छोड़ना मत खा लेना -=दुनिया में ऐसा कौन सा बेहद स्वास्थवर्धक फल है जिसकी खूबियां अभी बहुत कम लोगों को ही मालूम है?

दुनिया में ऐसा कौन सा बेहद स्वास्थवर्धक फल है जिसकी खूबियां अभी बहुत कम लोगों को ही मालूम है?

ये है दुनिया का सबसे ताकतवर फल, इन गंभीर बीमारियों को खत्म करने की है क्षमता

इस फल की खेती देश के कुछ सीमित राज्यों में ही होती है। जिनमें तमिलनाडु, कर्नाटक, अंडमान निकोबार, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, आंध्रप्रदेश, और गुजरात जैसे राज्य शामिल हैं।
पोटेशियम से भरपूर नोनी फल में एंटी-वायरल, एंटी-ट्यूमर, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और इम्यूनिटी पावर को बढ़ाने वाले प्राकृतिक गुण होते हैं, जो हमारे शरीर में संचार प्रणाली, इम्‍यून सिस्‍टम, पाचन तंत्र, बालों और त्‍वचा के साथ टिश्‍यु और कोशिकाओं को बढ़ाने में मदद करते है। नोनी एक अकेला ऐसा फल है जिसमें 150 से अधिक स्वास्थ्यवर्धक औषधिय गुण होने का दावा किया जाता है।यह एंटी-एजिंग के रूप में भी काम करता है जिससे त्वचा में निखार आता है और त्वचा को जवां बनाए रखने में मदद करता है।
1.जो व्यक्ति सांस की बीमारियों से पीड़ित हैं उन्हें इसके जूस का सेवन काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसलिए अस्थमा जैसी बीमारियों से परेशान लोगों को इसका सेवन रोज सुबह-शाम करना चाहिए।

2.हड्डी रोग(अर्थराइटिस) जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों के लिए नोनी का जूस काफी लाभकारी सिद्ध होता है। यह शरीर के अंदर होने वाली हर कमी को दूर कर रोगों से निजात दिलाने का काम करता है।
3.नोनी फल में कई तरह के आवश्‍यक मिनरल्स और विटामिन्स पाए जाते हैं जो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। इससे स्त्रियों के बांझपन की समस्या भी दूर होती है। इसके साथ ही मर्दों की प्रजनन क्षमता बढ़ती है।

4 पुरुषों में नपुंसकता और स्त्र‍ियों में बांझपन की समस्या का हल भी है इस चमत्कारिक फल के पास। यह माहवारी संबंधी समस्याओं का भी निवारण करता है और पुरुषों में शुक्राणुओं का निर्माण भी।

5 इस फल का एक सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह आपको निरोगी रखकर, आपकी उम्र को 100 साल तक बढ़ा सकता है और लंबे समय तक आपको जवां बनाए रखने में मदद करता है।

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में एक सेमिनार में हुआ। कृषि वैज्ञानिक नोनी को मानव स्वास्थ्य के लिए प्रकृति की अनमोल देन बता रहे हैं।


हर बीमारी का इलाज सिर्फ इस फल से होता है, भारत में खोजा वैज्ञानिकों ने…
नोनी (मोरिंडा सिट्रोफोलिया) नाम के फल के सेवन से कोई भी बीमारी नही बच सकती, चाहे वो एड्स हो या कैंसर। आज नोनी फल आम लोगों के लिए जितना गुमनाम है, सेहत के लिए उतना ही फायदेमंद। इसके रूप में वैज्ञानिकों को एक ऐसी संजीवनी हाथ लगी है जो स्वास्थ्य के लिए अमृत समान है।

अस्थमा, गठिया, मधुमेह, दिल की बीमारी, नपुंसकता, स्त्रियों की बीमारिया एवम् बांझपन सहित कई बीमारियों के इलाज में रामबाण साबित हो रहा है। मात्र यही नही बल्कि पान-मसाला, गुटखा, तंबाकू की जिसे आदत है वे अगर नोनी खायेंगे या उसका जूस पिएंगे तो उनकी इस तरह की तरह आदतें छूट जाएँगी और कैंसर भी नही होगा। इस फल से प्रतिरोधक क्षमता इतनी अद्भुत तरीके से बढ़ती है की फिर एड्स क्यों न हो उसको भी यह क्योर करने का दम रखता है।

एक ताजा शोध के मुताबिक नोनी फल कैंसर व लाइलाज एड्स जैसी खतरनाक बीमारियों में भी कारगर साबित हो रहा है। वहीं भारत में वर्ल्ड नोनी रिसर्च फाउंडेशन सहित कई शोध संस्थान शोध कर रहे हैं। हाल ही में नोनी के इन रहस्यमयी गुणों का खुलासा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में एक सेमिनार में हुआ। कृषि वैज्ञानिक नोनी को मानव स्वास्थ्य के लिए प्रकृति की अनमोल देन बता रहे हैं।
इन वैज्ञानिकों के अनुसार समुद्र तटीय इलाकों में तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उड़ीसा, आंध्रप्रदेश, गुजरात, अंडमान निकोबार, मध्यप्रदेश सहित नौ राज्यों में 653 एकड़ में इसकी खेती हो रही है। वहीं कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व चेयरमैन व वर्ल्ड नोनी रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. कीर्ति सिंह ने कहा – “इस फल में दस तरह के विटामिन, खनिज पदार्थ, प्रोटीन, फोलिक एसिड सहित 160+ पोषक तत्व हैं।”

उन्होंने कहा कि – “इसके इतने पोषक तत्वों की मौजूदगी के चलते उच्च रक्तचाप, हृदय, मधुमेह, गठिया, सर्दी जुकाम सहित अनेक बीमारियों में औषधि के रूप में काम आता है ।” उन्होंने यह भी बताया कि, “यह फल एक बेहतरीन एंटी ऑक्सिडेंट है, यदि शुरू से इसका सेवन किया जाए तो कैंसर नहीं होगा, फाउंडेशन कैंसर व एड्स पर नोनी के प्रभाव का शोध कर रहा है।”

शहर में लगभग 25 एड्स मरीजों को नियमित नोनी का जूस पीने को दिया गया और लगातार उन पर ध्यान रखा गया जिसके पश्चात सकारात्मक परिणाम देखने को मिले और अब ज्यादातर मरीज बेहतर महसूस करते हैं। वहीं इसके अलावा मुंबई, बेंगलुर, हैदराबाद, चेन्नई सहित कई मेट्रो शहरों में दर्जनों कैंसर पीड़ितों को यह दिया जा रहा है जिन्हें अस्पतालों ने डिस्चार्ज कर दिया था।
ये भी देखा जा रहा है कि जिन मरीजों को नोनी दिया जा रहा है, उनकी उम्र भी बढ़ गई है। मगर अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि नोनी के सेवन से कैंसर व एड्स पूरी तरह ठीक ही हो जाएगा, शोध जारी है। वहीं नोनी के बारे में जागरूकता फैलने पर अब इस फल को लेकर दूसरे देशों में भी इस पर शोध चल रहे हैं। इस फल के उन गुणों और तत्वों के बारे में परीक्षण चल रहे हैं जिस कारण ये महत्त्वपूर्ण हो जाता है।

इस समय नोनी की उपयोगिता को ध्यान रखकर ही भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने कृषि स्नातक पाठ्यक्रम में दो साल से नोनी को शामिल कर लिया है। अंतत: नोनी हमारी सांकृतिक धरोहर है और इसका लाभ उठायें।

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चित्र सहित स्रोत जनरल इंडिया