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केंद्र को सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश, ‘दिल्ली को हर रोज सप्लाई करें 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन

केंद्र को सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश, ‘दिल्ली को हर रोज सप्लाई करें 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन
पीयूष पांडे
दिल्ली में ऑक्सीजन सप्लाई (Oxygen Supply) को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केंद्र सरकार (Central Government) को सख्त आदेश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र को दिल्ली में हर रोज 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की सप्लाई करनी होगी. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि सिर्फ एक बार ऑक्सीजन देने से काम नहीं चलेगा. वहीं, दिल्ली सरकार ने बताया कि सुबह 9 बजे तक दिल्ली को 89 मीट्रिक टन ऑक्सीज़न ही मिली है, जबकि 16 मीट्रिक टन रास्ते में है.

सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, “आपको 700 MT ऑक्सीज़न रोज दिल्ली को देनी होगी. हम चाहते हैं कि केंद्र दिल्ली 700 को सप्लाई करें, और यह केवल मेरे विचार नहीं है, यह बेंच का मानना है, हम क्रम में स्पष्ट करेंगे.”
जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, “कृपया हमें ऐसी स्थिति के लिए मजबूर न करें, जहां हमें सख्त होना पड़े.” जस्टिस शाह ने कहा, “हमने कल भी साफ किया था आपको दिल्ली को 700 MT ऑक्सीज़न रोज़ सप्लाई करनी होगी, जब तक कि ऑक्सीज़न सप्लाई को लेकर अगला आदेश नहीं आता है.”

केंद्र सरकार की तरफ से क्या कहा गया था

इससे पहले गुरुवार को केंद्र सरकार ने अदालत से कहा कि बुधवार को 730 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन दिल्ली में सप्लाई की गई है, जो सुप्रीम कोर्ट के 700 मीट्रिक टन के आदेश से ज्यादा है. केंद्र सरकार ने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन का स्टॉक मौजूद है.

केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के आदेश के खिलाफ बुधवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले पर तुरंत सुनवाई की इजाजत दी थी. दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को इस मामले पर फटकार लगाते हुए ऑक्सीजन की खरीद और दिल्ली सहित अन्य राज्यों को ऑक्सीजन सप्लाई की निगरानी करने वाले अधिकारियों से कल की सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने को कहा था.

केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कहा था कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र के खिलाफ ऐसे समय में अवमानना की कार्रवाई शुरू की है. जब केंद्र के अधिकारी इस मुद्दे पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश कर रहे हैं. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि दिल्ली की मांग ज्यादा है और उसके मुताबिक संसाधनों की जरूरत है. केंद्र ने कहा कि दिल्ली में 500 MT ऑक्सीजन (Oxygen) से भी काम चल सकता है.

जस्टिस चंद्रचूड़ ने इससे इनकार करते हुए दिल्ली में 700 MT मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई करने का आदेश दिया था. जस्टिस शाह ने टिप्पणी करते हुए कहा, ‘ये एक राष्ट्रीय आपदा है. ऑक्सीजन की कमी की वजह से लोगों की मौत हुई है. अदालत ने साफ कहा कि दिल्ली को 700 MT ऑक्सीजन मिलनी चाहिए, उससे कम हमें मंजूर नहीं होगा.

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