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क्या भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पाकिस्तान में इमरान सरकार के तख्ता पलट की ताकत रखते हैं?

क्या भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पाकिस्तान में इमरान सरकार के तख्ता पलट की ताकत रखते हैं?

 

11 दलों के महागठबंधन को इमरान ने मोदी की साजिश बताया।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि उनकी सरकार के विरुद्ध 11 राजनीतिक दलों का जो महागठबंधन बना है उसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की साजिश है। इमरान ने कहा कि मोदी नहीं चाहते कि मैं पाकिस्तान का प्रधानमंत्री रहंू।
इमरान के इस कथान के बाद सवाल उठता है कि क्या नरेन्द्र मोदी पाकिस्तान में तख्ता पलट की ताकत रखते हैं? क्या मोदी के इशारे पर पाकिस्तान के लाखों नागरिक इमरान सरकार के खिलाफ सड़कों पर आ सकते हैं? यदि इमरान का कथन सही है तो फिर पाकिस्तान में नरेन्द्र मोदी ही सर्वाधिक ताक़तवर और लोकप्रिय नेता हैं।
सब जानते हैं कि जन विरोधी नीतियों की वजह से पाकिस्तान में इमरान खान का इतना विरोध हो रहा है। इमरान खान को इस विरोध से बचना है। इसलिए इमरान भारत के प्रधानमंत्री का नाम घसीट रहे हैं। इससे यह बात तो साबित होती है कि इमरान खान को मोदी से बहुत डर लगता है। इमरान को लगता है कि पाकिस्तान में उनके विरुद्ध विपक्ष को एकजुट करने में मोदी की भूमिका है।
भारत के लिए यह अच्छी बात है कि पाकिस्तान के राजनीतिक दलों को एकजुट करने का श्रेय नरेन्द्र मोदी को दिया जा रहा है। यदि इमरान के कथन में सच्चाई भी है तो यह एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। 11 राजनीतिक दलों लोकतांत्रिक तरीके से एकजुट हुए हैं तथा इमरान खान की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई है।
आमतौर पर पाकिस्तान में भारत के खिलाफ ही प्रदर्शन होते थे। इन प्रदर्शनों में कश्मीर का मुख्य मुद्दा होता था, लेकिन इस बार प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ मूवमेंट हो रहा है। सब जानते हैं कि इमरान के पीछे बावजा के नेतृत्व वाली पाकिस्तान की फौज खड़ी है।
यदि इमरान को फौज का समर्थन नहीं होता तो अब तक प्रधानमंत्री की कुर्सी छीन जाती। लेकिन इसके बावजूद भी 11 दल एकजुट हुए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इमरान और सेनाध्यक्ष बाजवा का अपने ही मुल्क में कितना विरोध है। इस बार पाकिस्तान के नागरिकों को सेना की गोली का भी डर नहीं है। लाखों लोग सड़कों पर आकर इमरान और बाजवा का विरोध कर रहे हैं।

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