एक तो कोरोना का संकट ऊपर के चाँद के उल्टा होने की खबर

तीन अप्रैल 2020: चन्द्रमा उल्टा निकला है उल्टी डारेक्शन में चंद्रमा दिखाई दे रहा है, फैली अफवाह

एक तो कोरोना का संकट ऊपर के चाँद के उल्टा होने की खबर

सांझ ढलते रातभर घनघनाते रहे मोबाइल फोन

 

April 3, 2020: Moon has turned upside down, moon appears in reverse direction, rumor spread

One is the news of the corona crisis being upside down

Mobile phones kept shrouding overnight

नारनौल।  कई सोशल साइटों में चांद का उल्टा दिखने का फोटो शुक्रवार देर सांय से ही वायरल हो रहा है। जिसे कई लोगों में अनिश्चतता का भाव दिखा। चांद का उल्टा दिखने को कुछ लोग अपशकुन भी मानने लगे। हालांकि विज्ञान के जानकार ने इसे अफवाह बताया।  चांद के उल्टा निकलने और महिलाओं के अर्घ्य देने की तस्वीरें शुक्रवार देर सांय सोशल मीडिया पर वायरस होते रहे। महिलाओं ने पानी में चावल, गंगाजल, दूध, दही, शहद डालकर पूजा की।

 

हमारी कोमल भावनाओं और धर्म के प्रति समर्पण पर कुछ चतुर और स्वार्थी लोग हमेशा फायदा उठाते है। गणेश जी को दुध पिलाने की घटना के बाद तीन अप्रैल की रात को रही यह जोर से अफवाह रही आज चन्द्रमा उल्टा है। लोग फोन से महिलाओं को चंद्रमा को अर्क (अर्घ्य) देने की अपील करते रहे। इस बारे में अपने परिचितों और रिश्तेदारों को फोन कर ऐसा करने की सलाह देते रहे।

शुक्रवार रात कहीं इस बात से बहकाया गया कि आज चन्द्रमा उल्टा है। चांद की कला पर किसी ने ध्यान नही दिया कि 15 दिन कृष्णपक्ष में अलग तो 15 दिन शुक्ल पक्ष में अलग- अलग रहती है। इस दौरान उदय और अस्त होने का दृश्य अलग रहता है। पूर्णमासी को चांद पूर्ण होता है। चांद केवल अपनी कलाओ में गति करता है। जिसकी वजह से चांद उलटा या सीधा दिखयाई देता है। चांद अपने चक्र के अनुसार ही दिखता है। चांद पृथ्वी के चारो तरफ अपनी अक्षांश पर घूमता हुआ चक्कर लगाता है। यह चक्कर 29.5 दिन में पूरा कर लेता है।

 

 

 

24 मार्च को चांद पृथ्वी और सूरज के बीच होने के कारण बिलकुल नहीं दिख रहा था। इस रात को अमावस्या की रात भी कहा जाता है। कुछ लोग इसे न्यू मून भी कहते हैं। एक अप्रैल तक यह प्रथम चरण में रहेगा। जिसे हम अर्ध चंद्र के नाम से जानते हैं। आठ अप्रैल को चांद गति करते हुए ऐसी जगह होगा जब प्रथ्वी सूरज और चांद के बीच होगी।

 

 

आठ अप्रैल तक चांद जमीन से दाहिने तरफ वाला हिस्सा चमकता दिखेगा। फिर नौ से 22 अप्रैल के बीच बाएं तरफ वाला हिस्सा चमकता दिखेगा। 23 अप्रैल को अंधेरी रात होगी। जिस दिन चांद नहीं दिखाई देता है है। इस न्यू मून डे पर चांद सूरज के उदय होने के साथ साथ ही उदय होता है। सूरज अस्त होने के साथ ही साथ अस्त होता है। जब चंद्र अर्ध चंद्र के रूप में दिखाई देखा उस दिन यानी एक अप्रैल को चंद्रमा दोपहर के समय उदय होगा। यह चंद्रमा की सामान्य प्रक्रिया है। जो लगातार चलती रहती है।

यहां सवाल उठता है कि हिन्दू कोम ऐसी हो गई कि इसको कोई बहका दो ये बहक जाती है। विधर्मी लोग बार बार इस कोम को आजमाते रहते हैं अर्थात बहकाते रहते। हमारी मुर्खता का आनंद लेते रहते हैं। हम ईश्वर की कृति में भी त्रुटि आसानी से मान लेते है।

इस पर पण्डित पुष्कर दत्त शर्मा रामपुरा ( नावदी)  ने कहा कि ऐसी कोई बात नही है। यह सिर्फ कोरी अफवाह है। आज शुक्ल पक्ष दशमी के दिन चांद जितना कटता है उतना ही कटा हुआ है लेकिन उल्टी साइड से और ये तभी संभव है अगर चांद पृथ्वी के उल्टी दिशा में चक्कर लगाने शुरू कर दे।

 

इधर, नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान एंव शोध संस्थान (एरीजोना) के खगोल विज्ञानी डाक्टर शशिभूषण पांडेय ने कहा कि चांद उल्टा देखने की बात मात्र अफवाह है। इसका कोई विज्ञानी आधार या रहस्य नहीं है।असल में चंद्रमा की कलाएं में परिवर्तन होता रहता है। यह जब पूर्ण होता है तो कई बार घटते घटते आधा दिखता है, तो कभी आधे से ज्यादा दिखता है, तो कभी आधे से पूर्ण होते नजर आता है। इसी आभास में लोगों को उल्टा दिखाई देता है।

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