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गोहाना ने डुबोया था ,गोहाना से ही इनेलो की वापसी शुरू

गोहाना ने डुबोया था ,गोहाना से ही इनेलो की वापसी शुरू
इनेलो के वर्कर सम्मेलन में उम्मीद से ज्यादा जुटी भीड़
===अटल हिन्द ब्यूरो   ==
गोहाना। आज गोहाना में इनेलो को लेकर 2018 का नजारा याद आ गया।
2018 में देवीलाल जयंती को लेकर इनेलो ने गोहाना में बहुत बड़ी रैली का आयोजन किया था।
उस रैली में दुष्यंत चौटाला के पक्ष में हुई बड़ी हुटिंग ने चौटाला परिवार में विभाजन करने का काम किया।
इस विभाजन के कारण पैदा हुई जेजेपी जहां सत्ता की हिस्सेदार बन गई वहीं दूसरी तरफ 20 विधायकों वाली इनेलो एक विधायक पर सिमट गई।
इनेलो के लिए पिछले 3 साल बेहद खराब रहे। पार्टी को गर्दिश की खाई से निकालने के लिए अभय चौटाला जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं।
बरोदा उपचुनाव में इनेलो के ग्राफ को ऊपर उठाने के लिए अभय चौटाला 4 महीने से डटे हुए हैं।
सभी 54 गांवों का दौरा करके अभय चौटाला ने पार्टी के कैडर को मजबूत करने के लिए हर मुमकिन प्रयास किए हैं।
उस मेहनत का अंजाम देखने के लिए आज अभय चौटाला ने महम रोड पर शुभम पैलेस में कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया।
कार्यकर्ता सम्मेलन में आए वर्करों की संख्या और सैंकड़ों ट्रैक्टरों के साथ हुई आगवानी ने अभय चौटाला की मेहनत को सार्थक बताने का काम किया।
इनेलो के वर्कर सम्मेलन में उम्मीद से कहीं ज्यादा लोगों की संख्या नजर आई जो यह बता दी कि इनेलो वापसी के ट्रैक पर चल पड़ी है।
लोगों की बड़ी हाजिरी ने अभय चौटाला के विश्वास को मजबूत करने का काम किया और उन्होंने अपने भाषण में जीत का दावा भी पेश किया।
अभय चौटाला यह जानते हैं कि वर्करों के मजबूत होने पर ही वह उप चुनाव के दंगल में मजबूत चुनौती पेश कर पाएंगे और इसीलिए उन्होंने पूरी ताकत बरोदा उपचुनाव के लिए झोंक दी है।
इनेलो के स्थानीय नेताओं ने लगातार अभय चौटाला के साथ कंधे से कंधा मिलाते हुए मेहनत की है जिसके चलते इनेलो आज जेजेपी से आगे निकलती नजर आ रही है।
इनेलो के वर्करसम्मेलन में आए काफी लोग ऐसे भी थे जिन्होंने 2019 के विधानसभा चुनाव में जेजेपी का समर्थन किया था लेकिन किसानों के मुद्दे और दुष्यंत चौटाला की कार्यप्रणाली को लेकर जेजेपी से मोहभंग होने के चलते चौटाला परिवार का पुराना वोट बैंक दोबारा इनेलो के तरफ लूटता हुआ नजर आया।
कार्यकर्ता सम्मेलन ने अभय चौटाला और इनेलो के लिए ऑक्सीजन देने का काम किया है ।अब देखना यही है कि अभय चौटाला किस तरह को प्रत्याशी को मैदान में उतारते हैं क्योंकि प्रत्याशी का चयन ही यह तय करेगा कि इनेलो को बरोदा उप चुनाव में कितने वोट हासिल होंगे और यह वोटों की गिनती ही इनेलो के भविष्य को तय करने का काम करेगी। गोहाना की सरजमी ने ही इनेलो की लुटिया डुबोने का काम किया था और आज उसी गोहाना ने इनेलो को नई उम्मीद और ऑक्सीजन देने का काम किया।

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