कसान गाँव में बच्चो की आपसी लड़ाई को लेकर दो समुदायों में  झगड़ा 

गली में खेल रहे बच्चों की आपसी कहासुनी ने लिया लड़ाई झगड़े का रूप

मामले में दोषियों पर तुरंत की एफआईआर दर्ज की, जल्द होंगे गिरफ्तार : थाना प्रभारी

पीड़ित परिवार का आरोप “शिकायत दर्ज करवाने को लेकर थानों के चक्कर काट रहा है पीड़ित परिवार”

न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार पुलिस अधिकारियों की कर रहा है मिन्नतें

कैथल, 16 मार्च (कृष्ण प्रजापति): जिले के कसान गांव में 2 समुदायों के बच्चों की आपसी मामूली कहासुनी बड़े झगड़े का रूप ले लेगी और उसके बाद पीड़ित परिवार न्याय की मांग को लेकर पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर होगा, ऐसा शायद उन परिवारों ने भी नहीं सोचा होगा। मामला गांव कसान का है जिसमें पीड़ित पक्ष के लोगो का आरोप है कि दो समुदायों के बच्चों की लड़ाई का पुलिस अधिकारी व कर्मचारी फायदा उठा रहे हैं। एसपी को दी शिकायत में कसान निवासी रीना पत्नी मोहन लाल, अनिल बाता, राजपाल प्रजापति, कृष्ण कसान, पिन्ना, रघबीर, इन्द्र, अमित, राजेश, मुकेश देवी आदि ने बताया कि 12 मार्च की दोपहर को उनके लगभग 10 वर्षीय बच्चे का किसी बात को लेकर रामकुमार के पोते के साथ झगड़ा हो गया जिसका उलाहना लेकर उनके परिवार के लोग उनके घर पहुंचे थे, जिसके बाद उन्होंने रामकुमार और उनके परिवार से हाथ जोड़कर माफी भी मांगी और आगे से बच्चों द्वारा किसी भी प्रकार की गलती करने पर खुद पिटाई करने की बात भी कही थी लेकिन उसके बाद रामकुमार और उसके परिवार के दर्जनों सदस्यों बारू, टोनी, अमित, श्यामलाल आदि मौके पर लाठी-डंडों से लैस होकर एकदम घर के अंदर घुस गए और घर में मौके पर जो भी महिलाएं, बच्चे या पुरुष मिले उनको डंडो-लाठी से पीटना शुरू कर दिया। जिसके बाद घायल अवस्था में पूरे परिवार के सदस्य कैथल हॉस्पिटल में भर्ती होने के लिए आए जहां पर डॉक्टरों ने भी उनकी कोई सुनवाई नहीं की और किठाना चौकी में, राजौंद थाने में पहुंचे लेकिन वहां पर पुलिस कर्मचारियों द्वारा उनकी कोई शिकायत नहीं सुनी गई। पीड़ित रीना देवी ने बताया कि जाति विशेष के लोगो ने घर में घुसकर महिलाओं से गलत कार्य करने की कोशिश भी की थी लेकिन पुलिस ने मामूली झगड़ा बताकर उनको वहां से घर जाने को कहा लेकिन पीड़ित परिवार कैथल एसपी को मामले की जानकारी देने के लिए पहुंचा और इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की। पीड़ित पक्ष के मोहनलाल का कहना है कि पुलिस अधिकारी उनकी तो सुनवाई नहीं कर रहे परन्तु दूसरे पक्ष की ज्यादा सुनवाई कर रहे हैं। अब पीड़ित पक्ष के लोगों ने निष्पक्ष जांच करके न्याय देने की मांग की है।

वर्जन- राजौंद थाना प्रभारी

इस बारे में राजौंद थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही पुलिस कर्मचारियों को मौके पर पीड़ितों के बयान दर्ज करने के लिए भेजा था और पीड़ितों की शिकायत पर रामकुमार और उसके परिवार के कई सदस्यों पर धारा 323, 452, 506 व 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर लिया था और दोषियों की धरपकड़ जारी है, जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित परिवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

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