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जींद के लोगों ने मांगी सरकार में हिस्सेदारी

जींद के लोगों ने मांगी सरकार में हिस्सेदारी
जाटलैण्ड में दोबारा कमल खिलाने में कामयाब हुए भाजपा प्रत्याशी डॉ. कृष्ण मिढ़ा
सन्नी मग्गू
जींद,27 अक्टूबर।
जाटलैण्ड में दोबारा कमल खिलाने में कामयाब हुए भाजपा प्रत्याशी डॉ. कृष्ण मिढ़ा एक बार फिर विधानसभा पहुँच गए हैं। जींद उपचुनाव में बड़ी जीत हासिल कर भाजपा की वापसी की नींव रखने वाले डॉ. कृष्ण मिढ़ा ने इस बार बदली परिस्थतियों में भी फिर जीत हासिल की। पिछली बार जहां उन्हों ने राहुल गांधी के करीबी रणदीप सुरजेवाला जैसे दिग्गज को हराया था वहीं इस बार दिग्गज कांग्रेसी मांगेराम गुप्ता के पुत्र और जेजेपी प्रत्याशी महावीर गुप्ता को 12476 वोटों से पटखनी दे कर जिले में भाजपा का झंडा बुलंद करने वाले एक मात्र विधायक बने हैं। जींद के लोगों का कहना है कि उपचुनाव में मुख्यमंत्री के कहने पर भाजपा प्रत्याक्षी का जिताया और अबकी बार भी जींद विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी डॉ. कृष्ण मिढ़ा को भारी मतों से जिताने का काम किया है। ऐसे में जींद के लोग भाजपा केंद्रीय नेतृत्व व मुख्यमंत्री से मांग करते है कि इस क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सरकार में जींद को कोई बड़ा हिस्सा मिले। जींद जिले के आसपास तकरीबन सभी सीटों पर भाजपा को भारी नुकसान हुआ है और बड़े-बड़े दिग्गजों को प्रदेश की जनता ने नकारा है। ऐसे में जींद से अगर डॉ. कृष्ण मिढ़ा को मंत्री बनाया जाता है तो भाजपा को जींद के आसपास के इलाकों में मजबूती मिल सकती है और भविष्य में यहा पर पार्टी की बड़ा फायदा हो सकता है। पिछले दस सालों से जींद में कोई मंत्रिपद नही होने से जींद प्रदेश में सबसे पिछड़े जिलों में तीसरे नंबर पर है। नारनौल और मेवात जैसे जिले जो पहले पिछड़े माने जाते थे,वे भी आज जींद से आगे हैं। साफ है कि किसी भी दल या नेता ने जींद को वह मुकाम नहीं दिलाया जिस का यह हकदार है। जींद जिले पहले इनेलो का गढ़ माना जाता था लेकिन अब जजपा ने पांच में से तीन सीटे जीत कर अपना वर्चस्व कायम कर लिया है। उधर सफीदों की सीट जीत कर कांग्रेस ने भी जिले में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। ऐसे में अगर भाजपा अगर जींद के विधायक को मंत्रिमंडल में स्थान देती है तो इस भविष्य में इस जिले में पार्टी का वजूद बचा रहेगा। क्षेत्र का विकास होगा और विधानसभा में समुदाय संतुलन भी बना रहेगा।
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5 में से 4 विधायक रहे मंत्री फिर नहीं हुआ विकास
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में जिले के लोगों ने पांचों सीटें कांग्रेस की झोली में डाल दी थी। इन पांच विधायकों में से उचाना से बीरेंद्र सिंह को वित्त मंत्री, नरवाना से रणदीप सुरजेवाला को परिवहन मंत्री, जींद से मांगेराम गुप्ता को शिक्षा मंत्री व सफीदों से बचन सिंह आर्य को आबकारी मंत्री बनाया गया था। बावजूद इसके जींद आज भी विकास के लिए तरस रहा है।
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मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री की शपथ के बाद बारी है प्रदेश में मंत्रिमंडल के गठन की। कायदे से हक तो जींद की जनता का भी बनता है जिन्हों ने सीएम की एक आवाज पर उपचुनाव में बड़े -बड़े दिग्गजों को हरा कर भाजपा को जिताया और सरकार की वापसी की नींव रखी। 9 महीने बाद बदली परिस्थियों में भी जींद के विधायक डॉ कृष्ण मिढा ही दोबारा जीत हासिल कर जींद जिले में पार्टी का वजूद बचाने में कामयाब हुए हैं। कई साल विपक्ष में रहने के कारण जींद की गिनती ऐसे पिछड़े इलाके में होने लगी है जिसे इस समय विकास की सख्त दरकार है,ऐसे में जींद की जनता ने एक बार फिर भाजपा विधायक को राज में हिस्सेदारी की आस में ही जिताया है। पंजाबी कोटे से मंत्री रहे मनीष ग्रोवर के इस बार विधानसभा में नही पहुँच पाने की भरपाई नई सरकार में डॉ कृष्ण मिढा को मंत्री पद दे कर की जा सकती है। यह जींद की जनता के लिए इनाम और ताकत दोनो का काम करेगा।

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