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कार्रवाई नहीं कर सकते तो मेरा इस्तीफा मंजूर कर लो,कहकर डिटी रजिस्ट्रार मलिक हुए बेहोश

वीसी सर, कार्रवाई नहीं कर सकते तो मेरा इस्तीफा मंजूर कर लो… कहकर डिटी रजिस्ट्रार मलिक हुए बेहोश
hisar(atal hind) वीसी सर, मुझसे तीन कर्मचारियों ने सबके सामने अपमानित किया। जिससे उनका बैर था, उनसे तो थाने में समझौता हो गया। मेरा क्या कसूर था। या तो मेरा इस्तीफा मंजूर करो या दोषियों पर कार्रवाई करो।गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में कुलपति ऑफिस के कमेटी रूम में निवेदन की मुद्रा में यह बातें रखने के बाद डीआर कंडक्ट ब्रांच राजबीर मलिक के पांव लड़खड़ाए और वह बेहोश हो गए। उनके साथ गए करीब 50 कर्मचारियों के साथ वीसी टंकेश्वर कुमार भी मलिक की यह हालत देखकर सन्न रह गए।
कुछ देर तो किसी को समझ नहीं आया कि अचानक यह सब कैसे हो गया। फिर मलिक को तुरंत गुजवि परिसर में बने अस्पताल ले जाने की तैयारी हुई। वीसी टंकेश्वर इस दौरान तथा बाद में भी मलिक की खैरियत पूछते रहे। साथी कर्मचारियों ने बताया कि अस्पताल में मलिक को होश आया तो उनका कहना था कि मार्च महीने की शुरुआत से तीन कर्मचारियों के दुर्व्यवहार से वह काफी आहत थे और ड्यूटी देते समय भी डिप्रेशन की हालत में थे। बुधवार को साथी कर्मियों के हौसला देने पर उन्होंने आरोपित कर्मियों के निलम्बित करने की मांग के साथ वीसी से मिलकर इंसाफ की गुहार लगाने हिम्मत जुटाई थी। साथियों ने बताया कि ऑफिस के अंदर जाने के बाद उन्हें अपने साथ हुए बर्ताव की याद फिर ताजा हो गई इसलिए सदमे की वजह से मलिक का बीपी हाई हुआ और वह मूर्छित हो गए। अस्पताल में भी मलिक का ब्लड प्रेशर दवा दिए जाने के काफी समय बाद सामान्य हो पाया। गुजवि अस्पताल में प्राथमिक चिकित्सा के बाद उन्हें रैफर कर दिया गया।
तीन सदस्यीय कमेटी बनी
मलिक की शिकायत पर वीसी ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया। इस कमेटी में विवि प्राक्टर विनोद कुमार बिश्नोई, प्रो. एससी कुंडू तथा प्रो. राकेश बहमनी को शामिल किया गया। मलिक इस बात से आहत थे कि जांच के नाम पर कमेटी फैसला ले पाने में सक्षम नहीं हो पा रही है। इससे आहत होकर ही उन्होंने कुछ दिन पहले इस्तीफा दिया था।

 

मलिक ने इस्तीफा दिया था
थाने में आरोपितों तथा डिस्टेंस एजुकेशन के अधिकारियों के बीच समझौता होने पर डीआर राजबीर मलिक ने 5 मार्च को गुजवि प्रशासन को शिकायत दी। इस शिकायत में मलिक का कहना था कि कान्ट्रेक्ट बेस पर किसी को नौकरी लगवाने या नहीं लगवाने में उनका तो कोई रोल नहीं था फिर उनसे दुर्व्यवहार किसलिए हुआ। आरोपितों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज मलिक ने गुजवि प्रशासन को इस्तीफा सौंप दिया। हालांकि गुजवि प्रशासन ने मलिक का त्यागपत्र मंजूर नहीं किया।
यह था मामला
सूत्र बताते हैं कि डिस्टेंस एजुकेशन के एक कर्मचारी अपने बेटे को डिस्टेंस एजुकेशन में कांट्रेक्ट बेस पर नौकरी पर रखवाना चाहते थे। वीसी ने चूंकि कान्ट्रेक्ट भर्तियों पर रोक लगाई थी इसलिए डिस्टेंस एजुकेशन प्रशासन ने कर्मी के बेटे को नौकरी पर रखे जाने बाबत एस्टेबलिशमेंट ब्रांच से राय मांगी थी। बस मामला यहीं से बिगड़ा। आरोप है कि गत 3 मार्च को अप्वाइंटमेंट नहीं मिलने से नाराज कर्मचारी अपने साथ एक स्टोर कीपर तथा एक अन्य कर्मचारी पर डायेक्टर डिस्टेंस एजुकेशन कार्यालय पहुंचा और तीनों कर्मियों पर आफिस के बाहर हंगामा करने तथा गाली गलौच का आरोप लगा। एक पक्ष का आरोप है कि एक कर्मचारी ने हंगामा करते वक्त शराब का सेवन किया हुआ था। कंडक्ट ब्रांच के डिप्टी रजिस्ट्रार राजबीर मलिक बाहर निकले तो आरोपितों ने महिला कर्मचारियों के सामने उनसे भी गाली गलौच शुरू कर दी। जब मेडिकल करवाने की सुगबुगाहट हुई तो हंगामा करने वाले तीनों आरोपित कर्मचारी वहां से खिसक गए। उसी दिन दोपहर को वह फिर कार्यालय के बाहर पहुंचे और फिर गाली गलौच किया। इसके बाद मामला थाने पहुंचा।

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