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कैथल में ठेकेदारों के जरिए लगे कर्मचारियों के भ्रष्टाचार मामले में आखिर सरकार क्यों है चुप्प !

कैथल में ठेकेदारों के जरिए लगे कर्मचारियों के भ्रष्टाचार मामले में आखिर सरकार क्यों है चुप्प !
क्या भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई के मामले में बैकफुट पर आएगी भाजपा सरकार !
कैथल, 26 दिसम्बर (कृष्ण प्रजापति): भारतीय जनता पार्टी की सरकार खुद को पारदर्शी, ईमानदार, भ्रष्टाचार विरोधी सरकार होने का दावा कर रही है लेकिन कई जगहों पर भ्रष्टाचार के मामले उजागर होने पर भी कार्रवाई न किए जाने से सरकार की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। जहां आज करनाल में एक कंपनी का ठेका अनियमितताओं के चलते रद्द कर दिया गया लेकिन कैथल जिले के मामले में सरकार की साधी गई चुप्पी सवालों के घेरे में है क्योंकि कैथल जिले में स्वास्थ्य विभाग में ठेकेदार के जरिए लगे कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार की शिकायत सीएम, सीएम विंडो, पीएम तक को भी की लेकिन सरकार इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। इससे पहले भी कैथल रोडवेज विभाग में ठेकेदार के जरिए लगे सफाई कर्मचारियों से पंद्रह सौ से 2000 रूपए रिश्वत लेने का मामला काफी चर्चा में रहा था, जिसके बाद उक्त कंपनी का ठेका तो रद्द कर दिया था लेकिन कंपनी के खिलाफ, ठेकेदार के खिलाफ और अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही ना करके सरकार ने एक प्रकार से इस मामले को दबाने का प्रयास किया है। दूसरे मामले में स्वास्थ्य विभाग में लगे कर्मचारियों से भी पैसे मांगने के मामले सामने आ रहे हैं लेकिन सरकार इस मामले में चुप्पी तोड़ने का नाम नहीं ले रही है तो इस पूरे प्रकरण में भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजमी है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि भ्रष्टाचार के मामले पर सरकार बैकफुट पर आती नजर आ रही है। उधर अनिल विज द्वारा एकाएक सस्पेंड करने के आर्डर देने के बाद जहां सरकार व मंत्री की वाहवाही हो रही थी लेकिन एक सब इंस्पेक्टर द्वारा बेतुका तर्क देने के बाद उनके सस्पेंशन ऑर्डर को वापस लेना मंत्री के लिए बैकफुट पर आने से कम नहीं है क्योंकि अनिल विज को गब्बर और दबंग मंत्री कहा जाता है लेकिन पुलिस महकमे पर कार्रवाई करने के मामले में उनकी दबंगई भी फेल होती नजर आ रही है क्योंकि उनके सस्पेंशन ऑर्डर को पुलिस कर्मचारी धत्ता बता रहे हैं और ऐसे तर्क देकर सस्पेंड होने से बच रहे हैं। कैथल में स्वास्थ्य विभाग में पैसे देकर लग रहे कर्मचारियों ने इस मामले में ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बॉक्स– कल्पना चावला मेडिकल कालेज में अस्थाई नियुक्ति करने वाले ठेकेदार का ठेका सरकार ने किया निरस्त
हरियाणा सरकार ने सीएम सीटी करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कालेज में काम कर रहे अस्थाई कर्मचारियो की नियुक्ति करने वाली ठेकेदार कम्पनी केपी ग्रुप 9 सिक्युरिटी एंड हाउसकीपिंग सर्विस का ठेका रद्द कर दिया है। गौरतलब है कि कम्पनी पर लगातार पैसे लेकर भर्तियां करने के आरोप लग रहे थे। हालांकि अस्पताल प्रबंधन के सूत्रों ने कहा है कि कम्पनी पर अनियमितताओं के आरोप थे, जिसके बाद हरियाणा सरकार ने सम्बंधित कम्पनी का ठेका रद्द किया है। कुछ दिन पहले सांसद संजय भाटिया ने भी कम्पनी की कार्यशैली पर सवाल उठाये थे जिसके बाद माना जा रहा है कि हरियाणा सरकार में मामले पर संज्ञान लेकर सम्बंधित कम्पनी का ठेका रद्द कर दिया है। फिलहाल राधा कृष्ण कॉपरेटिव सोसाइटी को कल्पना चावला मेडिकल कालेज के कर्मचारियों से सम्बंधित कार्यभार सम्भालने के आदेश दिए गए है।

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