ए आई यू टी यू सी ने किया ढांड में प्रदर्शन 

ए आई यू टी यू सी ने किया ढांड में प्रदर्शन

 

 

ढाडं ( अटल हिन्द /पृथ्वी नोकवाल  ) आल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (ए आई यू टी यू सी) की ओर से यूनियन के दफ्तर से शुरू कर शहर की राधाकृष्ण धर्मशाला तक प्रदर्शन किया गया जिसका नेतृत्व यूनियन के जिला सचिव विनोद शाकया व एआईयूटीयूसी के हरियाणा प्रदेश कमेटी के उपप्रधान कामरेड रोशन लाल ने किया। पार्टी के जिला सचिव कामरेड राजकुमार सारसा भी शामिल रहे। विनोद ने प्रैस को जारी बयान में कहा कि केन्द्र सरकार और राज्य सरकारें मजदूरो़ं- कर्मचारियों के खिलाफ जनविरोधी नीतियों को लागू कर रही हैं। इसके विरोध में सारे देश में ट्रेड यूनियनें सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रही हैं। लाकडाउन जो सारे देश में बिना तैयारी लागू किया गया उससे मजदूरो़ं-कर्मचारियों का जो बुरा हाल हुआ वो देश के सामने है। बहुत से मजदूर भूख-प्यास, दुर्घटना में मारे गए और करोड़ों का रोजगार चला खत्म हो गया। जिससे उनके परिजनों के सामने भूखा मरने की नौबत आ गई। ये सब केन्द्र व राज्य सरकारों की लापरवाही के कारण हुआ। लाकडाउन का नाजायज फायदा उठा कर कई मजदूर-कर्मचारी विरोधी कानून सरकार लेकर आई जैसे 44 लेबर कानूनों को बदल कर 4 लेबर कोड बना दिये, 8 घंटे के कार्य दिवस को 12 घंटे में बदल दिया गया जो मालिकों और पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया। प्रदर्शनकारियों ने हाथ में पटिकायें  लेकर सभी मजदूर-कर्मचारियों को रोजगार दिया जाए, तालाबंदी, छंटनी पर रोक लगाओ, लेबर कानूनों में संशोधन वापस लो, 8 घंटे के कार्य दिवस को 12 घंटे करना बंद करो, हर प्रभावित परिवार को दस-दस हजार रुपए महीना आर्थिक सहायता दी जाए, आवश्यक वस्तु कानून समेत तीनों विधेयकों को वापस लिया जाए, बिजली बिल संशोधन 2020 वापस लो, भवन निर्माण कारीगर मजदूर के रजिस्ट्रेशन व हित लाभ लेने रुकावट 90 दिन की शर्त हटाई जाएं, हर गरीब परिवार को 15 किलो अनाज,एक किलो दाल,एक किलो चीनी,एक लीटर सरसों तेल हर महीने दिया जाए, रेलवे समेत सार्वजनिक उपक्रमों को प्राइवेट हाथों में बेचना बंद करे, केन्द्रीय ट्रेड यूनियन एआईयूटीयूसी जिंदाबाद, जनविरोधी केन्द्र व राज्य सरकारों के खिलाफ जन आंदोलन तेज करो। इस प्रदर्शन में शीशपाल, जेठूराम, राजेंद्र, जगदीश,सुभाष,भेजना राम आदि शामिल थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »
%d bloggers like this: