Atal hind
Uncategorized

तरावड़ी अधर में लटका गरीबों का आशियाना, घर से बेघर हुए गरीब परिवार

तरावड़ी अधर में लटका गरीबों का आशियाना, घर से बेघर हुए गरीब परिवार
दूसरी किश्त न आने से कई उपभोक्ताओं ने ब्याज पर पैसे उठाकर भरी मकानों की नींवें
नगरपालिका के चक्कर काट-काटकर थक चुके उपभोक्ता, कोई अधिकारी नही कर रहा सुनवाई
तरावड़ी, 14 दिसम्बर (रोहित लामसर)। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब एवं मध्यम वर्ग के लोगों के लिए सिर दर्द बनकर रह गई है। अब तो इस आवास योजना का लाभ उठाने वाले पात्रों को यह लगने लगा है कि प्रदेश सरकार उन गरीबों का मजाक उड़ा रही हैं, क्योंकि योजना का लाभ उठाने के लिए  गरीब लोगों को अपने मकान की नींव भरी हुई दिखानी होती हैं। इसलिए कई गरीब एवं जरूरतमंद लोगों ने अपने पुराने मकानों को तोड़-फोड़कर कहीं से ब्याज पर रकम लेकर योजना का लाभ उठाने के लिए नीवें भर दी, लेकिन अब उन गरीब लोगों को सहायता राशि उपलब्ध नही करवाई जा रही हैं। अधिकारी यह कहकर उन्हें टरका रहे हैं कि उनका नाम लिस्ट में नही हैं। इसके अलावा जिन उपभोक्ताओं को एक-एक लाख रुपए की राशि मिल चुकी हैं, उन्हें दोबार से दूसरी किश्त भी उपलब्ध नही करवाई जा रही है, जिससे गरीब एवं मध्यम वर्ग के लोगों का आशियाना अधर में लटका रह गया।

बाक्स
नगरपालिका के चक्कर काटने पर मजबूर प्रत्येक वार्ड के लोग :- योजना के अनुसार पहली किश्त नीवं भरने पर  तो दूसरी किश्त मकान की दीवारें खड़ी करने के बाद मिलती हैं, लेकिन लोगों ने पहली किश्त का लाभ उठकार एक लाख रुपए की राशि मकान पर खर्च कर डाली, लेकिन इसके अब अब दूसरी किश्त मिलने में  लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे अब पुराने मकानों को तोड़कर नए बनाने के लिए किश्त के इंतजार में कई परिवारों के लोग घर से बेघर हो गए हैं। तरावड़ी के प्रत्येक वार्ड में  ऐसे कई परिवार हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किश्त नही मिल रही है। कई परिवार तो ऐसे भी हैं, जिन्हें पहली किश्त मिल चुकी हैं, लेकिन अब दूसरी किश्त को लेकर नगरपालिका के चक्कर पर चक्कर काटने को मजबूर हैं। लोगों ने प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है कि  उनकी किश्त जल्दी भिजवाई जाए, ताकि उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।

बाक्स
इस बारे में जब नगरपालिका के सचिव पवित्र गुलिया से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि लाभपात्रों की किश्त को लेकर नगरपालिका की ओर से डी.सी. को पत्र भेजा गया हैं। अब तक भी उनके पास कोई जवाब नही आया है। डी.सी. ने भी प्रदेश सरकार को पत्र भेजा हैं, वहां पर भी कोई जवाब नही मिला है। जैसे ही कोई जवाब मिलेगा तो पात्रों को सूचित कर दिया जाएगा।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति ATAL HIND उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार #ATALHIND के नहीं हैं, तथा atal hind उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है.

अटल हिन्द से जुड़ने के लिए शुक्रिया। जनता के सहयोग से जनता का मीडिया बनाने के अभियान में कृपया हमारी आर्थिक मदद करें।

Leave a Comment

URL