जेजेपी पर कोरोना का प्रभाव  नहीं चल रहा सब कुछ ठीक, , पार्टी नेताओं में नहीं एकजुटता

जेजेपी पर कोरोना का प्रभाव  नहीं चल रहा सब कुछ ठीक, , पार्टी नेताओं में नहीं एकजुटता

-अटल हिन्द ब्यूरो
चंडीगढ़। दिग्विजय चौटाला की अध्यक्षता वाली और दुष्यंत चौटाला की अगुवाई वाली जननायक जनता पार्टी में सब कुछ ठीक नजर नहीं आ रहा है।
गठन के 10 महीनों के अंदर सत्ता की हिस्सेदारी बनने का सुनहरा अवसर मिलने के बाद 5 महीनों के अंदर ही पार्टी में बिखराव के संकेत मिलने लगे हैं।
पार्टी के कई विधायकों की जहां उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के साथ ठीक पटरी नहीं बैठ रही है वहीं सरकार में एडजस्टमेंट नहीं होने के चलते पार्टी नेताओं में निराशा बढ़ती जा रही है।
अफसरशाही द्वारा सम्मान नहीं दिए जाने और काम नहीं करने के कारण जेजेपी वर्करों में भी नारनौंद के विधायक राम कुमार गौतम के डायलॉग “सौदा ए कुछ नहीं” कहने के हालात बन रहे हैं।
कोरोना महामारी के खतरे के बीच में भी जेजेपी नेताओं के बीच एकता दिखाई नहीं दे रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला की अगुवाई में जब कल चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को कोरोना रिलीफ फंड के लिए 51 लाख का चैक दिया गया तो साथ मौजूद नेताओं को देखकर सियासी विशेषज्ञ हैरान रह गए।
दिग्विजय चौटाला के साथ मौजूद अनंतराम तंवर, फूलवती, रणधीर सिंह और राजकुमार सैनी ऐसे चेहरे थे जिनकी प्रदेश की जनता में कोई सियासी पहचान नहीं है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष निशान सिंह के अलावा 8 विधायकों में से एक का भी इस अवसर पर मौजूद नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े कर गया है।

 

 


दिग्विजय चौटाला के साथ खानापूर्ति के नेताओं की मौजूदगी यह बता गई है कि जेजेपी में दुष्यंत और दिग्विजय बाकी बड़े नेताओं के चेहरों पर “चमक” लाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं। इसीलिए अधिकांश विधायकों और बड़े नेताओं के चेहरों पर निराशा और बेरुखी नजर आ रही है।
अलग-अलग कारणों के चलते पार्टी के नेताओं में लगातार नाराजगी बढ़ रही है।
अभी तक कोरोना महामारी के खिलाफ साथ मिलकर लड़ने के लिए भी पार्टी के विधायकों और दूसरे नेताओं में एकजुटता नहीं दिखाई दी है।
दुष्यंत चौटाला, दिग्विजय चौटाला और नैना चौटाला के अलावा अन्य किसी एक भी नेता या विधायक का इस महामारी के खिलाफ सामूहिक प्रयासों का कोई भी वीडियो जारी नहीं हुआ है। सभी विधायक अपने हलकों में जनता के बीच अपने हिसाब से जनता के लिए राहत का इंतजाम कर रहे हैं लेकिन पार्टी के स्तर पर जेजेपी नेताओं की एकजुटता कहीं नहीं नजर आई है।
यह बिखराव जेजेपी के लिए नकारात्मक संदेश दे गया है। ऐसे नाजुक मौके पर भी बड़े पार्टी नेताओं का दिग्विजय चौटाला के साथ मौजूद नहीं होना यह बता रहा है कि पार्टी नेताओं में दूरी बढ़ रही है जो जेजेपी के सियासी भविष्य के लिए ठीक संकेत नहीं कहा जा सकता।

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