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करतारपुर साहिब जाने के लिए श्रद्धालुओं के पास पासपोर्ट होना अनिवार्य

करतारपुर साहिब जाने के लिए श्रद्धालुओं के पास पासपोर्ट होना अनिवार्य
चंडीगढ़ (अटल हिन्द ब्यूरो  ) : श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित समागमों के दौरान गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए जाने वाली संगत के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज केंद्र सरकार को ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए निश्चित किए गए 30 दिन के समय को घटाने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने आज यहां एक उच्च स्तरीय मीटिंग के दौरान केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ करतारपुर गलियारे के प्रोजेक्ट की प्रगति का जायजा लिया। वहीं इस बैठक में एक बात ये भी निकलकर सामने आई कि करतारपुर साहिब जाने के लिए श्रद्धालु के पास पासपोर्ट होना जरूरी है। अगर वीजा नहीं भी है तो तब भी वहां जाने से एक माह पहले श्रद्धालु को ऑनलाइन पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने केंद्रीय टीम को श्रद्धालुओं के लिए ई परमिट जारी करने की संभावना तलाशने के अलावा डेरा बाबा नानक में पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित करने के लिए भी कहा जिससे करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए वीजा अप्लाई करने वाली लाखों की संख्या में संगत को सुविधा हासिल हो सके। उन्होंने कहा कि ऐसा सेवा केंद्र दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सहायक सिद्ध होगा। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार को पाकिस्तान पर दबाव बना कर श्रद्धालुओं के लिए निश्चित 20 डॉलर फीस को हटाने की फिर से अपील की। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ के रीजनल पासपोर्ट अफसर को कहा कि श्रद्धालुओं को पहल के आधार पर पासपोर्ट सेवाएं मुहैया करवाने के लिए फास्ट ट्रेक और पहुंचयोग्य विधि यकीनी बनाने के लिए कहा। उन्होंने विभाग को यह भी कहा कि ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए श्रद्धालुओं की मदद के लिए राज्यभर में पासपोर्ट कैंप लगाने तुरंत शुरू किए जाएं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को प्रति व्यक्ति 10 हजार रुपए की भारतीय करेंसी की इजाजत देने की मांग की।

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