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नया मोड़ -यूनिवर्सिटी के वीसी सहित अधिकारियों पर दर्ज मामले में फार्मासिस्ट ने पुलिस पर लगाया आरोप

नया मोड़ -यूनिवर्सिटी के वीसी सहित अधिकारियों पर दर्ज मामले में फार्मासिस्ट ने पुलिस पर लगाया आरोप

नारनौल, (अटल हिन्द /रामचंद्र सैनी):

हरियाणा सेेंटर यूनिवर्सिटी के वीसी सहित कई अधिकारियों पर एक महिला की शिकायत पर निजात भंग के दर्ज मामले में अब नया मोड आ

गया है। अब यूनिवर्सिटी में नियमित पद पर कार्यरत फार्मासिस्ट मुकेश कुमार ने पुलिस पर यूनिवर्सिटी के अधिकारियों की मिलीभगत से

मानसिक रूप से परेशान करने, डराने व धमकाने का आरोप लगाया है। इस मामले में पीडि़त मुकेश कुमार ने रविवार को नारनौल के एसपी

चंद्रमोहन को एक ईमेल से शिकायत करके न्याय की गुहार लगाई है। मुकेश कुमार ने बताया कि उसने ईमेल की प्रति मानवाधिकार आयोग

में भी भेजी है।

फार्मासिस्ट मुकेश कुमार ने एसपी चंद्रमोहन को मेल से भेजी अपनी शिकायत में कहा है कि पिछले महीने 25 अगस्त को यूनिवर्सिटी के

अधिकारियों ने उसका मोबाइल साजिश के तहत छीन लिया था, जिसकी उसने 31 अगस्त को शिकायत करके एक सितंबर को एसपी से

व्यक्तिगत रूप से मिलकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद भी महेंद्रगढ पुलिस इस मामले में उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं

कर रही थी। मुकेश कुमार ने बताया कि अब तीन दिन पहले गत 24 सितंबर को यूनिवर्सिटी के वीसी रमेशचंद कुहाड व यूनिवर्सिटी के

अधिकारियों राजेश मलिक, जेपी भुक्कल, सत्यपाल मलिक, अमित संधु, प्रदीप ढुल, कुलवंत मलिक, जितेंद्र सिंह व संदीप ढुल पर एक

महिला कर्मी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ है।

पीडि़त ने एसपी को भेजी अपनी शिकायत में कहा है कि यह मामला दर्ज होने के बाद 26 सितंबर शनिवार को दोपहर करीब एक बजे

महेंद्रगढ के एसएचओ ने यूनिवर्सिटी परिसर में उसके आवास पर पहुंचकर बयान दर्ज करवाने के लिए कहा। फार्मासिस्ट ने कहा कि बयान

दर्ज करने के दौरान एसएचओ जयवीर व अन्य पुलिस कर्मियों ने उसको परेशान करना शुरू कर दिया तथा डंडे का डर दिखाकर फोन की

चेकिंग करने की बात कहकर मोबाइल जबरदस्ती ले लिया। जब उसने फोन की रिसीविंग मांगी तो थाने चलकर लेने के लिए कहा।

 

पीडि़त ने बताया कि इसके बाद एसएचओ ने उसे थाने बुलाकर प्रताडित किया और बार-बार कहने के बाद भी उसका मोबाइल नहीं दिया।

थाने में घंटों तक बैठाकर उसके साथ गाली-गलौच के साथ अभद्रता तक की गई और बुरी तरह डरा धमकाकर प्रताडि़त किया गया। इसके

बाद उसे थाने से बिना फोन और उसकी रिसीविंग दिऐ ही खाली हाथ भेज दिया गया। पीडि़त मुकेश कुमार ने बताया कि उसका फोन

एसएचओ ने 26 सितंबर को दोपहर दो और ढाई बजे के बीच ले लिया था लेकिन उसके मोबाइल पर उसके परिचितों ने व्हाटसअप शाम

साढ़े छह बजे बाद तक चालू हालत में देखा है। पीडि़त ने एसपी से शिकायत में कहा है कि उसे भय है कि उसके मोबाइल से छेड़छाड़

करके डाटा डालकर या चुराकर उसे बड़ी साजिश के तहत फंसाया जा सकता है। इसलिए उसके मोबाइल फोन की तमाम लोकेशन

 

निकलवाकर इस मामले की गहराई से जांच की जाये।

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