प्रदेश में धान की फसल की पराली को जलाने की सभी घटनाओं पर रोक लगाना सुनिश्चित किया जाए :  आनंद अरोड़ा

प्रदेश में धान की फसल की पराली को जलाने की सभी घटनाओं पर रोक लगाना सुनिश्चित किया जाए :  आनंद अरोड़ा
कैथल, 19 नवम्बर ( ) हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की पालना सुनिश्चित करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी जिला में धान की पराली जलाने की एक भी घटना न हो। किसानों को फसल अवशेषों के सही प्रबंधन हेतू जागरूक किया जाए।
मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों में धान की पराली के सही प्रबंधन एवं अन्य प्रबंधों की समीक्षा कर रही थी। उन्होंने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा धान फसल की पराली के सही प्रबंधन के संदर्भ में दिए गए आदेशों की पालना सुनिश्चित करते हुए किसी भी जिला में पराली जलाने की कोई भी घटना न होने दें। जिलों में इस संदर्भ में गठित की गई टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए जाएं तथा धान की पराली जलाने वाले किसानों के विरुद्घ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। नॉन बासमती धान की फसल की पराली न जलाने वाले लघु व सीमांत किसानों की सूचना भी उपलब्ध करवाई जाए।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने कहा कि गत 6 नवम्बर के बाद प्रदेश में धान की पराली जलाने की घटनाओं में काफी कमी दर्ज की गई है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसी भी जिला में धान की पराली जलाने की कोई घटना न हो ताकि पर्यावरण को स्वच्छ रखा जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नॉन बासमती किस्म के धान की फसल की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है तथा बासमती धान की कटाई भी 91 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है।
अतिरिक्त उपायुक्त राहुल हुड्डïा ने कहा कि जिला में उपमंडलाधीशों के नेतृत्व में निरंतर टीमों के साथ निगरानी की जा रही है। जिला में गठित सभी टीमों को सतर्क किया गया है। जिला के कुछ क्षेत्र में धान की पराली का प्रबंधन अभी शेष है। जिला प्रशासन द्वारा इस क्षेत्र में सभी कर्मचारी व कस्टम हायरिंग सैंटरों की मशीनरी को तैनात किया गया है ताकि पराली का सही प्रबंधन किया जा सके। बेलर्स भी इस क्षेत्र में शिफ्ट किए गए हैं। पेपर मिल के साथ भी किसानों को जोड़ा गया है तथा लगभग 10 हजार क्विंटल पराली पेपर मिल को भेजी गई है। उन्होंने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद संबंधित अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास एवं पंचायत तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे संबंधित क्षेत्र के सरपंचों व किसानों को मुनादी करवाकर पराली न जलाने बारे जागरूक करें।
इस अवसर पर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी जसविंद्र सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. कर्मचंद, उपमंडल कृषि अधिकारी सतीश नारा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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