कड़ी टक्कर में फंसे भाजपा के कद्दावर मंत्री —– मंत्री रामविलास शर्मा, कैप्टन अभिमन्यु व ओमप्रकाश धनकड़ का भी पेच फंसा

कड़ी टक्कर में फंसे भाजपा के कद्दावर मंत्री —–
मंत्री रामविलास शर्मा, कैप्टन अभिमन्यु व ओमप्रकाश धनकड़ का भी पेच फंसा ——-
भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला की राह भी कठिन ——-
भाजपा के तीन स्टार योगेश्वर दत्त, बबीता फोगाट व सोनाली को भी मिल रही है कड़ी टक्कर—–
कांग्रेस के कई दिग्गजों की सीट भी फसी—-
अभय चौटाला तथा रामचंद्र सैनी की जीत में भी रोडे ——-
25 विधानसभा सीटों पर सीधी या त्रिकोणीय मुकाबला —-

===राजकुमार अग्रवाल======

मतदान के मात्र 8 दिन शेष रह गए प्रदेश की तमाम विधानसभा सीटों पर समीकरण बनने और बिगड़ने लगे हैं। कुछ हद तक तस्वीर साफ होती नजर आ रही है हालांकि अभी एक सप्ताह का समय शेष है। कई दिग्गज नेताओं के रोड शो तथा रेलिया अभी होना बाकी है लेकिन अभी तक की बात करें तो भाजपा के कद्दावर मंत्रियों के सीट ही फंसती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के बाद दूसरे नंबर के मंत्री रामविलास शर्मा जो महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं वे त्रिकोणीय मुकाबले में फंसे हुए हैं। कांग्रेस की ओर से पूर्व सीपीएस राव दान सिंह चुनाव लड़ रहे हैं वहीं बतौर निर्दलीय एसडीएम रहे संदीप सिंह भी चुनाव लड़ रहे हैं यहां त्रिकोणीय मुकाबला है। इस सीट पर कुछ भी हो सकता है कुल मिलाकर मामला गड़बड़ ही है। अब बात करते हैं दूसरे कद्दावर मंत्री नारनौद से चुनाव लड़ रहे कैप्टन अभिमन्यु की वह भी कड़े मुकाबले में फंसे हुए हैं उनको जननायक जनता पार्टी के राम कुमार गौतम सीधी टक्कर दे रहे हैं ऐसे में कैप्टन अभिमन्यु की राह आसान नहीं है।


बादली से एक और कद्दावर नेता जो चुनाव लड़ रहे हैं ओम प्रकाश धनखड़ उनका भी पेंच फंसा हुआ है उनके सामने जेजेपी पार्टी के कुलदीप वत्स खड़े हैं जो उनको सीधी टक्कर दे रहे हैं ऐसे में जीत हासिल करना उनके लिए टेढ़ी खीर है। शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे मंत्री कृष्ण बेदी को भी जेजेपी व कांग्रेस टक्कर दे रही है।रादौर से चुनाव लड़ रहे करण देव कंबोज को कांग्रेस के बिशनलाल कड़ी टक्कर दे रहे हैं करण देव कंबोज पिछली बार इंद्री से जीत कर आए थे इस बार उनकी सीट बदली गई रादौर से श्याम सिंह राणा की टिकट काट दी गई।अब बात करते है रोहतक हॉट सीट की मनीष ग्रोवर प्रदेश सरकार में मंत्री थे और वह रोहतक शहरी से जीत कर आए थे लेकिन इस बार उनकी राह आसान नहीं है उनके सामने कांग्रेस के बीबी बत्रा है दोनों पंजाबी कद्दावर नेता है दोनों पंजाबी नेता होने के कारण पंजाबी वोट दोनों में बटेंगे।इस बार सेहरा किसके सिर सजेगा इसका फैसला जाट करेंगे।अब बात कर लेते हैं प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष सुभाष बराला की वह भी फंसे हुए हैं टोहाना से जेजेपी के देवेंद्र बबली उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं यहां पर कांग्रेस ने भी अपने कद्दावर नेता पूर्व मंत्री परमवीर को मैदान में उतारा है।अब बात कर लेते हैं भाजपा के तीन स्टारों की जो पिछले काफी दिनों से चर्चा में रहे हैं यानी कि बबीता फोगाट, योगेश्वर दत्त और टिक टॉक सेलिब्रिटी सोनाली फोगाट की इन तीनों का मामला भी गड़बडाया हुआ है।बबीता फोगाट दादरी से चुनाव लड़ रही है उनके सामने जेजेपी के वरिष्ठ नेता सत्यपाल सांगवान चुनाव लड़ रहे हैं जिनको कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया। सोमवीर सांगवान की भी बीजेपी ने टिकट काट दी थी व भी बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं यहां मामला त्रिकोणीय बना हुआ है इसलिए बबीता फोगाट की राह आसान नहीं है।अब बात कर लेते दूसरे की यानी कि योगेश्वर दत्त की योगेश्वर दत्त बरोदा से चुनाव लड़ रहे हैं उनके सामने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कृष्ण हुड्डा मैदान में हैं योगेश्वर दत्त अभी तक अपना चुनाव उठा नहीं पाए जितना उठना चाहिए था। तीसरी स्टार यानी टिक टॉक स्टार सोनाली फोगाट की जो आदमपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रही हैं उनके सामने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुलदीप बिश्नोई हैं सोनाली की राह कांटो भरी है।
भाजपा ही नहीं कांग्रेस के भी कई दिग्गजों की सीट फंसी हुई है जिसमें पलवल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के करण सिंह दलाल के सामने बीजेपी के दीपक मंगला चुनाव मैदान में हैं वहीं इनेलो के काफी समय से प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी संभातेरहे अशोक अरोड़ा की रहा भी कठिन दिखाई दे रही है उनके सामने बीजेपी के सुभाष गुदा चुनाव मैदान में है। जेजेपी पार्टी के वरिष्ठ नेता एक तरह से कहे मुखिया दुष्यंत चौटाला व भाजपा की प्रेमलता के बीच सीधी टक्कर है। यहां कुछ भी हो सकता है।इनेलो से अभय सिंह चौटाला जो पिछले इनेलो विधायकों में से ऐसे इनेलो विधायक हैं जो चुनाव लड़ रहे हैं ऐलनाबाद से चुनाव लड़ रहे हैं अभय सिंह चौटाला की जेजेपी के भरत बेनीवाल व भाजपा के पवन बेनीवाल से टक्कर है। लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के सुप्रीमो रामचंद्र सैनी की जीत भी आसान नहीं है।प्रदेश की 25 ऐसी विधानसभा है जिन पर लड़ाई आमने-सामने या त्रिकोणीय हैं। हालांकि अभी 1 सप्ताह का समय शेष है। समीकरण बदले और बिगड़ेंगे भी जो पीछे हैं वेआगे हो सकते हैं तो आगे हैं वह पीछे भी जा सकते हैं।

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