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चौटाला का बड़ा खुलासा इनेलो की सरकार बनने पर दुष्यंत ही बनते सीएम

चौटाला का बड़ा खुलासा
इनेलो की सरकार बनने पर दुष्यंत ही बनते सीएम-ओपी चौटाला
ओम प्रकाश चौटाला ने बयान किए दिल के जज्बात
परिवार के बंटवारे होने को मान रहे सबसे बड़ा नुकसान
दुष्यंत चौटाला की जल्दबाजी को ठहराया विभाजन के लिए जिम्मेदार
पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने आज चंडीगढ़ में मीडिया के सामने अपने दिल के जज्बात सांझे किए। पौने घंटे तक ओम प्रकाश
चौटाला ने इनेलो के विभाजन, परिवार के बंटवारे और सियासी नुकसान के बारे में एक-एक करके जवाब दिए।
चौटाला ने कहा अगर हम और दुष्यंत एक साथ होते तो जीत तय थी ।
अजय और मेरे जेल में होने के चलते हम दोनो सीएम बन ही नहीं सकते थे । अभय ने पहले ही इस पद से मना कर दिया था।ऐसे दुष्यंत को ही सीएम बनना था लेकिन उन्होंने जल्दबाजी की -ओपी चौटाला
दगाबाज और धोखेबाजों को अपनाकर दोबारा लोगों का नुकसान करवाएं हम उसके पक्षधर नहीं हैं: ओम प्रकाश चौटाला
आज दो लाख करोड़ का का कर्ज हरियाणा पर है लेकिन हमारी सरकार जब गई थी तो सरकारी कोष में खजाना भरा पड़ा था
20 नवंबर को कुरूक्षेत्र में ‘किसान बचाओ रैली’ के नाम से विशाल रैली करने जा रहे हैं उस रैली से प्रमाणित हो जाएगा कि लोग मौजूदा शासन से और बनाए गए कानूनों से कितना परेशान हैं
23 अक्तूबर से एक हफ्ते का बरोदा हलके का दौरा करेंगे, इस दौरान वो हलके के सभी 54 गांवों में जाएंगे और एक-एक मतदाता से खुला संपर्क करेंगे

