होटल पर इतना बड़ा लोन और लोन की अवाि किस की सिफारिश से बढ़ाई गई, यह जांच का विषय है।

कर्जदारों द्वारा बैंक का लोन समय पर नहीं चुकाने के कारण ही यश बैंक दिवालिया हुई। अब बैंक के मालिक राणाकपूर जेल में बंद हैं।

सीएम गहलोत बताएं कि उनके पुत्र वैभव और रतनकांत के बीच क्या कारोबारी संबंध हैं? इतना ही नहीं सीएम गहलोत के बड़े भाई अग्रसेन

गहलोत पर भी किसानों की खाद ऊंचे दामों में निर्यात करने का गंभीर आरोप है। अग्रसेन को जो खाद गरीब किसानों को सस्ती दर पर देनी

थी, उसे निर्यात कर दिया गया। ईडी ने दूसरी बार 4 अगस्त को अग्रसेन गहलोत को तलब किया है। होटल फेयरमोंट के मालिक रतनकांत

शर्मा और अपने पुत्र वैभव गहलोत के कारोबारी रिश्ते और भाई अग्रसेन पर लगे गंभीर आरोपों पर सीएम गहलोत ने अभी तक भी कोई

टिप्पणी नहीं की है। गहलोत को यह तो पता है कि भाजपा नेपायलट गुट के विधायकों को पहली किश्त दे दी है, लेकिन बेटे ओर भाई पर

लगे आरोपों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पायलट के साथ बिकने वाले विधायक बसपा या सपा के नहीं है, बल्कि कांग्रेस पार्टी के ही है।

गहलोत अभी कुछ भी कह लें, लेकिन आने वाले समय में यही बयान गहलोत को मुसीबत में डालेंगे। पायलट के साथ जाने वाले विधायकों में

जितेन्द्र सिंह शेखावत, राकेश पारीक, जीआर खटाना, मुरारीलाल मीणा, गजेन्द्र सिंह शेखावत, इन्द्रराज सिंह, भंवरलाल शर्मा, विजेन्द्र ओला,

हेमाराम चौधरी, पीआर मीणा, रमेश मीणा, विश्वेन्द्र सिंह, रामनिवास गवाडिय़ा, मुकेश भाकर, सुरेश मोदी, हरीश मीणा, वेदप्रकाश सोलंकी व

अमर सिंह जाटव शामिल हैं।

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