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करोड़ा के  कुलदीप बनवाला ने कहा मच्छली पालन में  घाटा हुआ, परंतू काम सीख गया

करोड़ा के  कुलदीप बनवाला ने कहा मच्छली पालन में  घाटा हुआ, परंतू काम सीख गया

कैथल, 4 अक्तूबर  ( अटल हिन्द/राजकुमार अग्रवाल )

संघर्ष के पथ पर आने वाले समय में सफलता हासिल होने की संभावना बढ़ जाती है, परंतू होने वाले नुकसान से हमें घबराना नही, पीछे नही हटना, बल्कि डटकर मुकाबला करते हुए हमें जीत की ओर आगे बढऩा है। कुछ इसी प्रकार की सीख दे रहा है मच्छली पालक करोड़ा निवासी कुलदीप बनवाला। उनका मानना है कि नए व्यवसाय में हमें हर कदम को सोच-समझकर रखना चाहिए ताकि हमें ज्यादा आर्थिक नुकसान नही हो।

हमें व्यवसाय की तरफ बढऩा है तो एक समय में हुए नुकसान के बाद हमें वह व्यवसाय नही छोडऩा चाहिए, बल्कि उससे हुए अनुभव से निरंतर कार्य करते हुए अच्छे समय का इंतजार करना चाहिए।

गांव करोड़ा निवासी मच्छली पालक कुलदीप बनवाला ने बताया कि वह दसवीं पास है, उनके पास खेती के लिए बहुत कम जमीन है और इस जमीन से होने वाली खेती से परिवारिक खर्च पूरा नही होता था। खेती के साथ-साथ मच्छली पालन का काम समझ में आया तो गांव के तालाब को ठेके पर ले लिया और मच्छली पालन का कार्य करने लगा।परंतू इस कार्य में गांव के तालाब के ओवर फ्लो होने के कारण काफी घाटा हुआ। लगभग पिछले 4 साल बीत गए, जिसमें फायदा नही, घाटा हुआ, परंतू काम सीख गया। अब घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही थी और स्वयं का नया काम शुरू करने में पैसों की काफी आवश्यकता थी। सोचा कि अब डरना क्या, अब तो मच्छली पालन के बारे में ही सोचा जाए।

कुलदीप बनवाला ने अपनी जमीन का कुछ हिस्सा बेच दिया और अपने ही खेत में मत्स्य विभाग की मदद से मच्छली पालन का व्यवसाय शुरू कर दिया। लगभग एक एकड़ में स्थापित मच्छली पालने के लिए 7 नए टैंक लगाए, जिसकी क्षमता एक लाख 18 हजार लीटर की है।

इस नए व्यवसाय में लगभग 14 लाख रुपए खर्च आए। इसके अलावा हैचरी हेतू नए खड्ढïे तैयार किए, जिसका बीज कलकता से मंगवाया जाएगा और कार्य शुरू करेंगे। अन्य मच्छली पालकों व मस्त्य विभाग से इस बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करता रहता हूं, ताकि भविष्य में नुकसान न हो और मेरा यह व्यवसाय मुझे अच्छा मुनाफा दे। सरकार द्वारा भी इस कार्य के लिए अनुदान मिलेगा, ताकि इस कार्य को और अधिक बढ़ा सकूं। इस कार्य में कोई उदार नही है, नकद का काम है। हरियाणा पर्यटन निगम के चेयरमैन रणधीर सिंह गोलन ने गत दिनों इस व्यवसाय का शुभारंभ भी किया था।

बॉक्स: जिला मत्स्य अधिकारी सुरेंद्र बोले मत्स्य पालन पर सरकार द्वारा दिया जाता है अनुदान
जिला मत्स्य अधिकारी सुरेंद्र ने कहा कि सरकार द्वारा चलाई प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत गांव करोड़ा निवासी कुलदीप 7 टैंकों में मत्स्य पालन का कार्य करेगा। इस स्थापित किए गए मत्स्य पालन हेतू उन्हें अनुदान दिया जाएगा। सरकार द्वारा सामान्य वर्ग हेतू 40 प्रतिशत, अनुसूचित जाति, जन जाति व महिला वर्ग को भी 60 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह मेहनत का कार्य है और इसकी देख-रेख ज्यादा होती है। यदि कोई व्यक्ति इस व्यवसाय को करता है तो उन्हें लाभ मिलता है। कुलदीप ने भी यह कार्य करने की ठानी है और विभाग इसमें उनका पूरा सहयोग कर रहा है। लोगों में इस व्यवसाय की तरफ काफी रूझान बढ़ा है और मच्छली पालकों को काफी मुनाफा होता है। गांव मटोर, सजूमा, लांबाखेड़ी, धनौरी, ग्योंग, भूना, थेहनेवल, पपराला में बायो ब्लॉक सिस्टम स्थापित हैं।

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