Atal hind
हरियाणा

किसानों के प्रति उदासीनता का रवैया अपना रही Hariyana सरकार: बिश्नोई

किसानों के प्रति उदासीनता का रवैया अपना रही सरकार: बिश्नोई

Government adopting attitude towards indifference towards farmers: Bishnoi

चंडीगढ़/हिसार, 21 अपै्रल : कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय कार्यसमिति के सदस्य, आदमपुर के विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री कुलदीप बिश्नोई ने आरोप लगाया है कि सरकार गेहूं की खरीद के मामले में किसानों के प्रति उदासीनता का रवैया अपना रही है। किसानों की इस प्रकार से उपेक्षा करना उचित नहीं है। किसानों की परेशानी का एक प्रमुख कारण यह भी है कि गेहूं की खरीद के लिए अपनी फसल-अपना ब्योरा योजना के अंतर्गत इस वर्ष ई-टेंडरिंग प्रणाली लागू की गई है। जिससे किसानों को अनावश्यक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़े।

 

HARIYANA-हाइकोर्ट से भी ज़्यादा ताकतवर है प्राइवेट स्कूलों की लॉबी

 

 बिश्नोई ने कहा कि प्रदेश में पहले ही दिन विभिन्न जिलों से किसानों को परेशान करने की खबरें आई। इस प्रकार की खबर मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर के जिला करनाल से भी आ रही है। गत दिवस घरोण्डा की अनाज मंडी में जो किसान गेहूं बेचने आए थे वह परेशान हो कर वापिस लौट गए । उनका एक दाना भी नहीं खरीदा गया । क्योंकि आढ़ती खरीद का पुरानी प्रणाली दोबारा लागू करने की मांग कर रहे हैं।

harihariyana-राजनेताओं & अधिकारियों ने कोरोना को लेकर कैसे उड़ाई PM मोदी आदेशों/निर्देशों की धज्जियां?

 

आढ़ती एसोसिएशन ने कहा है कि सरकार ने धान खरीद के पैसे भी अबतक आढ़तियों को नहीं दिए हैं। जब तक गेहूं खरीद की प्रक्रिया को सरल नहीं बनाया जायेगा तब तक किसानों को इसी प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नई ई-टेंडरिंग योजना के अंतर्गत किसानों को एस एम एस द्वारा जो सन्देश मिल रहे । वह या तो देरी से मिल रहें हैं या ऐसे किसानों को मिल रहें हैं । जिनकी फसल कू कटाई अब तक नहीं हुई है।

 

 

उन्होंने कहा कि सिरसा की अनाज मंडी से ख़बर आ रही है कि वहां पर एक किसान से केवल एक ट्राली गेहूं की ही खरीद की जाएगी। उन्होंने? व्यंग्य भरे लहजे में कहा कि अगर एक किसान एक ट्राली से अधिक गेहूं पैदा करेगा तो उसे अपना गेहूं बेचने के लिए कितनी बार मण्डी में कितनी बार आना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार की खबर गत दिवस कैथल और सोनीपत की मण्डियों से भी आ रही है जहां पर आढ़तियों की हड़ताल के कारण गेहूं का एक दाना भी नहीं खरीदा गया।

 

शर्मनाक =  Coronavirus ,इससे भयानक और खतरनाक  क्या हो सकता है.  

 

हिसार जिले में भी किसानों को परेशानियां आ रही हैं। आढ़ती मांग कर रहे हैं कि कोरोना रुपी महामारी के दृष्टिगत गेहूं की खरीद की पुरानी प्रणाली को ही जारी रखी जाए ताकि मण्डियों में गेहूं की खरीद की सुचारू रूप से खरीद सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि आढ़तियों के सहयोग के बिना गेहूं का एक-एक दाने की खरीद सुनिश्चित हो सके। क्योंकि आढ़ती और किसान एक ?सिक्के के दो पहलू हैं और वह लम्बे समय से एक दूसरे पर निर्भर हैं।

 

 

 

 बिश्नोई ने कहा कि आढ़तियों की समस्या का समाधान सौहार्द्रपूर्ण तरीके से निकाला जाए ताकि किसानों को मानसिक परेशानी से बचाया जाए क्योंकि किसानों को बार-बार अपनी फसल बेचने के लिए मण्डियो में आना पड़ेगा, जिससे कोविड-19 के दौरान सामाजिक दूरी के सिद्धांत की सरेआम धज्जिया उड़ाई जायेगी। उन्होंने कहा कि इस नई खरीद प्रणाली से खरीद में देरी ?होने के कारण किसानों को खराब मौसम की मार झेलने के साथ साथ अपनी फसल को घर में रखने की सुविधा न होने के कारण भी उन्हें अनेक परेशानियों का सामना कर पड़ सकता है।

 

 

उन्होंने सरकार से मांग की है कि कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए इस साल लागू की गई ई-टेंडरिंग प्रणाली को अगले साल तक निलम्बित किया जाए। श्री बिश्नोई ने मुख्यमंत्री से मांग की है किसानों को ?1 जून के बाद गेहूं की खरीद पर 125 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा के बारे में स्पष्टीकरण देने की मांग करते हुए कहा कि क्या इस बारे में केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृति बोनस देने की स्वीकृति प्रदान की जा चूकी है या नहीं।

 

अगर केन्द्र सरकार बोनस की अनुमति नहीं देती है तो खट्टर सरकार को 200 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बोनस दिया जाए ताकि देश के अन्नदाता को राहत मिल सके। आदमपुर मण्डी में आढ़तियों ने खाली पीपे और थाली बजाकर सरकार की नीतियों का विरोध किया। वहीं टोहाना, फतेहाबाद, नारनौद , आदमपुर और जुलाना में गेहूं की कोई खरीद नहीं की गई। गोहाना में किसानों और आढ़तियों ने मिलकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

 

 

वहीं रोहतक में केवल दो किसान और रेवाड़ी में केवल चार किसान ही गेहूं की फसल बेचने के लिए पहले दिन आए । यह सरकार की तानाशाही नीतियों का परिणाम है। इसके माध्यम से सरकार आढ़तियों और किसानों के दशकों पुराने मधुर रिश्तों में दरार पैदा करके उनमें कटूता पैदा करना चाहते हैं । इसके साथ हीं किसानों को अपमानित करने का कुत्सित प्रयास भी किया जा रहा है।इसको कभी सहन नहीं किया जायेगा।

Related posts

हाथरस कांड के खिलाफ जनसंगठनों ने जुलूस निकाल कर सीएम योगी का पुतला फूंका

admin

कानून को ठेंगा दिखाते हुए कैथल बीजेपी विधायक, फोटो खिंचवाने के लालच में  सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाना भी भूल गए  

Sarvekash Aggarwal

कुमारी सैलजा पर हमले में पार्षद खटाना समेत कई भाजपा नेताओं पर एफआईआर दर्ज

admin

Leave a Comment