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हरियाणा  में 22 पॉजिटिव मिले  , 12521 लोग विदेश से लौटे हैं

हरियाणा 22 पॉजिटिव हुए ,आंकड़ा,,अभी तक 12521 लोग विदेश से लौटे हैं
फरीदाबाद में आया नया मामला महिला मिली संक्रमित,
अटल हिन्द/योगेश गर्ग
corona-
फरीदाबाद (अटल हिन्द ) हरियाणा में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या रूकने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को एक नया मरीज सामने आया है। हरियाणा में अब संक्रमित मरीजों की संख्या 22 हो गई है।

 

फरीदाबाद की एक महिला पॉजिटिव मिली है। जो एक निजी अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टर उस पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।महिला सूरजकुंड क्षेत्र की रहने वाली बताई गई है,जबकि उसका पति एमएनसी कंपनी में काम करता है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पति को भी संक्रमण हुआ है या नहीं,लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने उसे भी आइसोलेशन पर ले लिया है। फरीदाबाद सिविल अस्पताल के सीएमओ डा. कृष्ण कुमार ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जिले में संक्रमित लोगों की संख्या अब 4 हो गई है।

12531 लोग लौटे हैं विदेश से
हरियाणा में अभी तक 12521 लोग विदेश से लौटे हैं। वहीं 234 लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। 650 सैंपल टेस्टिंग के लिए भेजे गए थे,इनमें से 456 नेगेटिव मिले थे, 22 पॉजिटिव मिले जबकि 174 की रिपोर्ट का इंतजार है। पॉजिटिव मिले लोगों में सबसे ज्यादा 10 गुरुग्राम से हैं, इसके बाद पानीपत में 4, फरीदाबाद में 4, अम्बाला, पंचकूला, पलवल,सोनीपत में 1-1 मरीज मिला है। गुरुग्राम से 5 मरीजों और फरीदाबाद से 1 मरीज को ठीक होने पर घर भेजा जा चुका है।

 

अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य राजीव अरोड़ा ने अपील की है कि लोग घरों से न निकलें। विदेश से आए किसी व्यक्ति के संपर्क में न आएं। बचाव में ही बचाव है। एकांतवास में रहकर कोरोना से जल्दी निपटा जा सकता है। जो लोग विदेश से आने के बाद जांच कराने से बच रहे हैं और भूमिगत हैं,वे आगे आकर जांच कराएं,खुद के साथ ही औरों को भी सुरक्षित करें।

 

कोरोना से असल जंग लड़ रहा पैरा मेडिकल स्टाफ
हरियाणा में कोरोना से सीधी जंग लड़ रहे पैरा मेडिकल स्टाफ को मूलभूत सुविधाओं की दरकार है। कोरोना पाजिटिव मरीजों की तीमारदारी में लगे इस स्टाफ को अपने और अपने परिवार की चिंता सता रही है। ऐसे में अस्पताल में आने वाले संदिग्ध मामलों का गले का सैंपल ले रहे स्टाफ का आरोप है कि डाक्टर इस तरह के सैंपल लेने से बच रहे हैं। ऐसोसिएशन की मांग है कि जो डाक्टर महकमे में रिटायरमेंट के बाद दोबारा सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें भी फील्ड में उतारा जाए,अन्यथा इनकी नियुक्ति का कोई फायदा नहीं है।

 

 

 

साथ ही पैरा मेडिकल स्टाफ को थोक में सैनिटाइजर और पर्सनल प्रोटेक्शन किट उपलब्ध करवाई जाए जिससे वे समाज और अपने परिवार का भी बचाव कर सकें। पैरा मेडिकल के रहने खाने और कपड़े धोने का प्रबंध करवाया जाए। जिससे संक्रमण उनके घर पर न जा सके। पैरा मेडिकल की पिछले कई सालों से पोस्ट खाली हैं। समय पर अगर इन पदों पर नियुक्तियां कर दी जाती तो आज संकट के समय में यह काम आते।

 

 

 

एसोसिएशन के प्रधान रमेश कुमार ने मांग की है कि राज्य में अधिक से अधिक घरों का भ्रमण करके उनके टेस्ट करवाए जाएं,जिससे यह पता चल सके कि संक्रमण कहां कहां है। कई देशों में यह मुहिम चल रही है। एसोसिएशन का कहना है कि राज्य सरकार ने वीडीआरएल वायरल डिजीज रिसर्च लैब पांच से छह जगह खोलने की कोशिश की है। विज्ञापन निकाला है कि तीन माह के लिए अनुबंध के आधार पर स्टाफ लिया जाएगा। जबकि हर जिला अस्पताल में पैथेलॉजिस्ट माइक्रोबायोलाजिस्ट, एमबीबीएस डाक्टर और लैब टेक्नीशियन उपलब्ध हैं। उन्हीं को दो दिन की ट्रेनिंग देकर यह टेस्ट कराए जा सकते हैं। राज्य में खानपुर कलां और पीजीआई रोहतक में पहले से ही यह टेस्ट हो रहे हैं।

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