फरीदाबाद पुलिस (police)ने पत्रकार पर दर्ज किया फर्जी मुकदमा, किया थर्ड डिग्री टॉर्चर,

Friends Auto India Ltd कंपनी का चेक बाउंस केस, पुलिस ने पत्रकार पर दर्ज किया फर्जी मुकदमा, किया थर्ड डिग्री टॉर्चर,
पत्रकारों में रोष, सिटी प्रेस क्लब करेगा न्याय की मांग

 

Friends Auto India Ltd check bounce case of the company, police files fake case against journalist, third degree torture,
Fury among journalists, City Press Club will demand justice

By–Yogesh Garg-

फरीदाबाद, 11 मई: (atal hind)लॉक डाउन के दौरान सरकार ने कंपनियों को मजदूरों कर्मचारियों की सैलरी ना काटने और उन्हें नौकरी से ना निकालने के निर्देश दिए हैं लेकिन फरीदाबाद स्थित फ्रेंड्स ऑटो इंडिया लिमिटेड कंपनी ने कई मजदूरों को नौकरी से निकाल दिया, यही नहीं करीब 80 मजदूरों को जो चेक दिया गया वो बाउंस हो गए। मुश्किल समय में पत्रकार पुष्पेंद्र सिंह ने मजदूरों की आवाज उठायी तो कंपनी ने पुलिस महकमें को अपने साथ मिलाकर पत्रकार को एक जगह पर बुलाकर धोखे से अरेस्ट करवा लिया और फटाफट मुकदमा दर्ज करवा दिया गया और ब्लैकमेलिंग सहित जान से मारने की धमकी देने और अन्य अनाप शनाप धाराएं लगा दी गयीं।

पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया और उनकी आँखों में मिर्ची झोंककर उन्हें अंधा करने का प्रयास किया गया। इसके अलावा उनके फेफड़े में कोई विषैला पानी डालने की बात की गयी की गयी और CIA ने कहा कि फेफड़े में यह पानी पहुँचने के बाद कोई आदमी दो ढाई महीनें से अधिक जिन्दा नहीं रह सकता। पत्रकार को जान से मारने की धमकी देकर सादे पेपर पर साइन करवाए गए। पत्रकार को जेल भेज दिया गया है।

पत्रकार से अमानवीय व्यवहार, पत्रकार विरादरी नाराज

फरीदाबाद के एक पत्रकार को सीआईए पुलिस द्वारा थर्ड डिग्री टार्चर देने के मामले में फरीदाबाद के सभी पत्रकारों ने कड़ी नाराजगी जताई है। पीडि़त पत्रकार ने सोमवार को अदालत में पुलिस द्वारा प्रताडऩा देने की बात भी कही।

बता दें कि बीते शनिवार को हरियाणा अब तक न्यूज पोर्टल के संपादक पुष्पेंद राजपूत व लाल सिंह के खिलाफ एक फैक्ट्री मालिक की शिकायत पर थाना सेंट्रल में भ्रष्टाचार निरोधी कानून व जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज करवाया गया था। सेंट्रल थाना सैक्टर 12 में पुलिस ने बिना किसी जांच के फैक्ट्री मालिक की शिकायत पर गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जबरन पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया।

रविवार को पुलिस ने पुष्पेंद्र राजपूत को अदालत में पेश कर दो दिन का रिमांड मांगा। मगर अदालत ने एक दिन का रिमांड दिया। सोमवार को पुष्पेंद्र राजपूत सहित दो लोगों को अदालत में पेश किया। इस दौरान अदालत परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए पुष्पेंद्र राजपूत ने आरोप लगाया कि रविवार की रात को उसे सैंट्रल थाने से सीआईए पुलिस जबरन उठाकर ले गई। वहां लेकर जाकर उसे थर्ड डिग्री देकर बुरी तरह से पीटा गया। उस पर दबाव डाल गया कि वह कबूल करे कि उसने फैक्ट्री मालिक से रुपए मांगे हैं। लेकिन जब उसने यह कबूल नहीं किया तो उसे उल्टा लटकाकर चार घंटे तक बुरी तरह से पीटा गया। उसके साथ आंतकवादी व बड़े क्रिमीनल की भांति व्यवहार करते हुए उसकी आंखों में मिर्ची डाली गई, उसके फेफडों में पानी डाला गया। इतनी बुरी तरह से टार्चर होने के बाद भी उसने यह स्वीकार नहीं किया। पुष्पेंद्र राजपूत ने अदालत को भी आप बीती बताई। माननीय अदालत ने पुष्पेंद्र व उनके वकील अश्वनि त्रिखा की दलील सुनने के बाद जहां पुलिस को मेडीकल करवाने के मौखिक आदेश दिए, वहीं पुष्पेंद्र राजपूत को 14 मई तक न्यायिक हिरासत में नीमका जेल भेज दिया गया।

पत्रकार पुष्पेंद्र राजपूत के साथ कू्रर बर्ताव को लेकर स्थानीय पत्रकारों में खासा रोष है। सिटी प्रेस क्लब फरीदाबाद ने पुलिस आयुक्त से मांग की है कि दोषी पुलिस वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करते हुए इस पूरे मामले की जांच करवाई जाए। क्लब ने कहा है कि सरकार के यह आदेश हैं कि किसी भी पत्रकार के खिलाफ आने वाली शिकायत पर डीसीपी स्तर के अधिकारी से जांच करवानी होगी। मगर इस मामले में पुलिस ने किसी भी तरह की जांच नहीं की। सांठगांठ के चलते पुलिस ने उद्योगपति की शिकायत पर सीधे पत्रकार पर मुकदमा दर्ज कर लिया और जबरन उस पर रंगे हाथों रिश्वत लेने का आरोप जड़ दिया। यही नहीं बल्कि पत्रकार पर उद्योगपति को जान से मारने की धमकी का मामला भी दर्ज किया गया है। इससे साबित होता है कि यह सारा मामला झूठा है। इसलिए वह इसकी न्यायिक जांच की मांग करते हैं।

उल्लेखनीय है कि पत्रकार पुष्पेंद्र राजपूत ने सैक्टर 23 में एक फैक्ट्री मालिक द्वारा अपने कर्मचारियों को वेतन ना देने व दिए गए सभी चैक बाऊंस होने की खबर प्रकाशित की थी। कर्मचारी उक्त फैक्ट्री पर प्रदर्शन कर रहे थे। इस खबर के चलने से उद्योगपति बुरी तरह से बौखला गया और उसने पुलिस से सांठगांठ कर पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया।

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