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दिग्विजय चौटाला (Digvijay Chautala)के राइट हैंड के घर क्वॉरेंटाइन का पोस्टर लगाने की चुकानी पड़ी कीमत

फर्ज का सरेआम गला घोंटने लगे जेजेपी के लोग

दिग्विजय चौटाला के राइट हैंड के घर क्वॉरेंटाइन का पोस्टर लगाने की चुकानी पड़ी कीमत

कोरोना योद्धा को 24 घंटे में ही कर दिया ड्यूटी से बेदखल

विज के विभाग में सरेआम धमकी ने किया सच को “तड़ीपार”

=====अटल हिन्द ब्यूरो ==

People of JJP started to strangle in public duty

Digvijay Chautala had to pay the price for putting the Quarantine poster in the right hand house.

Corona warrior evicted from duty in 24 hours

In Vij’s department, public intimidation made the truth “vindictive”

हिसार। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के करीबी लोग उनके बड़े रसूख का नाजायज फायदा उठाकर फर्ज का गला घोंटने का काम कर रहे हैं।
कोरोना महामारी के खिलाफ जान दांव पर लगाने वाले सरकारी अधिकारी को दुष्यंत चौटाला के परिवार के बेहद करीबी लोग ने केवल फर्ज अदा करने से रोकते हैं बल्कि सरेआम धमकी देकर 24 घंटे में ही उन्हें ड्यूटी से बेदखल भी करवा देते हैं।
हिसार में अर्बन स्टेट के साथ स्थित सत्या इंक्लेव में रहने वाले दुष्यंत चौटाला के परिवार के बेहद करीबी युवक सजल जैन के कोरोना पॉजिटिव होनेने की कथित रिपोर्ट वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम जीव वैज्ञानिक डॉ रमेश पूनिया के नेतृत्व में सुबह उनके घर पर पहुंच गई।

 

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सजल जैन ने टीम के साथ जाने से मना कर दिया। किसी तरह से टीम उन्हें मना कर दोबारा टेस्ट के लिए साथ ले गई।
कोविड-19 रोकथाम नियम के अनुसार संदिग्ध लोगों को रिपोर्ट आने तक आइसोलेशन में रखा जाता है और रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी 14 दिन तक क्वॉरेंटाइन मैं रखा जाता है।
सजल जैन ने उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए आइसोलेशन में रहने से इनकार कर दिया और रिपोर्ट आने से पहले ही सुबह 11 बजे जबरदस्ती घर पर आ गए।
उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आने पर डॉ रमेश पूनिया की टीम जैन के घर के बाहर कोविड-19 का पर्चा लगाने के लिए पहुंच गई।
सजल जैन ने पर्चा लगाने वाली टीम को 24 घंटे में अंजाम भुगतने की चेतावनी दी। रमेश पुनिया ने धमकी को अनदेखा करते हुए घर के बाहर क्वॉरेंटाइन का पर्चा लगा दिया।

 

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सजल जैन ने दुष्यंत चौटाला के परिवार का बेहद करीबी होने का सबूत देते हुए उनके रसूख के बलबूते पर 24 घंटे के अंदर ही डॉक्टर रमेश पूनिया को क्वॉरेंटाइन इंचार्ज और कोरोना शिकायत निवारण केंद्र के इंचार्ज से छुट्टी कराते हुए उनके विभाग में बैरिंग वापस भिजवा दिया।
डॉ रमेश पूनिया पिछले 2 महीने से लगातार अपनी जान को जोखिम में डालकर कोरोना महामारी के खिलाफ योद्धा के रूप में अपने फर्ज को अंजाम दे रहे हैं।
ऐसे कोरोना योद्धा को जेजेपी मुखिया के करीबी के खिलाफ फर्ज निभाना महंगा पड़ गया। सजल जैन ने 24 घंटे के अंदर ही देख लेने की धमकी दी थी और उसने अपनी धमकी को पूरा करके भी दिखा दिया।
जेजेपी से जुड़े हुए लोग इस तरह सरेआम फर्ज की जंग लड़ रहे योद्धाओं को सबक सिखाने का काम कर रहे हैं।

 

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उल्लेखनीय है कि सजल जैन उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के परिवार के बेहद करीबी हैं और दिग्विजय चौटाला के राइट हैंड माने जाते हैं।
सजल जैन दुष्यंत चौटाला के बलबूते पर ही पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में सीएम सूट में भी अक्सर अपनी कार्रवाई को अंजाम देते हुए देखे गए हैं।
डॉ रमेश पूनिया ने सिर्फ अपने ड्यूटी को इमानदारी से निभाते हुए क्वॉरेंटाइन का बोर्ड सजल जैन के घर पर लगाया था। जिसका बदला लेते हुए सजल जैन ने उन्हें फर्ज से बेदखल करवा दिया।
रमेश पूनिया के खिलाफ हुई कार्रवाई के चलते पूरे हिसार शहर में दुष्यंत चौटाला को लेकर नाराजगी फैल गई है।
सजल जैन को इतना दबंग बनाने में दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता।अनिल विज के विभाग में कोरोना से जंग लड़ रहे एक अधिकारी को बिना कसूर के ड्यूटी से बेदखल करने के लिए बड़ी शिफारिश की जरूरत होती है।
उसी सिफारिश के बलबूते पर डॉ रमेश पूनिया को फर्ज निभाने के इनाम के तौर पर सजा का तोहफा दिया गया।

 

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दुष्यंत चौटाला की नजदीकियों का फायदा उठाकर सजल जैन ने न सिर्फ फर्ज को सजा दिलाने का काम किया है बल्कि उसके साथ उसने जेजेपी मुखिया और उनकी सोच को भी बेनकाब कर दिया है जहां पर सच्चाई की जीत होने के बजाय बुराई को शह दी जा रही है।
सजल जैन के गलत होने के बावजूद डॉ रमेश पूनिया को सजा मिलना यह बताता है कि जेजेपी से जुड़े हुए लोग दुष्यंत चौटाला के बलबूते पर गलत कामों को बेशर्मी से अंजाम दे रहे हैं।
अपमान जलने वाले डाक्टर रमेश पूनिया ने सोशल मीडिया पर अपने 27 साल के सेवाकाल में सजल जैन के प्रकरण को सबसे अपमानजनक मामला बताया है जिसने उनकी आत्मा को गहराई तक पीड़ा देने का काम किया है।
अगर दुष्यंत चौटाला इसी तरह के दबंग लोगों को सरपरस्ती देने का काम करेंगे तो फर्ज इसी तरह अपमानित होता रहेगा।

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