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जैसे उनकी बेटी को जबरदस्ती जलाया गया वैसे ही चारों दोषियों को भी जलाकर मारा जाए  

जैसे उनकी बेटी को जबरदस्ती जलाया गया वैसे ही चारों दोषियों को भी जलाकर मारा जाए

पीड़ित परिवार ने किए कई खुलासे, कहा- पुलिस पर भरोसा नहीं, डीएम ने भी दी धमकी

हाथरस(एबीपी ) हाथरस के पीड़ित परिवार ने एबीपी से बातचीत में कई खुलासे किए. परिवार ने बताया कि कल एसआईटी की टीम ने उनसे मुलाकात नहीं की. गौरतलब है कि कल मीडिया को पुलिस ने ये कहकर रोका था कि परिवार से एसआईटी टीम मुलाकात कर रही है. इसीलिए जाने नहीं दिया जा सकता.आज  मीडिया को पीड़ित परिवार से बात करने की इजाजत मिल गई.

डीएम ने धमकाया
पीड़िता के भाई ने ABP न्यूज की टीम को बताया कि हम सभी का फोन सर्विलांस पर डाला गया है. डीएम ने हमें धमकाया है. परिवार ने कहा कि उन्हें डराया धमकाया गया. किसी से बात नहीं करने दी. यहां तक कि बाहर भी नहीं निकलने दिया. परिवार ने डीएम पर और भी आरोप लगाए हैं. पीड़ित परिवार ने बताया कि DM ने उनसे कहा कि जब खाते में 25 लाख रुपये आ गए हैं तो अब चुप हो जाओ. परिवार ने बताया कि डीएम ने कहा कि अगर उनकी बेटी कोरोना से मरती तो मुआवजा भी नहीं मिलता. डीएम ने परिवार से कहा कि पोस्टमार्टम हुई बॉडी को देख लोगे तो खाना नहीं खा पाओगे.

अंतिम संस्कार पर संदेह
पीड़ित परिवार ने अंतिम संस्कार को लेकर भी संदेह जताया है. परिवार ने कहा कि पुलिस को ये बताना चाहिए कि उन्होंने किसका अंतिम संस्कार किया है. परिवार ने ये भी पूछा कि पुलिस को बताना चाहिए कि किसके कहने पर युवती का अंतिम संस्कार किया गया. उन्होंने ये भी कहा कि मीडिया को इजाजत देना प्रशासन की एक चाल है.

पुलिस पर भरोसा नहीं
पीड़ित परिवार ने यूपी पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है. साथ ही परिवार ने कहा कि उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है. पीड़िता की बहन ने खुलासा किया है कि पुलिसवाले उनके घर भी आते हैं और फिर बाद में आरोपियों के घर पर भी जाते हैं. ऐसे में उन्हें पुलिस पर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा नहीं है.

चारों दोषियों को जलाया जाए
पीड़ित परिवार ने मांग की है कि जैसे उनकी बेटी को जबरदस्ती जलाया गया वैसे ही चारों दोषियों को भी जलाकर मारा जाए.

 

हाथरस मामले पर घिरे डीएम को लेकर लगातार नई-नई बातें सामने आ रही हैं. दरअसल उन्होंने पीड़िता के परिजनों से कहा था कि तुम लोग पोस्टमार्टम हुए शव को देख नहीं पाओगे, अगर देख लिया तो 10 दिन तक खाना नहीं खा पाओगे. इसी के चलते उसका चेहरा नहीं दिखाया गया और बिना दिखाए अंतिम संस्कार कर दिया.ऐसे में परिजनों का कहना है कि क्या उन्हें मृत बच्ची का चेहरा भी देखने का अधिकार नहीं है. गौरतलब है कि इससे पहले भी डीएम प्रवीण कुमार पर पीड़िता के परिजनों को धमकाने का आरोप लग चुका है.

हाथरस के डीएम का फिर असंवेदनशील बयान

उन्होंने कहा था, “मीडिया कल चला जाएगा, आपको बयान बदलना है या नहीं”. सामने आए वीडियो में डीएम प्रवीण कुमार गैंगरेप पीड़िता के परिजनों को धमकाते हुए सुने जा सकते हैं. डीएम कहते हैं, “आप सरकार की बात मान लो. आप बार-बार बयान बदलकर ठीक नहीं कर रहे हैं”. इसके अलावा भी डीएम ने परिजनों से कहा था कि अगर पीड़िता कोरोना से मरती तो क्या मुआवजा मिलता?

गौरतलब है कि पीड़िता की मौत के बाद परिजनों को शव नहीं सौंपा गया था. पुलिस वालों ने रात के अंधेरे में परिवार को बिना बताए शव का अंतिम संस्कार कर दिया. परिजन शव को रीति-रिवाज के साथ सुबह में अंतिम संस्कार करने की दुहाई देते रहे. लेकिन प्रशासन ने उनकी एक न सुनी. और आनन फानन रात में शव का अंतिम संस्कार कर दिया. प्रशासन ने पीड़िता के साथ गैंगरेप होने की बात से भी इंकार किया था.

पोस्टमार्टम हुए शव को नहीं देख पाएगा परिजन

शुक्रवार को परिजनों से मिलने गए राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को परिजनों से मिलने नहीं दिया गया. उससे नाराज मीडियाकर्मियों को पुलिसवालों से काफी उलझना पड़ा. पुलिसवालों ने मीडिया पर ऊपर से आदेश नहीं मिलने की दुहाई दी. हाथरस गैंगरेप मामले पर किरकिरी होते देख सरकार ने एसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर और कुछ अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. इधर राजनीतिक दलों और समाज सेवी संगठनों की तरफ से पीड़िता के समर्थन में जबरदस्त गुस्सा देखा जा रहा है. शुक्रवार को जंतर-मंतर पर नाइंसाफी के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया गया. बताया जा रहा है कि आज फिर राहुल और प्रियंका गांधी पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर सकते हैं.

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