जहरीली शराब के मामले में सरगना महिला, ट्रांसपोर्ट मालिक, कई ढाबा मालिक भी पाए गए दोषी

जहरीली शराब के मामले में 17 और काबू; गिरफ्तार किये गए दोषियों की कुल संख्या हुई 25
सरगना महिला, ट्रांसपोर्ट मालिक, कई ढाबा मालिक भी पाए गए दोषी
पुलिस द्वारा प्रभावित जिलों में 100 से अधिक छापेमारियां; सैंकड़ो लीटर लाहन की ज़ब्त
चंडीगढ़, 1 अगस्त:(अटल हिन्द ब्यूरो )
राज्य में जहरीली शराब के कारण हुई मौतों की संख्या बढक़र 80 हो गई है, पंजाब पुलिस ने शनिवार को प्रभावित तीन जिलों अमृतसर ग्रामीण, गुरदासपुर और तरनतारन में 100 से अधिक छापेमारी करते हुए 17 और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है और इसके साथ ही कई अन्य स्थानों जैसे कि राजपुरा और शंभू बॉर्डर के नजदीक भी छापेमारी की गई। इस केस में गिरफ्तारियों की कुल संख्या 25 हो गई है।
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किये मुलजिमों में माफिया मास्टर माइंड, एक महिला सरगना, एक ट्रांसपोर्ट मालिक, एक वांछित अपराधी और अलग-अलग ढाबों के मालिक / मैनेजर जहाँ नाजायज शराब की सप्लाई की जा रही थी, शामिल हैं।
छापेमारी करने वाली टीमों ने शंभू बॉर्डर, राजपुरा और पटियाले के आस-पास के क्षेत्र में अलग-अलग गाँवों और ढाबों से बड़ी मात्रा में लाहन बरामद की है। उन्होंने बताया कि छापेमारी ने कई जिलों में फैली नाजायज शराब के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। पटियाला जिला के शंभू, राजपुरा और बनूड़ के ढाबों जिनमें झिलमिल ढाबा, ग्रीन ढाबा, छिन्दा ढाबा शामिल हैं, को सील किया गया है।
गाँव बघौरा से 750 लीटर लाहन बरामद की गई, जहाँ से दो व्यक्तियों, सतनाम और रशम को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य व्यक्ति जिसकी पहचान लखविन्दर के तौर पर हुई है, भी दोषीयों में शामिल है।
सरगना दर्शन रानी उर्फ फौजन को बटाला पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जबकि एक अन्य अहम दोषी बीरी, जो गाँव दियो, थाना सदर तरन तारन से सम्बन्धित है, को भी नशीले पदार्थों की सप्लाई करने के दोष में गिरफ्तार किया गया है।
आज की गई छापेमारी के दौरान आजाद ट्रांसपोर्ट का मालिक प्रेम सिंह और भिन्दा (तरनतारन पुलिस द्वारा वांछित) को राजपुरा पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
डीजीपी के अनुसार रुपिन्दर सिंह उर्फ बिट्टू पुत्र गुरमेल सिंह निवासी थूहा के घर छापेमारी की गई थी परन्तु वह पिछले कई दिनों से वहां मौजूद नहीं था। बिट्टू, हरदीप सिंह उर्फ गोलडी, उर्फ कच्छू का दोस्त है, जिसको हाल ही में सीआईए जालंधर ग्रामीण ने गिरफ्तार किया था, और कच्छू की सकॉरपीओ गाड़ी बिट्टू की रिहायश से बरामद की गई थी।
झिलमिल ढाबे पर की गई छापेमारी के दौरान मैनेजर नरिन्दर सिंह को 200 लीटर लाहन सहित गिरफ्तार किया गया है। ढाबा मालिक हरजीत सिंह का नाम एफ.आई.आर. में शामिल है।
ग्रीन ढाबा, राजपुरा चंडीगढ़ रोड थाना जीरकपुर में 4/5 छोटे डिब्बों में लगभग 200 लीटर डीजल जैसा तरल पदार्थ बरामद हुआ, जो ट्रक चालक ढाबा मालिक को बेच रहे थे। उक्त ढाबे को भी सील कर दिया गया है और इसके मालिक गुरजंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है।
डीजीपी ने बताया कि मुलतानी ढाबा के मालिक नरिन्दर सिंह को भी इस केस में गिरफ्तार किया गया है।
एक अन्य व्यक्ति परमिन्दर सिंह के पास से 150 लीटर और बलजीत सिंह के पास से 200 लीटर लाहन बरामदन हुई है। इन दोनों व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
एक अन्य मुख्य मुलजिम को गिरफ्तार किया गया है जोकि तरनतारन से अमृतसर ग्रामीण क्षेत्र में जाली शराब लेकर जा रहा था। इसकी पहचान गोविन्दरबीर सिंह उर्फ गोबिन्दा पुत्र गुरमीत सिंह निवासी जंडियाला सीटी, थाना जंडियाला के तौर पर हुई है। वह अमृतसर ग्रामीण जिले में माफिया का मुख्य मास्टरमाईंड था।
डीजीपी ने मुलजिमों बारे बताया कि 6-7 पहचाने गए ढाबों पर स्प्रिट वाले ट्रक रुकते थे और ढाबा मालिकों ने ट्रक चालकों के पास से शराब इक_ा करके भिन्दा निवासी पीपला रोड, राजपुरा को बेच देते थे जोकि राजपुरा फैक्ट्री केस में दोषी था और बनूड़ के पास के एक गाँव का बिट्टू भी दोषी था। यह दोनों दोषी अमृतसर और आस-पास के इलाकों में शराब की सप्लाई करते थे।
छापेमारियां जारी हैं, एसएसपी पटियाला द्वारा राजपुरा में निजी तौर पर छापेमारी करने और दोषियों को काबू करने के लिए निगरानी की जा रही है। डीजीपी ने आगे कहा कि शराब की पूरी सप्लाई चेन को तोडऩे की कोशिश की जा रही है।
इसी दौरान गुरपाल सिंह पुत्र बूटा सिंह निवासी गाँव धोतियां, थाना सरहाली जिला तरन तारन, जिसको फिल्लौर में शराब की तस्करी केे दोष में 09.07.2020 को गिरफ्तार किया गया था, को इस तस्करी में शामिल अन्य व्यक्ति की पहचान के लिए प्रोडक्शन वारंट पर लाया जा रहा है। उसे थाना फिल्लौर पुलिस क्षेत्र में 4000 लीटर केमिकल / स्प्रिट के साथ गिरफ्तार किया गया था।
आबकारी कमिश्नर के अनुसार, चाहे कल के छापे के दौरान जब्त की गई सामग्री के रासायनिक विश्लेषण की रिपोर्टें आनी अभी बाकी हैं, परन्तु अब तक की गई जांच से पता चला है कि उक्त सामग्री डिनेचर्ड स्प्रिट थी जो आम तौर पर रंग / हार्डवेयर उद्योग में इस्तेमाल की जाती है।

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