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गुहला (guhla)अस्पताल के आईसोलेशन में रह रहे लोग जी रहे है कैदियों से भी बदतर जिंदगी

गुहला अस्पताल के आईसोलेशन में रह रहे लोग जी रहे है कैदियों से भी बदतर जिंदगी
सरकारी अस्पताल में कार्यरत एस.एम.ओ. व डाक्टर बरत रहे है लापरवाही
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दुर्दशा पर उठ रहे हैं सवाल !
कैथल/गुहला-चीका, 06 मई (कृष्ण प्रजापति): सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुहला में कोरोना वायरस को लेकर बनाए गए आईसोलेशन में रह रहे लोगों की जिंदगी डाक्टरों की लापरवाही के चलते कैदियों से भी बदतर हो गई है। जानकारी के अनुसार कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है, और सरकार एवं प्रशासन द्वारा लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे है, परंतु गुहला अस्पताल रह रहे लगभग तीन दर्जन लोगों को देखकर सरकार व प्रशासन के दावे हवा हवाई होते नजर आ रहे है। गुहला अस्पताल के आईसोलेशन में रह रहे दूसरे प्रदेशों से कंबाइन व रिपर आदि चलाकर आने वाले लोगों ने चिलचिलाते हुए प्रशासन व अस्पताल में कार्यरत डाक्टरों पर आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल में न तो उन्हें पीने के लिए पानी मिल रहा है और न ही समय पर खाना आदि। उनका कहना था कि वे कोरोना वायरस से तो पता नहीं मरेंगे या नहीं, परंतु जिस प्रकार से उन्हें यहां खाना, चाय व पानी आदि नहीं मिल रहा है उससे यह लगता है कि उनकी मृत्यु भूख से अवश्य हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कार्यरत एस.एम.ओ. व अन्य कोई भी डाक्टर उनके स्वास्थ्य को जांचने व उनके खाने-पीने का ठीक ढंग से प्रबंध करने की अपेक्षा अपने-अपने कमरों में ही रहते है। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में शौचालय की व्यवस्था भी बद से बदतर बनी हुई है, क्योंकि उक्त शौचालय की न तो साफ-सफाई की जाती है और न ही अस्पताल में रह रहे अधिकतर लोगों के पास मास्क हैं जिसके चलते उन्हें कोरोना वायरस की अपेक्षा अन्य बीमारियां अवश्य अपनी चपेट में ले लेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि इतना ही नहीं कि अस्पताल में न तो कोई नहाने आदि का प्रबंध और न ही उनके बीच कोई सोशल डिस्टेंसिंग रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके देख-रेख की व्यवस्था व खाने-पीने आदि का प्रबंध करने की जिम्मेवारी प्रशासन की बनती है, परंतु किसी भी प्रशासकीय अधिकारी द्वारा अभी तक उनका कोई हालचाल नहीं जाना गया है।
बॉक्स- क्या कहना है एस.एम.ओ. का !
इस संबंध में जब सरकारी अस्पताल में कार्यरत एस.एम.ओ. डा. संजीव गोयल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अस्पताल में रह रहे सभी लोगों के सैंपल टेस्ट हेतु लैब में भेजे गए है और उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा। डा. गोयल ने यह भी बताया कि उक्त लोगों की देख-रेख के लिए व्यापक प्रबंध है और अस्पताल में रह रहे सभी लोगों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था का भी प्रबंध है और सभी को समय अनुसार भोजन, चाय व पानी आदि दिया जा रहा है।

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