छूट का लाभ उठाएंगे तो पछताएंगे

छूट का लाभ उठाएंगे तो पछताएंगे

If you take advantage of the discount then you will regret


उमेश जोशी

घर, कार या अन्य लोन की EMI तीन महीने टाल कर खामख्वाह अपने ऊपर आर्थिक भार ना लादें। भारतीय रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में भारी कटौती के साथ घर, कार या अन्य लोन की मासिक क़िस्त (EMI) भरने पर भी तीन महीने की छूट दे दी है। इसका अर्थ यह नहीं है कि तीन महीने की क़िस्त माफ कर दी गई हैं। ये किस्तें तीन महीने खत्म होने के बाद वसूली जाएंगी। आप इसे ऐसे मान सकते हैं कि लोन चुकाने की अवधि तीन महीने आगे बढ़ जाएगी। इसके साथ तीन महीने का ब्याज लोन की बकाया रकम में जोड़ दिया जाएगा जो बाद में वसूला जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक 1000 रुपए की मासिक क़िस्त टालने पर 10 प्रतिशत ब्याज दर से लंबी अवधि में 25 रुपए अतिरिक्त चुकाने होंगे।

यह छूट बाद में भारी पड़ेगी इसलिए भलाई इस बात में है कि EMI टालने की कोशिश ना करें। जिनके पास EMI चुकाने के लिए आय के स्रोत है वे समय पर EMI चुका कर अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बच सकते हैं। यह योजना लोगों के लिए है जिनकी आय कोरोना महामारी के कारण प्रभावित हुई है और आर्थिक तंगी में हैं।

कुछ बैंकों में यह योजना स्वतः लागू हो जाएगी। यदि कोई अपनी EMI नहीं टालना चाहता है और समय पर भुगतान करना चाहता है तो वह अपने बैंक से फ़ोन पर संपर्क पर अपनी मंशा बता सकता है। बैंक की वेबसाइट पर जाकर भी अपना विकल्प चुन सकते हैं।

 

 

In some banks this scheme will be implemented automatically. If someone does not want to postpone his EMI and wants to pay on time, he can contact his bank over the phone to express his intention. You can also choose your option by visiting the bank’s website.

 

 

 

रिज़र्व बैंक के मुताबिक तीन महीने EMI टालने वाले का सिविल स्कोर भी प्रभावित नहीं होगा। केंद्रीय बैंक ने मोरेटोरियम का फायदा एनबीएफसी को भी उपलब्ध कराया है।

रिजर्व बैंक का यह फैसला सभी कमर्शियल, रूरल, सहकारी बैंकों से लिए गए लोन पर प्रभावी होगा। किसी हाउंसिंग फाइनेंस कंपनी से लिए गए होम लोन पर भी ईएमआई से तीन महीने की राहत मिलेगी। इस बात का ध्यान रहे कि यह सिर्फ तीन महीने ईएमआई टालने का विकल्प है; ईएमआई की तीन किस्तें कम नहीं होंगी।

ब्याज दरों में बड़ी कटौती
रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में 75 बेसिस प्वॉइंट की बड़ी कटौती कर दी है। इस कटौती के बाद अब रेपो रेट घटकर 4.4 फीसदी रह गया है। कोरोना वायरस के कारण अर्थव्यवस्था पर खतरा मंडरा रहा है। इसे देखते हुए मौद्रिक नीति समिति ने समय से पहले ही समीक्षा बैठक की। बैठक में 4 सदस्य बड़ी कटौती के पक्ष में थे। इसके पहले 4 अक्टूबर 2019 को आरबीआई ने ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वॉइंट की कटौती की थी और तब रेपो रेट 5.15 फीसदी रह गया था। फरवरी से अक्टूबर 2019 के बीच लगातार 5 बार में रेपो दरों में 135 बेसिस प्वॉइंट की कटौती की गई थी।

ब्याज दरों में बड़ी कटौती
रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में 75 बेसिस प्वॉइंट की बड़ी कटौती कर दी है। इस कटौती के बाद अब रेपो रेट घटकर 4.4 फीसदी रह गया है। कोरोना वायरस के कारण अर्थव्यवस्था पर खतरा मंडरा रहा है। इसे देखते हुए मौद्रिक नीति समिति ने समय से पहले ही समीक्षा बैठक की। बैठक में 4 सदस्य बड़ी कटौती के पक्ष में थे। इसके पहले 4 अक्टूबर 2019 को आरबीआई ने ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वॉइंट की कटौती की थी और तब रेपो रेट 5.15 फीसदी रह गया था। फरवरी से अक्टूबर 2019 के बीच लगातार 5 बार में रेपो दरों में 135 बेसिस प्वॉइंट की कटौती की गई थी।

मौद्रिक नीति की खास बातें
1. रिजर्व बैंक ने पहले से चल रहे होम, कार या अन्य लोन की ईएमआई के भुगतान को तीन महीने के लिए टालने का फैसला किया है।
2. रेपो रेट में 75 बेसिस पॉइंट की कटौती की गई है जो अब घटकर 4.4 फीसदी रह गया।
3. रिवर्स रेपो रेट में 90 बेसिस पॉइंट की कटौती की गई है। यह अब घटकर 4 फीसदी रह गया है।
4. कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) में 100 बेसिस पॉइंट की कटौती के बाद घटकर 3 फीसदी रह गया।
5. सीआरआर में 100 बेसिस पॉइंट की कटौती कारण बाजार में 1.37 लाख करोड़ रुपए आएंगे।

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