पंजाब में ज़हरीली शराब से 86 लोगों की मौत सामान्य ख़बर नहीं है,

 

 

सरकारी ख़ज़ानों की हलक सूखी तो शराब की दुकानें खोली गईं,ज़हरीली शराब से पंजाब में 86 लोगों की मौत

 

पंजाब में 86 लोगों की मौत सामान्य ख़बर नहीं है,

 

Liquor shops were opened when government coffers were dry, poisonous liquor killed 86 people in Punjab

====राजकुमार अग्रवाल ===

पंजाब से शुक्रवार को ख़बर आई थी कि मरने वालों की संख्या 21 है लेकिन अगले 24 घंटे के भीतर 86 हो गई है। ज़हरीली शराब का प्रकोप इतना व्यापक है। तालाबंदी के दौर में जब सरकारी ख़ज़ानों की हलक सूखी तो शराब की दुकानें खोली गईं। लोग टूट पड़े। लेकिन वक्त गुजरने के साथ आर्थिक तंगी ने लोगों को नशे के किस विकल्प की तरफ़ धकेला है हम नहीं जानते। कोई नहीं जानता। एक कारण बताया गया कि लोग ब्रांड शराब छोड़ कर कुछ और पीने लगे। और 86 लोगों की जान गई है।सरग़ना के तौर पर एक महिला की गिरफ़्तारी हुई है। इसके अलावा पुलिस ने दो दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। ढाबों पर छापे पड़ें हैं। इससे यह ज़ाहिर है कि बग़ैर पुलिस की जानकारी के इतना बड़ा नया नेटवर्क नहीं बन सकता है। छह पुलिस वाले निलंबित हुए हैं। पुलिस अब हरकत में आई है लेकिन कांग्रेस की सरकार तो इस वादे से आई थी कि चार महीने में नशे को ख़त्म करेंगे। अभी भी वहाँ से ड्रग्स की ख़बरें आती रहती हैं। ड्रग्स के नेटवर्क पर इस तरह से प्रहार नहीं हुआ है जिससे लगे कि वाक़ई सरकार ने उपलब्धि हासिल की हो। 86 लोगों की मौत सामान्य ख़बर नहीं है।पंजाब  सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए दो-दो लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में किसी भी लोक सेवक या अन्य को संलिप्त पाया जाता है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि जहरीली शराब के उत्पादन और बिक्री को रोकने में पुलिस और आबकारी विभाग की नाकामी शर्मनाक है.यही नहीं देश की लगभग सभी राज्य सरकारों ने कोविड -19 के चलते ही राज्य के खजानों को खाली बता कर शराब से राजस्व जुटाने और राज्य का घाटा पूरा करने के लिए शराब का सहारा लिया देश के लिए इससे ज्यादा शर्म की बात और क्या हो सकती है की जिस भारत में आज भी बंदे -मातरम बोला जाता है उस भारत देश की सरकार ने सभी राज्यों को ऐसा करने दिया।माना की कोरोना के चलते व्यापार -ठप्प हुए देश और राज्य सरकारों की आमदन कम हो गई लेकिन 73 साल से इकट्ठा किया जा रहा राजस्व कहाँ गया और तो और देश के सभी राज्य सरकारों का बजट हमेशा घाटे में रहता दिखाया जाता है आखिर जो राजस्व सरकारों के पास टैक्स के रूप में आता है उसका हिसाब -किताब सरकारें क्यों जनता को नहीं देती। क्यों देश में पंजाब, बिहार ,यूपी जैसी  ज़हरीली शराब  में गरीबों के मारे जाने की घटना घटती है  इसके पीछे आम आदमी का हाथ तो हो नहीं सकता और सिस्टम की मिलीभगत के बिना कोई अकेला आदमी इतना बड़ा जहर बेचने का धंधा अकेला नहीं कर सकता। हरियाणा में शराब घोटाला हुआ जाँच रिपोर्ट आई लेकिन दोषी कोई नहीं मिला ऐसा कैसे हो सकता है की करोड़ो रूपये का शराब घोटाला हो हरियाणा पोलिस शराब से भरे ट्रकों को भी पकड़ती है लेकिन सरकारी कमीशन की जाँच रिपोर्ट किसी को दोषी नहीं ठहरा पाती फिर किसी भी मामले का जाँच करवाने और कमीशन बैठाने पर करोड़ों खर्च करने का क्या फायदा जब मामले या घटना में कोई दोषी होता ही नहीं हरियाणा में करोड़ो की शराब आखिर किसकी थी और पंजाब में जहरीली शराब बेचने वाला कोण है जाँच बैठेगी कमीशन वक्त लेता रहेगा समय बीतता रहेगा जाँच पर करोड़ो रूपये का खर्च होगा कुछ समय बाद मामला ठंडा पड़ जाएगा लोग और जिनके परिवार वाले मरे है वे भी सब भूल जाएंगे जब तक जाँच रिपोर्ट आएगी।

 

86 deaths in Punjab are not common news

Liquor shops were opened when government coffers were dry, poisonous liquor killed 86 people in Punjab

==== Rajkumar Aggarwal ===

There was news on Friday from Punjab that the death toll is 21 but within the next 24 hours it has increased to 86. The outbreak of poisonous liquor is so widespread. During the lockout, liquor shops were opened when the circles of government treasuries were dry. People broke down. But with the passage of time, we do not know which side of the financial crisis has pushed people towards the alternative of drugs. nobody knows. One reason was told that people left the brand liquor and started drinking something else. And 86 people have lost their lives. A woman has been arrested as a prostitute. In addition, the police has arrested more than two dozen people. There are raids on Dhabas. It is clear from this that such a large new network of police information cannot be created without it. Six policemen have been suspended. The police has now come into action, but the Congress government had come with the promise that in four months they will end the drug. There is still news of drugs from there. The network of drugs has not been attacked in such a way that it seems that the government has actually achieved the achievement. The death of 86 people is not a general news. The Punjab government has announced a compensation of two lakh rupees for the families of the deceased. The Chief Minister said that if any public servant or others are found involved in this case, strict action will be taken against them. He said that the failure of the police and excise department to stop the production and sale of poisonous liquor is shameful. Not only this, almost all the state governments of the country have declared the state treasuries empty due to Kovid-19 and the revenue from liquor and the state. In order to meet the deficit, resorted to liquor, what could be more shameful for the country that the government of India, in which the country is still spoken today, allowed all the states to do so. Due to trade-cut the income of the country and state governments has reduced but where has the revenue being collected for 73 years and the budget of all the state governments of the country is always shown to be in deficit. It comes in the form of – why do the governments not give the book to the public. Why the incident of killing of the poor in poisonous liquor like Punjab, Bihar, UP happens in the country, the common man cannot be behind this and without the connivance of the system, no single person can do the business of selling such huge poison. Investigation report of liquor scam came in Haryana but no one found guilty. How can it be that liquor scam worth crores of rupees, Haryana police also catch trucks filled with liquor but government commission inquiry report can not convict anyone. What is the use of spending crores on getting the case investigated and commissioning, when no one is guilty in the case or incident, who was the crores of crores of liquor in Haryana and there is an angle selling poisonous liquor in Punjab, the commission will keep taking time and time will pass Crores of rupees will be spent on the investigation. After some time, the matter will get cold. People and those whose families are dead will also forget by the time the investigation report comes.

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