कैथल जिले में राजनीतिक दलों के अनेक नेता इधर से उधर हुए शामिल,भाजपा नेत्री ने भूपेंद्र हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस को किया ज्वाइन

जिला पार्षद एवं भाजपा नेत्री ने भूपेंद्र हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस को किया ज्वाइन
भाजपा छोड़कर आज़ाद चुनाव लड़ने वाले भाजपा नेताओं को किया पार्टी से निष्कासित
इनेलो उम्मीदवार ने आज़ाद उम्मीदवार को दिया अपना समर्थन
राजनीतिक उथल-पुथल के नाम गुजरा शुक्रवार का दिन
कैथल जिले में राजनीतिक दलों के अनेक नेता इधर से उधर हुए शामिल
कैथल,  (कृष्ण प्रजापति): कैथल जिले में शुक्रवार का दिन राजनीतिक चर्चाओं का दिन रहा, जहां कलायत विधानसभा की भाजपा नेत्री, जिला पार्षद एवं भाजपा जिला उपाध्यक्ष शकुंतला वजीरखेड़ा ने अपने समर्थकों सहित भाजपा छोड़कर कांग्रेस को ज्वाइन किया तो दूसरी ओर भाजपा पार्टी से टिकट न मिलने के कारण आजाद चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरे जिले के 3 प्रत्याशियों को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा निष्कासित किया गया है। तीसरा मामले में पुंडरी से इनेलो उम्मीदवार ज्ञान सिंह गुर्जर एडवोकेट ने अपना समर्थन इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला के साथ कथित विचार विमर्श के बाद आजाद उम्मीदवार रणधीर सिंह गोलन को दिया है व विधानसभा चुनाव उनको जीताने में उनकी प्रत्येक मामले में मदद का आश्वासन भी दिया है। चौथे मामले में इनेलो एससी सेल के प्रदेश स्तर के पदाधिकारी ने आज कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन किया है। जिले की इन राजनीतिक गतिविधियों की चर्चा न केवल जिले में बल्कि प्रदेश भर में रही। भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाली भाजपा नेत्री ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में बालू गांव में आयोजित एक रैली के माध्यम से अपना कांग्रेसी होने का सबूत पेश किया व कलायत से कांग्रेस प्रत्याशी जयप्रकाश जेपी को समर्थन देने का ऐलान किया। इससे पूर्व अपने निवास पर एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित करके भाजपा छोड़ने की घोषणा करते हुए जिला पार्षद एवं जिला उपाध्यक्ष भाजपा नेत्री शकुंतला वजीरखेड़ा ने पत्रकार वार्ता में भारतीय जनता पार्टी पर अनेक गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में कार्यकर्ताओं की कोई सुनवाई नहीं होती और कार्यकर्ताओं को उचित मान-सम्मान भी नहीं मिलता। वर्ष 2014 में इनेलो छोड़कर भाजपा में शामिल हुई भाजपा नेत्री शकुंतला वजीर खेड़ा ने कहा कि उनका भारतीय जनता पार्टी में किसी भी कार्यकर्ता के सार्वजनिक कार्य में कभी भी पार्टी नेताओं का कोई सहयोग नहीं रहा। जिला पार्षद बनने में भी जब वे गांवो में भारतीय जनता पार्टी की झंडी लगाकर वोट मांगने के लिए जाती थी तो लोग भाजपा की खिलाफत करते थे और उन्होंने झंडी हटाकर चुनाव लड़ा तब जीत हासिल हुई थी। जिला परिषद में भी ग्रांट वितरण करने में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नीति सबका साथ सबका विकास को झूठा करार करते हुए कहा कि कलायत हलके के जितने भी पार्षद निर्वाचित हैं उनमें वे खुद भी शामिल हैं जिनको कभी भी आज तक सही तरीके से ग्रांट नहीं मिली है और उनके वार्ड में अनेक अधूरे काम है लेकिन पार्टी के पदाधिकारी होने के नाते वे चुप रहीं थी परन्तु अब सभी बातें असहनीय हो गई थी। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिला परिषद चेयरमैन अथवा कोई भी नगरपालिका के चेयरमैन बनने की बात हो, सभी में पैसे चलते हैं और इस सरकार में भी भ्रष्टाचार का बोलबाला है। भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का खेल खाकर पिछले काफी लंबे समय से चल रहा है और भ्रष्टाचार अभी भी खत्म नहीं हुआ है बल्कि बढ़ रहा है। भाजपा नेताओं पर अनदेखी के आरोप जिला पार्षद शकुंतला वजीर खेड़ा ने लगाए। गत दिवस में भाजपा प्रत्याशी कमलेश ढांडा के समर्थन में आयोजित रैली में मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा शिरकत किए जाने पर भी शकुंतला वजीरखेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा केवल जिलाध्यक्ष से इतना पूछा गया कि जिला पार्षद कौन है तो उन्होंने जिला अध्यक्ष ने मेरा नाम लिया लेकिन मुख्यमंत्री ने उनसे यह तक नहीं पूछा कि आपके वार्ड में काम हो रहे हैं या नहीं, जिला परिषद में आपकी सुनवाई हो रही है या नहीं, इस प्रकार की कोई बातचीत नहीं की गई जिसका उन्हें मलाल है। इसके अलावा नौकरियों में पारदर्शिता की बात को भी उन्होंने झूठा करार दिया। एसडीओ की भर्ती में 80 में से 78 कैंडिडेट बाहर से लगाए जाने को लेकर उनके मन में विरोध साफ जाहिर हो रहा था। दूसरे मामले में पुंडरी विधानसभा से इनेलो के उम्मीदवार एडवोकेट ज्ञान गुर्जर ने आज पार्टी के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला से विचार-विमर्श करने के बाद आजाद उम्मीदवार रणधीर गोलन को अपना समर्थन दिया है। इस मामले में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि गोलन की विचारधारा व गुण आदि से प्रभावित होकर वे उनको खुला समर्थन कर रहे हैं और इनेलो पार्टी के सभी कार्यकर्ता आज से ही पूंडरी हलके में रणधीर गोलन का समर्थन करेंगे।
तीसरे मामले में भारतीय जनता पार्टी का टिकट न मिलने से नाराज और आजाद चुनाव लड़ने वाले नेताओं के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने कार्यवाही की है और उनको 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित किया है। पार्टी से निष्कासित हुए नेताओं में पुंडरी से आजाद चुनाव लड़ रहे रणधीर सिंह गोलन और प्रोफेसर दिनेश कौशिक हैं, वहीं गुहला हल्का से आजाद चुनाव लड़ रहे देवेंद्र हंस को भी पार्टी द्वारा 6 वर्ष के लिए निष्कासित किया गया है। चौथे मामले में इनेलो के वरिष्ठ नेता रामदिया चावरिया ने आज इनेलो छोड़कर कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन किया है। इस राजनीतिक उठापटक का चुनाव परिणामों पर बेहद असर पड़ेगा।

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