चंडीगढ़, 14 अक्तूबर:(अटल हिन्द ब्यूरो ) इंडियन नेशनल लोकदल सुप्रीमो औम प्रकाश चौटाला ने बुधवार को चंडीगढ़ में अपने आवास पर प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का खुलकर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि देश की हालत बहुत खराब हैं वो भी सरकार की वजह से। हमारा कृषि प्रधान देश है और देश की अर्थवयवस्था कृषि पर आधारित है। किसान खुशहाल है तो देश खुशहाल है, किसान कंगाल है तो देश का बुरा हाल है। आज देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार है जिसमें हर वर्ग चाहे किसान है या कमेरा, व्यापारी है या कर्मचारी, कारखानेदार है या मजदूर, सभी परेशान हैं। आज हालत ये हैं कि प्रदेश की सरकार को हर महीने सरकारी कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए कर्ज लेना पड़ता है। आज दो लाख करोड़ का कर्ज हरियाणा पर है लेकिन हमारी सरकार जब गई थी तो सरकारी कोष में खजाना भरा पड़ा था।
इनेलो सुप्रीमो ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए काले कानूनों के खिलाफ हमारी पार्टी ने पूरे प्रदेश में धरने और प्रदर्शन किए हैं। अगले महीने 20 नवंबर को कुरूक्षेत्र में ‘किसान बचाओ रैली’ के नाम से विशाल रैली करने जा रहे हैं, उस रैली से प्रमाणित हो जाएगा कि लोग मौजूदा शासन से और बनाए गए कानूनों से कितना परेशान हैं। इस रैली में किसान संगठनों को न्योता देने के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि रैली में जो भी किसान संगठन पक्ष मेें होगा हम उनकी मिन्नत खुशामद कर के भी लाएंगे। उन्होंने कहा कि इनेलो अपना प्रत्याशी 15 अक्तूबर को घोषित कर देगा और 16 अक्तूबर को नामांकन दाखिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वो स्वयं भी 23 अक्तूबर से एक हफ्ते का बरोदा हलके का दौरा करेंगे। इस दौरान वो हलके के सभी54 गाँवों में जाएंगे और एक-एक मतदाता से खुला संपर्क करेंगे। उन्होंने कहा कि हमने अतीत में बहुत अच्छे निर्णय लिए हैं और भविष्य में भी ज्यादा अच्छे काम लोगों के लिए करेंगे।
इनेलो नेता ने कहा कि प्रदेश की सरकार से जनता ही नहीं बल्कि मंत्री भी नाखुश हैं। एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक बार वो एक बीमार मंत्री से मिलने गए तो उसने बताया की डीएसपी और एसएचओ के तबादले भी मुख्यमंत्री करता है उसके पास तो इतनी पॉवर भी नहीं है। यहां मंत्री की मुख्यमंत्री नहीं मानता और मुख्यमंत्री की कोई नहीं मानता। प्रदेश में प्रशाशन नाम की कोई चीज नहीं है।
इनेलो सुप्रीमो ने कहा कि जब हमारी सरकार थी तब हमने किसानों के हित में फैसले लिए, एक बार बाजरे की बंपर फसल हुई और उस वक्त की केंद्र की सरकार ने एमएसपी पर फसल खरीदने से मना कर दिया लेकिन हमने मंडी में आया किसान के बाजरे का एक-एक दाना खरीदा। इससे सरकार को बहुत नुक्सान हुआ था लेकिन हमने किसान का नुकसान नहीं होने दिया। आज ये भी पता नहीं किसान की फसल कौन खरीदेगा और कितने में खरीदेगा।
उन्होंने कहा कि जनतंत्र में सरकारें बदलती रहती हैं और आज के हालात को देख करके हमें भरोसा है कि निश्चित रूप से आने वाली सरकार इनेलो की होगी। लोग चार साल और निराश न हो इसलिए बरोदा का चुनाव प्रमाणित करेगा कि लोग क्या चाहते हैं। हमारी सरकार के समय में लोग सरकार के चक्कर नहीं काटते थे बल्कि ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत सरकार गांव में जाती थी। बतौर मुख्यमंत्री मैं हर गाँव में जाता था और जो मांग गांव के लोगों की तरफ से की जाती थी उसे उसी वक्त पूरा कर दिया जाता था।
पार्टी को छोड़ कर गए नेताओं की घर वापसी के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अशोक अरोड़ा जो हमारी पार्टी का अध्यक्ष था जिनको हमने बहुत ज्यादा सम्मान दिया हुआ था, वो चले भी गए चुनाव भी लड़ लिया हार भी गए अब फिर इस प्रयास में हैं कि दोबारा इनेलो में शामिल हो जाएं। रामपाल माजरा और परमेंद्र ढुल की घर वापसी पर उन्होंने कहा कि ये ही नहीं इनके साथ संपत सिंह भी इनेलो में वापस आना चाहते हैं।
जजपा के साथ मिलकर चुनाव लडऩे के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जब वो छोड़ कर चले गए थे उसके बाद भी उनसे यही कहा था कि मिलकर चुनाव लड़ लें लेकिन उन्होंने नहीं मानी। अगर हम इकठ्ठे होते तो प्रदेश में इनेलो की सरकार बननी थी, मैं और अजय सिंह तो मुख्यमंत्री बन नहीं सकते थे क्योंकि हम तो जेल में थे और अभय सिंह ने चुनाव लडऩे से मना ही कर दिया था तो उस समय चौथी पीढ़ी के लोगों को मौका मिलना था और आज दुष्यंत उप-मुख्यमंत्री की बजाय मुख्यमंत्री होता। उनकी घर वापसी पर इनेलो सुप्रीमो ने कहा कि बिच्छू की आदत होती है डंक मारना और जो बार-बार डंक खाएगा वो मूर्ख होगा या समझदार। उन्होंने रूपष्ट तौर पर कहा कि दगाबाज और धोखेबाजों को अपनाकर दोबारा लोगों का नुकसान करवाएं, हम उसके पक्षधर नहीं हैं।

 

Answering the question of contesting elections with JJP, he said that even after he left and told him to fight elections together, he did not agree. If we had gathered together, the INLD government was to be formed in the state, I and Ajay Singh could not have become the Chief Minister because we were in jail and Abhay Singh had refused to contest elections, then the fourth generation people at that time would get a chance. Had to meet and today Dushyant would have been the Chief Minister instead of Deputy Chief Minister. On his return home, INLD Supremo said that a scorpion has a habit of stinging and one who bites repeatedly will be stupid or intelligent. He frankly said that by adopting traitors and traitors to cause harm to people again, we are not in favor of him.

 

इनेलो में सक्रिय रूप से भूमिका निभाने के पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैंने कमांड छोड़ी ही कब थी और निभाई कब नहीं, मैं आज भी इनेलो का प्रेसिडेंट हूं और आखिरी फैसला तो मेरी ही कलम से होता है। वो इसलिए क्योंकि मैं अपने कार्यकर्ताओं को पूरा सम्मान देता हूं और पार्टी के जो कार्यकर्ता हैं उनका मेरे से विशेष लगाव है और वो मुझे प्यार करते हैं।

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