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डीसी भिवानी  कार्यलय ने शिक्षा बोर्ड अधिकारियों की जांच रिपोर्ट को दो साल तक दबाए रखा।

डीसी भिवानी  कार्यलय ने शिक्षा बोर्ड अधिकारियों की जांच रिपोर्ट को दो साल तक दबाए रखा।
दो साल तक जिला उपायुक्त कार्यालय में दबाए रखी शिक्षा बोर्ड अधिकारियों की जांच रिपोर्ट
रिपोर्ट दबाने के मामले में स्टेट कमीशन में 07 अक्तूबर को होगी सुनवाई,
वैश्य मॉडल स्कूल में प्रशासक लगाने के लिए अब भेजी दबाई हुई जांच
रिपोर्ट पर डीसी ने सिफारिश
भिवानी, 04 अक्तूबर(अटल हिन्द ब्यूरो )
प्रशासनिक अधिकारी जनता की शिकायतों का निवारण करने और जांच पर कार्रवाई करने में कितनी संजीदगी दिखा रहे हैं, इसका खुलसा एक आरटीआई में मांगी गई जानकारी के जवाब में हुआ है। शिक्षा बोर्ड अधिकारियों की जांच रिपोर्ट को जिला उपायुक्त कार्यालय में दो साल तक दबाए रखा। रिपोर्ट दबाने के मामले में आरटीआई कार्यकर्ता ने स्टेट कमीशन में अपील लगाई। इसी दौरान प्रशासन ने भी आननफानन में दबाई हुई जांच रिपोर्ट पर संज्ञान लिया और फिर इसी जांच रिपोर्ट पर वैश्य मॉडल स्कूल में प्रशासक लगाए जाने की सिफारिश फर्म एंड सोसायटीज के जिला रजिस्टार को भेजी है। जबकि राज्य सूचना आयोग में रिपोर्ट दबाने के मामले की सुनवाई 07 अक्तूबर को होगी।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने एक जनवरी 2020 को वैश्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में गबन मामले की शिक्षा बोर्ड अधिकारियों द्वारा की गई जांच रिपोर्ट आरटीआई के जरिए मांगी थी।
बृजपाल सिंह ने बताया कि 2018 में शिक्षा बोर्ड अधिकारियों ने वैश्य मॉडल स्कूल में गबन मामले की दो जांच रिपोर्ट दी थी। जिसमें एक जांच रिपोर्ट 1461 व दूसरी जांच रिपोर्ट 1462 थी।
आरटीआई की प्रथम अपील 10 फरवरी को जिला उपायुक्त के समक्ष लगी। जिस पर आरटीआई की सूचना का कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद 23 मार्च को बृजपाल सिंह परमार ने राज्य सूचना आयोग के समक्ष अपील कर दी थी। इसी मामले में राज्य सूचना आयोग ने अब जिला उपायुक्त को नोटिस कर दिया और इसकी सुनवाई 07 अक्तूबर को होगी। बृजपाल सिंह ने बताया कि स्टेट कमीशन की सुनवाई से पहले ही जिला उपायुक्त ने 29 सितंबर को आरटीआई के जवाब में सुचना उपलब्ध करा दी। जिसे देख कर खुद आरटीआई कार्यकर्ता भी हैरान रह गया। बृजपाल ने बताया कि बोर्ड के तत्कालीन सचिव द्वारा अगस्त 2018 की जांच रिपोर्ट 1462 को दो साल तक डीसी
कार्यालय में ही दबाए रखा। जिसे अब 25 अगस्त 2020 को डीसी ने जांच रिपोर्ट पर अपनी सिफारिश कर फर्म एंड सोसायटीज के जिला रजिस्ट्रार को भेजी है। बृजपाल सिंह ने आरोप लगाया कि जिला उपायुक्त कार्यालय द्वारा दो साल तक जांच रिपोर्ट पर ही कुंडली जमाए रखी, जिस पर कोई कार्रवाई तक नहीं होने दी गई। लेकिन अब जिला रजिस्ट्रार ने डीसी कार्यालय से जांच रिपोर्ट
प्राप्त होने के बाद इसे 07 सितंबर को स्टेट रजिस्ट्रार के समक्ष स्कूल में प्रशासक लागू करने के लिए भेजा है।

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