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नारनौल पुलिस में नही गब्बरसिंह(anil विज )का खौफ,पुलिस ने 24 घंटे बीत जाने के उपरांत मामला दर्ज नही किया

नारनौल पुलिस में नही गब्बरसिंह विज का खौफ
नारनौल। हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज जिन्हें गब्बर सिंह भी कहा जाता है लगता है उनका खौफ पुलिस विभाग में दिखाई नहीं देता। सरकार बेटी पढ़ाओ- बेटी बचाओ का नारा देते नहीं थकती। वही नारनौल पुलिस महिलाओं व बेटियों के सुरक्षा को लेकर आंख बंद किए हुए हैं। दो महिलाओं के साथ मार पिटाई की गई फलस्वरुप वह नारनौल के सामान्य अस्पताल में उपचाराधीन है। पीड़ित परिवार में केवल चार बेटियाँ और वृद्ध माता पिता है। महिलाओं के साथ मारपिटाई तथा आगजनी के बाद पुलिस और सरपंच की भूमिका सन्देहास्पद है।

ऐसा ही एक मामला नारनौल उपमंडल के गांव थाना में घटित हुआ। जहां एक सड़क व भूमि विवाद के दौरान महिलाओं से मार पिटाई की गई और का घर भी जला दिया गया। ओमपति पत्नी ईश्वर 65 साल तथा उनकी पुत्री रमेश पत्नी बिजेन्दर 35 साल नारनौल सामान्य अस्पताल में भर्ती है। रमेश के सिर तथा पेट पर गम्भीर चोंटें है। पुलिस ने 24 घंटे बीत जाने के उपरांत मामला दर्ज नही किया। आज सुबह सदर थाने से संजय नाम के पुलिसकर्मी द्वारा उनके बयान लिये गये। नारनौल थाना सदर प्रभारी ने पुलिस अधीक्षक को फोन पर गुमराह करने का भी प्रयास किया। मामले को जमीनी विवाद तथा एक पत्रकार का निजी मामला बनाकर पल्ला झाड़ने का प्रयास किया गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और अगर मामले को दर्ज करने में कही कोताही पाई गई तो दोषी कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के अनुसार गत मंगलवार तीन दिसम्बर लगभग 10:30 बजे के करीब थाना गांव में दो पड़ोसियों के बीच आपसी कहासुनी हो गयी। रामनिवास व रामधन की कोठी के बराबर में ही ओमवती पत्नी ईश्वर का छप्पर बना हुआ है। इन्होंने अपने घर के आगे पशुओं से बचाव के लिए कच्ची बाड़ लगाई हुई थी। इसी घर के नजदीक ग्राम पंचायत द्वारा सड़क निर्माण किया जाना था ।सड़क के बनाने के और बाड़ हटाने के बहाने विवाद को बढ़ाया गया और बात कहासुनी से बढ़कर मार पिटाई तथा आगजनी तक बढ़ गई। ओमवती पत्नी ईश्वर 65 वर्ष व रमेश 35 साल ने बताया कि उनके चार लड़कियां हैं तीन लड़कियों की उन्होंने शादी कर दी। एक 16 वर्षीय लड़की अभी कुंवारी है। घर पर पुरुष नाम के 65 वर्षीय उनके पति है जो अपंग है। ओमवती का आरोप है कि उनके पड़ोसी रामनिवास व रामधन के आलीशान मकान बने हुए हैं और उनके मकान के पास से ही गांव के आम रास्ते की जगह है। क्योंकि वे दबंग है और सरपंच गुट से संबंध रखते हैं इसलिए ग्राम पंचायत द्वारा उनके मकान के आगे रास्ते को छोड़कर उनके घर के आगे से जबरन कच्ची बाड़ हटाकर विवाद को हवा दे रहे हैं। गत मंगलवार राहुल पुत्र रामनिवास, मुकेश पुत्र रामधन व धवेश पुत्र रोशन ने उनके साथ न केवल मार पिटाई की अपितु उनके कच्चे छप्पर में आग लगा दी। जिससे घर का सारा सामान जलकर स्वाह हो गया। छप्पर के अंदर ही हाल ही में उन्होंने भैंस बेची थी उसके 80 हजार रुपये भी रखे थे, जो जलकर राख हो गए।

मामले की जानकारी सरपंच पुत्र राजेश से लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा कि गांव में अभी आगजनी की कोई घटना नहीं हुई जबकि वीडियो में वह वह उनकी सरपंच माता की उपस्थिति स्पष्टरूप से देखी जा सकती है। सरपंच पुत्र का यह भी कहना है कि कि उन्हें हाल में ही मोबाइल पर किसी ने जान से मारने की धमकी दी हुई है वह भी अपनी शिकायत को लेकर थाने में है। ओमपति की पुत्री रमेश पत्नी बिजेंदर का कहना है कि हमारे घर में चौकी कोई पुरुष नहीं है इसलिए हमारे पड़ोसियों ने लगातार पिछले 1 साल से हमारे ऊपर दबाव बनाया हुआ है ।पुलिस को बार-बार कल घटना की जानकारी देने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आज सुबह सदर थाना से संजय नाम का एक पुलिसकर्मी आया था जो उनके बयान लेकर चला गया। वही पुलिस ने कथित आरोपियों की आनन फानन में शिकायत ले ली।

इस मामले के बारे में जब पुलिस अधीक्षक से बात की गई तो उन्होंने सदर थाना अध्यक्ष पूरी जानकारी मांगी तब थाना प्रभारी ने उनको बताया कि कोई पत्रकार इस मामले में रुचि ले रहे हैं और वह मामले को हवा दे रहे हैं। पुलिस अपनी कमी को बचाने के लिए पत्रकार का सहारा ले रहे हैं जबकि पीड़ित पक्ष का किसी पत्रकार से कोई लेना-देना नहीं। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण का यह भी कहना है कि वह मामले की जांच पुलिस अधीक्षक स्तर पर करवा रहे हैं और मामला दर्ज करने में कहीं कोताही पाई जाती है तो वह दोषी कर्मचारी के खिलाफ अविलंब कार्रवाई करेंगे। मामले को दर्ज न किए जाने के बारे में वह किसी प्रकार का स्पष्ट वक्तव्य देने से बचते दिखाई दिए।

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