कवि एवं पत्रकार दिलाराम भारद्वाज ‘दिल लिखते है एक रचना हिमाचल प्रदेश से -प्लास्टिक

प्लास्टिक
प्लास्टिक मेरा नाम है , प्रदूषण मेरा काम है ।
जमीन बंजर करता हूँ , सड़ता न में गलता हूँ ।
पानी में बह कर जाऊँ ,अट्खेलियों में  इठलाऊं।
जलने पर फैलाऊं धुंआ, नाम अस्ल मौत का कुंआ ।
कूड़ा कचरा में फैलाता , गली मुहल्ले तक में जाता ।
गंदे पानी का भंडार , भरे  पड़े मुझसे सारे  बजार ।
शत्रु हूँ में इस चमन का , रुतबा मेरा प्रकृति दमन का ।
जो मुझको अपनाएगा , सुखी नहीं वो रह पाएगा ।
फिर भी करते मेरा उपयोग , मर जाएं जो कर ले भोग ।
प्लास्टिक को सभी त्यागो , मेरे देश के लोगों जागो ।
प्लास्टिक है मेरा नाम , जीव का करता हूँ काम तमाम ।
दिलाराम भारद्वाज ‘ दिल ,
करसोग  , हिमाचल प्रदेश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »
error: Content is protected !! Contact ATAL HIND for more Info.
%d bloggers like this: