पूंडरी सीट पर पार्टी उम्मीदवारों के लिए आसान नहीं होगी जीत ! अपने ही लड़ रहे हैं अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव !

पूंडरी सीट पर पार्टी उम्मीदवारों के लिए आसान नहीं होगी जीत !

अपने ही लड़ रहे हैं अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव !

आज़ाद कैंडिडेट ने जीतकर जिस पार्टी के उम्मीदवार को हराया उसी दल को दिया है बाद में समर्थन !

कैथल/पुंडरी, 08 अक्तूबर (कृष्ण प्रजापति): बीजेपी ने पूंडरी हलके से एडवोकेट वेदपाल को चुनावी मैदान में उतारा है, लेकिन इस सीट पर बीजेपी के लिए जीत दर्ज करना उतना आसान नहीं होगा, क्योंकि पिछले चुनाव में हराने और हारने वाले दोनों ही नेता इस बार बीजेपी के खिलाफ खड़े हैं। कमजोर विपक्ष और लोकसभा चुनाव की जीत से लबरेज बीजेपी के लिए हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 फतह करना उनका मुश्किल नजर नहीं आ रहा है, लेकिन सूबे में ऐसी कई सीटें है, जहां बीजेपी को कड़ी टक्कर मिल सकती है। ऐसी ही एक सीट कैथल जिले की पूंडरी विधानसभा भी हैं, जहां बीजेपी को टक्कर देने वाले खुद उसके अपने ही हैं। एक वो जो 2014 में बीजेपी उम्मीदवार था और एक वो जिसने 2014 में मोदी लहर के बाद भी निर्दलीय चुनाव जीता था और भाजपा के उम्मीदवार को ही हराकर फिर जीतने के बाद भाजपा को ही समर्थन दिया था।

  

बॉक्स– पूंडरी की सीट जीतना नहीं उतना आसान जितना हो रहा बखान !

बीजेपी ने पूंडरी हलके से एडवोकेट वेदपाल को चुनावी मैदान में उतारा है, लेकिन इस सीट पर बीजेपी के लिए जीत दर्ज करना उतना आसान नहीं होगा, क्योंकि पिछले चुनाव में हराने और हारने वाले दोनों ही नेता इस बार बीजेपी के खिलाफ खड़े हैं। दरअसल हम बात कर रहे हैं 2014 में पूंडरी से बीजेपी के उम्मीदवार रहे रणधीर गोलन और निर्दलीय विधायक दिनेश कौशिक की जोकि बीजेपी को टक्कर देंगे।
रणधीर गोलन टिकट घोषणा से पहले तक बीजेपी का ही हिस्सा थे, वहीं दिनेश कौशिक भी निर्दलीय होने के बावजूद बीजेपी का ही समर्थन कर रहे थे। दोनों को ही पूंडरी से बीजेपी की टिकट का प्रबल दावेदार भी माना जा रहा था, लेकिन जब बीजेपी ने दोनों नेताओं की जगह एडवोकेट वेदपाल को टिकट दिया तो दोनों ने ही बीजेपी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया।

बॉक्स- 2014 में पूंडरी से निर्दलीय जीते थे दिनेश कौशिक

साल 2014 में पूंडरी विधानसभा से दिनेश कौशिक ने निर्दलीय ताल ठोकी थी। उस वक्त बीजेपी ने दिनेश कौशिक के सामने 25 साल से बीजेपी के साथ खड़े रणधीर गोलन पर भरोसा जताया था लेकिन एक बार फिर इतिहास दोहराते हुए निर्दलीय प्रत्याशी दिनेश कौशिक ने बीजेपी उम्मीदवार रणधीर गोलन को लगभग 4800 वोटों से हराया था। बाद में दिनेश कौशिक बीजेपी समर्थिक विधायक बन गए। यही नहीं दिनेश कौशिक ने लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए प्रचार भी किया।

बॉक्स– प्रो०दिनेश कौशिक और रणधीर गोलन थे टिकट के दावेदार

हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 के लिए दिनेश कौशिक और रणधीर गोलन दोनों ही बीजेपी की टिकट के दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन जब टिकटों की घोषणा हुई तो दोनों ही प्रबल दावेदारों की टिकट कट गई, जिसके बाद अब रणधीर गोलन और दिनेश कौशिक दोनों ही बीजेपी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।

बॉक्स– बीजेपी से एडवोकेट वेदपाल हैं मैदान में

माना जा रहा है कि बीजेपी ने रणधीर गोलन और दिनेश कौशिक दोनों की कलह को शांत करने के लिए पूंडरी से एडवोकेट वेदपाल को टिकट दिया है, लेकिन अब ये दोनों ही नेता निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में ये इस सीट से बीजेपी को कड़ी टक्कर मिलना तय है। राजनीतिक हालातो के अनुसार अबकी बार भी आज़ाद उम्मीदवार ही जीत दर्ज कर सकता है, लेकिन जीतने के बाद वो उम्मीदवार भाजपा को समर्थन देता है अथवा किसी अन्य दल को यह देखने वाली बात होगी। अभी जीत से सभी उम्मीदवार दूर ही नजर आ रहे हैं।

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