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घायल को अस्पताल पहुंचाया क्या पुलिस या हस्पताल आपसे कुछ नहीं पूछेगा   : एसपी 

घायल को अस्पताल पहुंचाया क्या पुलिस या हस्पताल आपसे कुछ नहीं पूछेगा   : एसपी

कैथल, 01 अक्टूबर (अटल हिन्द ब्यूरो   )

किसी सडक दुर्घटना मे घायल होने वाले व्यक्तियों को हस्पताल मे पहुंचाने वाले नेक नागरीक से पुलिस या हस्पताल द्वारा किसी

तरह की पुछताछ नही की जायेगी। पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी सडक

दुर्घटना मे घायल हुए व्यक्ति को जो कोई भी नेक ईंसान उपचार के लिए नजदीकी हस्पताल मे लेकर जायेगा उससे पुलिस या

हस्पताल में कोई भी प्रश्न नही पुछा जायेगा। इस प्रकार के नेक इंसान के साथ किसी भी धार्मिकता, राष्ट्रीयता, जातिगत या

लैंगिकता आधार पर भेदभाव किए बगैर सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाएगा। ऐसे भले व्यक्ति जिसने दुर्घटना के बारे में पुलिस को

सुचित है, या जो सडक़ दुर्घटना के पीडि़त को अस्पताल ले गया है, को पुलिस या अस्पताल द्वारा आगे की किसी भी आवश्यकता के

लिए रुकने हेतू विवश नहीं किया जाएगा, तथा उसे तुंरत स्थान छोडऩे की अनुमति भी होगी। उसे घायल व्यक्ति केको अस्पताल में

दाखिल करवाने से संबधित किसी प्रक्रिया को पूरा करने हेतू विवश नहीं करने सहित घायल व्यक्ति के उपचार का चिकित्सीय व्यय

वहन करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

एसपी ने बताया की घायल व्यक्ति की पुलिस को सुचना देने वाले नागरीक को खुद का नाम-पता, मोबाईल फोन नंबर अथवा अन्य

बताने के लिए बाध्य नही किया जायेगा और यदि मदद करने वाला व्यक्ति स्वंम् स्वेच्छा से तो वह अपना नाम-पता, और घायल

व्यक्ति (अगर जानता है) का नाम पुलिस अधिकारी को बता सकता है। अस्पताल अपने अधिकारिक पत्र में ऐसे व्यक्ति का नाम,

पता, दुर्घटना का समय, तिथि, और स्थान की पुष्टि करते हुए कि घायल व्यक्ति को उपर्युक्त व्यक्ति द्वारा लाया गया था, के रुप में

अभिस्वीकृति प्रदान करेगा। घायल व्यक्ति को हस्पताल पहुचाने वाले नागरिक से घायल को दाखिल करवाते समय किसी प्रकार के

भुगतान की मांग नही की जायेगी जब तक की घायल व्यक्ति उसका परिवार का सदस्य या रिश्तेदार ना हो। इसके अतिरिक्त उस

भले व्यक्ति, जो दुर्घटना का प्रत्यक्षदर्शी है, और स्वेच्छा से प्रत्यक्षदर्शी साक्षी बनाना चाहता है, तो वह जांच प्रकिया में सहायता के

लिए अपने नाम और पते के अलावा प्रत्यक्षदर्शी साक्षी बनने की रजामंदी भी प्रकट कर सकता है। इस दौरान उसकी सुविधानुसार

समय और स्थान जैसे आवास या कार्यस्थल पर पुछताछ की जाएगी, जिसके दौरान अन्वेष अधिकारी सादे कपड़ों में होगा, परंतु

उक्त व्यक्ति सुविधानुसार पुलिस थाने का चयन कर सकता है, और ऐसे मामल में पूछताछ बिना किसी अनुचित विलंब के

समयबद्ध तरीके से और जहां तक संभव हो एक बार में पूरी की जाएगी। पुलिस अधिक्षक शशांक कुमार सावन ने आमजन से

सडक दुर्घटना मे घायल व्यक्तियो की निसंकोच मदद करने का आह्वान किया है

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति ATAL HIND उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार #ATALHIND के नहीं हैं, तथा atal hind उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है.

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